मंगलवार, नवम्बर 29, 2022
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दिल्ली नहीं गुजरात का है वायरल हो रहा हिंसा का ये वीडियो, दिसंबर 2019 की है घटना

Claim

यह लोग CAA का विरोध नहीं कर रहें है बल्कि भारत को तोड़ रहें है, कश्मीर का नज़ारा अब दिल्ली में भी देखा जा सकता है। इस पूरे आंदोलन को रावलपिंडी से कंट्रोल किया जा सकता है। 

 

Verification

दिल्ली में CAA को लेकर हुई हिंसा में अब तक मरने वालो की संख्या का आंकड़ा 30 के पार हो चुका है और 200 से अधिक लोग घायल हैं। इलाके में शांति बहाली के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। लेकिन सोशल मीडिया पर विरोध की चिंगारी थमने का नाम नहीं ले रही है। हिंसा को हवा देने के लिए सोशल मीडिया पर तरह -तरह की तस्वीरें, वीडियो और दावे वायरल हो रहें हैं। इसी दौरान हमारी टीम को ट्विटर पर एक वीडियो प्राप्त हुआ। वीडियो में कई लोगों की भीड़ को पुलिस पर पत्थरबाजी करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो शेयर करने वाले यूज़र का दावा है कि CAA विरोध के चलते एक समुदाय विशेष के लोग दिल्ली को कर्फ्यू वाले कश्मीर में तब्दील कर देना चाहते है। वीडियो को देखने पर हमने अपनी पड़ताल आरम्भ की। इस दौरान वीडियो को कुछ स्क्रीनशॉट्स के माध्यम से गूगल पर खोजने पर सबसे पहले यूट्यूब के एक free press journal नामक चैनल पर वायरल क्लिप की घटना से मिलता हुआ एक वीडियो मिला। 

वीडियो के शीर्षक में घटना को अहमदाबाद में हुए नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध का बताया गया है। इसके बाद हमने गूगल  ‘Anti-Caa protest in gujrat‘ कीवर्ड्स से खबरों को खंगाला। खोज के दौरान हमें Times Of India की वेबसाइट पर प्रकाशित एक लेख में वायरल वीडियो की घटना प्राप्त हुई है।

लेख के मुताबिक घटना दिसंबर 2019 में गुजरात के अहमदाबाद में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शन के दौरान घटित हुई थी। इन तथ्यों को परखने पर newschecker टीम की पड़ताल में वायरल वीडियो की घटना को गुजरात का पाया गया, जिसका दिल्ली हिंसा से कोई संबंध नहीं है।  

Tools Used 

  • Google search 
  • InVid 
  • Youtube Search 

 

Result-Misleading 

 

(किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044  या ई-मेल करें: [email protected])

Nupendra Singh
Nupendra Singh
A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encouraged Nupendra to work as a fact-checker. He believes one should always check the facts before sharing any information with others. He did his Masters in Journalism & Mass Communication from Lucknow University.
Nupendra Singh
Nupendra Singh
A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encouraged Nupendra to work as a fact-checker. He believes one should always check the facts before sharing any information with others. He did his Masters in Journalism & Mass Communication from Lucknow University.

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