मंगलवार, दिसम्बर 6, 2022
मंगलवार, दिसम्बर 6, 2022

होमहिंदीनेटफ्लिक्स से ली गई तस्वीर को कश्मीरी छात्र पर भारतीय सेना की...

नेटफ्लिक्स से ली गई तस्वीर को कश्मीरी छात्र पर भारतीय सेना की बर्बरता बताकर किया गया शेयर

Claim- 
Young Kashmiri student from Anantnag admitted in a local hospital after he was brutally attacked by Army with a pellet gun, his left eye is seriously damaged. Where is Humanity? Where is the UN?  
 
हिंदी अनुवाद – 
अनंतनाग क्षेत्र से एक जवान कश्मीरी छात्र को सेना द्वारा पैलेट बंदूक से हमला करने के बाद स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया, उसकी बाएं आँख पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गयी। इंसानियत कहाँ हैं? कहाँ है संयुक्त राष्ट्र ?
Verification– 
भारत सरकार द्वारा कश्मीर से धारा 370 समाप्त किये जाने के बाद से ही सोशल मीडिया में कई सन्देश तेजी से वायरल होते देखे गए हैं। एक यूज़र ने ट्विटर पर अस्पताल में भर्ती एक घायल व्यक्ति की तस्वीर शेयर कर दावा किया है कि, घायल व्यक्ति कश्मीरी छात्र है जो कश्मीर के अनंतनाग क्षेत्र से है। जहां भारतीय सेना ने उस पर पैलेट बंदूक से हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया। ट्विटर के इस पोस्ट को सैकड़ों लोगों द्वारा लाइक तथा रिट्वीट किया गया है।
Newschecker.in टीम को ट्वीट प्राप्त होने पर टीम के एक सदस्य द्वारा वायरल स्क्रीनशॉट के हॉलीवुड की किसी फिल्म का सीन होने का अंदेशा जताया। इसी आधार पर हमने अपनी पड़ताल आरम्भ की। जहां सबसे पहले स्क्रीनशॉट को गूगल पर खोजा।
खोज के दौरान IGN नामक वेबसाइट का एक लिंक प्राप्त हुआ। लेख में वायरल तस्वीर के साथ अगस्त 2019 को प्रकाशित एक लेख में पूरी जानकारी प्रकाशित हुई है। लेख के मुताबिक वायरल स्क्रीनशॉट एक नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘ब्रेकिंग बैड‘ के टेलर से लिया गया है। जहां फिल्म में ‘एरोन पॉल’ नामक व्यक्ति ने अभिनेता की भूमिका निभाई है।  असल में वही स्क्रीनशॉट ट्विटर पर वायरल हो रहा है।
 
हमें flipboard नामक वेबसाइट के एक लेख में वायरल तस्वीर प्राप्त हुई। यहाँ भी वायरल तस्वीर में दिख रहे व्यक्ति का नाम ‘एरोन पॉल’ बताकर वायरल तस्वीर के दृश्य को ‘breaking bad’ नामक फिल्म का बताया गया है।
इसके बाद हमने गूगल पर ‘एरोन पॉल’ नाम से भी खोजा। जहाँ हमें डेली मेल नामक वेबसाइट पर प्रकाशित एक लेख में ‘एरोन पॉल’ की तस्वीर मिली।
COMPARISON
newschecker.in टीम की पड़ताल में वायरल दावा गलत साबित हुआ है।
Tools Used 
  • Google Search
Result-False 
 (किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें ई-मेल करें: [email protected])
Nupendra Singh
Nupendra Singh
A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encouraged Nupendra to work as a fact-checker. He believes one should always check the facts before sharing any information with others. He did his Masters in Journalism & Mass Communication from Lucknow University.
Nupendra Singh
Nupendra Singh
A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encouraged Nupendra to work as a fact-checker. He believes one should always check the facts before sharing any information with others. He did his Masters in Journalism & Mass Communication from Lucknow University.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular