बुधवार, अक्टूबर 5, 2022
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महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की बचपन की एक तस्वीर को सोशल मीडिया पर डॉ भीमराव आंबेडकर की बताई गयी

Claim- 1-मिथक- #अंबेडकर बहुत मेधावी थे। सच्चाई – #अंबेडकर पूरी जिंदगी में सदैव थर्ड डिग्री में पास हुए। 2-मिथक – #अंबेडकर बहुत गरीब थे ! सच्चाई -जिस जमाने में लोग फोटो नहीं खींचा पाते थे उस जमाने में #अंबेडकर की बचपन की बहुत सी फोटो है वह भी कोट पैंट में

 
Verification- ट्विटर पर एक बच्चे की शर्ट-पैंट में एक तस्वीर वायरल हो रही है, तस्वीर शेयर करने वाले यूजर का दावा है कि यह तस्वीर “डॉ भीमराव आंबेडकर” की है, साथ ही यूजर का दावा है कि आंबेडकर एक मेधावी छात्र नहीं और न वह गरीब थे,भीमराव सदैव थर्ड डिग्री में ही पास हुए है। 
वायरल दावों का सच जानने के लिए हमने अपनी पड़ताल आरम्भ की। इस दौरान हमें सबसे पहले दावे के साथ वायरल हुई तस्वीर की जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया।   इस दौरान हमें सबसे पहले news18 की वेबसाइट पर प्रकाशित एक लेख में वायरल तस्वीर प्राप्त हुई।  
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न्यूज़ 18 की वेबसाइट पर प्रकाशित लेख से पता चला कि शर्ट-पैंट में बच्चे की वायरल तस्वीर डॉ भीराव आंबेडकर की नहीं बल्कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की है। 
इसके बाद प्राप्त तथ्य की पुष्टि के लिए हमने गूगल पर और बारीकी से खोजा इस दौरान हमें NDTV की वेबसाइट पर प्रकाशित एक लेख में भी वायरल तस्वीर प्राप्त हुई।  
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 इन लेखो को पढ़ने के बाद यह साफ़ हो गया की वायरल तस्वीर ‘डॉ भीमराव अंबेडकर’ की नहीं बल्कि महारष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की है।  इसके बाद पोस्ट में वायरल हुए उनके मेधावी छात्र न होने वाले दावे की सत्यता जानने के लिए हमने गूyगल पर खंगाला। जहां उनके डिग्रीयों की तो कोई सटीक जानकारी प्राप्त नहीं हुई लेकिन जागरण जोश की वेबसाइट पर प्रकाशित एक लेख से इस तथ्य की जानकारी प्राप्त हुई कि ‘डॉ भीम’ 64 विषयों में परास्नातक थे और उन्हें कुल 9 (हिंदी, संस्कृत, पाली, अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन ,पर्शियन, मराठी और गुजरती ) भाषाओँ का ज्ञान था।        
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newschecker.in की पड़ताल में वायरल दावा गलत साबित हुआ।  
 
Tools used 
Google Search 
Reverse Image Search  
 
Result- Fake 
(किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044  या ई-मेल करें: [email protected])
Nupendra Singh
Nupendra Singh
A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encouraged Nupendra to work as a fact-checker. He believes one should always check the facts before sharing any information with others. He did his Masters in Journalism & Mass Communication from Lucknow University.
Nupendra Singh
Nupendra Singh
A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encouraged Nupendra to work as a fact-checker. He believes one should always check the facts before sharing any information with others. He did his Masters in Journalism & Mass Communication from Lucknow University.

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