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Fact Check: यूपी सरकार द्वारा सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण को हटाने पर सांप्रदायिक दावा किया जा रहा शेयर

Authors

Believing in the notion of 'live and let live’, Preeti feels it's important to counter and check misinformation and prevent people from falling for propaganda, hoaxes, and fake information. She holds a Master’s degree in Mass Communication from Guru Jambeshawar University and has been a journalist & producer for 10 years.

Claim
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी जमीन पर बने मंदिर-मस्जिद में से सिर्फ मस्जिद को तोड़ा गया है।

Fact
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अकबर नगर में सरकारी जमीन पर बने मस्जिद और मंदिर दोनों को हटाया गया है।

सोशल मीडिया पर एक मस्जिद के ध्वस्त होने की वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने सरकारी जमीन पर बने मंदिर और मस्जिद में से सिर्फ मस्जिद को ध्वस्त किया है।

सपा नेता आई.पी. सिंह ने 19 जून 2024 को मस्जिद के गिरने की करीब एक मिनट लंबी वीडियो के साथ एक्स पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, “उत्तर प्रदेश में योगी सरकार को असल चिढ़ तो मस्जिद से है जिसे देर रात जमींदोज कर दिया गया। काश मठ मंदिरों पर बुलडोजर चलता जो सरकारी जमीनों पर सड़कें घेर कर मुख्य मार्गो पर खड़े हैं।” एक्स पोस्ट का आर्काइव यहाँ देखें।

यूपी सरकार द्वारा सरकारी जमीन पर बने अवैध
Courtesy: X/@IPSinghSp

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Fact Check/Verification

वायरल पोस्ट के कमेंट सेक्शन में कई एक्स यूजर्स ने इस दावे को गलत बताया है और लिखा है कि “जनता को भड़काइये मत, अकबरनगर की सरकारी जमीन पर बना मंदिर भी तोडा गया है।”

Courtesy: X/@iVivekSinghVns

इस जानकारी से संकेत लेते हुए हमने अकबरनगर में सरकारी जमीन पर बने मंदिर-मस्जिद को गिराने की जानकारी को गूगल पर की-वर्ड सर्च किया। 19 जून 2024 को नवभारत टाइम्स द्वारा वायरल वीडियो की तस्वीर के साथ प्रकशित रिपोर्ट में बताया गया है कि लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा अकबरनगर में सरकारी जमीन पर बनाये गए अवैध निर्माणों को हटाने के लिए 9 दिन तक चलाए गए अभियान में 24.5 एकड़ में बने करीब 1800 अवैध मकान, दुकानें और कॉम्प्लेक्स और मंदिर-मस्जिद को जमींदोज कर दिया गया है।

Courtesy: Navbharat Times

रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कुकरैल नदी के सौन्दर्यीकरण का आदेश आने पर जब सर्वे किया गया तो पता चला कि पूरा अकबरनगर नदी की जमीन पर ही बसा हुआ है। यहाँ कॉम्प्लेक्स, शोरूम, दुकानें, मंदिर-मस्जिद और बड़ी संख्या में घर बने हुए थे। इसके बाद एलडीए ने ध्वस्तीकरण के लिए नोटिस जारी किया। नोटिस के बाद जब कोई जमीन के मालिकाना हक का दस्तावेज पेश नहीं कर पाया तो एलडीए ने ध्वस्तीकरण का आदेश पास कर दिया।

इंडिया टीवी द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में अकबरनगर से मंदिर और मस्जिद दोनों के ध्वस्त किये जाने की तस्वीर दिखाई गयी है। इंडिया टीवी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल द्वारा पोस्ट की गयी वीडियो रिपोर्ट में भी मंदिर और मस्जिद दोनों के गिराए जाने की वीडियो दिखाई गयी है और बताया गया है कि यहाँ से चार मंदिर और चार मस्जिद को हटाया गया है।

Courtesy: India TV
Courtesy: India TV

अकबरनगर में अवैध निर्माण ध्वस्त करने के दौरान मंदिर और मस्जिद दोनों के हटाए जाने की पुष्टि करती अन्य मीडिया रिपोर्ट्स को यहाँ और यहाँ पढ़ें।

Courtesy: Aaj Tak

इस पर अधिक जानकारी के लिए हमने लखनऊ से रिपोर्टर सत्यम मिश्रा से बात की। फ़ोन पर हुई बातचीत में उन्होंने पुष्टि की कि अकबरनगर में सरकारी जमीन पर बनाये गए अवैध निर्माणों को हटाने के दौरान मंदिर और मस्जिद दोनों को ध्वस्त किया गया है।

Conclusion

जांच से हम इस निष्कर्ष पर पहुँचते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अकबरनगर में सरकारी जमीन पर खड़े मंदिरों को छोड़ सिर्फ मस्जिद को ध्वस्त किये जाने का दावा भ्रामक है, इस दौरान मस्जिद और मंदिर दोनों को हटाया गया था।

पढ़ें: अग्निपथ योजना में बदलाव का दावा करने वाला वायरल दस्तावेज फर्जी है

Result: Partly False

Our Sources

Report published by Aaj Tak on 19th June 2024.
Report published by Navbharat Times on 19th June 2024.
Report published by India TV on 19th June 2024.
Phonic conversation with reporter Satyam Mishra.

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