रविवार, अक्टूबर 2, 2022
रविवार, अक्टूबर 2, 2022

होमहिंदीसार्वजनिक स्थानों पर सुई चुभने से एड्स होने का दावा करने वाला...

सार्वजनिक स्थानों पर सुई चुभने से एड्स होने का दावा करने वाला सन्देश वायरल

Claim- 

सार्वजनिक जगहों पर भीड़ में एक सुई चुभने से आपको भी हो सकता है एड्स। 

 
Verification
 
व्हाट्सएप पर एक मैसेज वायरल हो रहा है। मैसेज में कहा गया है, ‘आप सार्वजनिक जगह जैसे बैंक सिनेमाघर या अन्य स्थानों पर सावधानी बरते । ऐसी जगहों पर एचआईवी-एड्स संक्रमित सूईयाँ रखी गई हैं। यह आपको चुभती है तो आप भी एड्स का शिकार हो सकते हैं। हमारे एक पाठक ने इस मैसेज की पड़ताल के लिए वाट्सएप्प मैसेज फाॅरवर्ड किया है।
 
 
एक ‘आईएएस’ अफसर के हवाले से वायरल हो रहे इस मैसेज में लिखा है कि ‘कुछ सप्ताह पहले एक मूवी थियेटर में एक महिला को महसूस हुआ कि जिस सीट पर वो बैठी है वहां उसे कुछ चीज चुभ रही है। जब उसने उठ कर देखा तो वहां एक इंजेक्शन की सुई थी जिसपर एक संदेश कागज पर लिखा हुआ था ” अब आप HIV रोग से संक्रमित हैं। हाल ही में पेरिस के रोग नियंत्रक केंद्र द्वारा वहां भी ऐसी कई घटनाएं फ्रांस के अलग-अलग शहरों में होने के प्रमाण दिए हैं। और जितनी भी सुई मिली है वे सभी HIV वायरस से संक्रमित थी। केंद्र ने यहां तक कहा है कि सुइयाँ बैंक्स के नकदी निकालने वाली मशीनों के खाँचो में भी मिली है। हम आप सभी से मात्र इतना चाहते है कि आप ऐसी क्रियाएं करने से पूर्व सावधानी बरतें। सभी सार्वजनिक बैठने के स्थानों पर बैठने से पूर्व एक बार तीक्ष्ण नजर से स्थान को देख कर ही बैठे और हम ये भी चाहते हैं कि आप ये संदेश अपने परिचितों तक अवश्य पहुंचाएं और उनसे भी कहें कि वे अपने परिचितों तक पहुंचाएं। 

हाल ही में दिल्ली के एक चिकित्सक के पास ऐसी ही एक  घटना दिल्ली प्रिया सिनेमा हॉल में देखने को मिली एक युवा कन्या जिसका विवाह तय हो चुका था और आने वाले महीने में विवाह संपन्न होना था उसके संग यह घटना घटित हुई और जो सुई उसे चुभी उसपर कागज में लिखा था ” HIV संक्रमित लोगों के परिवार में आपका स्वागत है ” चिकित्सक ने उस कन्या के परिवारी जनों को बताया कि संक्रमण को प्रभाव में आने के लिए कम से कम 6 महीने का समय लगेगा जिससे आपकी बेटी 4 या 5 वर्ष जीवित रह सकेगी किन्तु वह कन्या 4 महीने के भीतर ही देह त्याग गयी निसंदेह यह अचंभित कर देने वाली खबर है। हम सभी को सार्वजनिक स्थानों पर सचेत रहना चाहिये शेष सभी ईश्वर के हाथों में है। सोचिये आप इस संदेश को यदि किसी परिचित को भेजते है तो कुछ ही सेकेंड्स के प्रयोग से आप उसका जीवन बचा सकते हैं

सस्नेह, अरविंद खामिटकर
आई. ऐ. एस
डायरेक्टर ऑफ मेडिकल & रिसर्च डिवीजन
चेन्नई

 
इस वायरल मैसेज की सच्चाई जानने की लिए हमनें पड़ताल शुरू की। मैसेज में दिल्ली के वंसत विहार स्थित प्रिया सिनेमा हाॅल में घटना घटने का जिक्र था, इसलिए हमनें पीवीआर प्रिया सिनेमा के नंबर पर काॅल किया। कस्टमर केयर सेंटर की महिला ने Newschecker.in को बताया कि प्रिया सिनेमा पिछले पांच महीनों से बंद है और इस तरह की कोई घटना नहीं घटी है। हमनें इस बारे में गूगल भी खंगाला लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा।
 
मैसेज में चेन्नई के अफसर का नाम था इसलिए हमने चेन्नई में डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एंड रिसर्च डिवीजन के डायरेक्टर अरविंद खामिटकर को ढूंढना शुरू किया। पड़ताल में पता चला कि ना तो वहां अरविंद खामिटकर नाम का कोई आईएएस अफसर है और ना ही कोई इस तरह का संस्थान है। 
 
वहीं हमनें एड्स के वायरस को लेकर जानना चाहा तो गूगल में दैनिक जागरण की एक खबर मिली।
 
 
 
इस खबर के मुताबिक एचआईवी, एड्स का वायरस मनुष्य के शरीर में ही जीवित रह सकता है। खबर में लिखा है कि एड्स दिवस पर विश्वविद्यालय सभागार में ‘एचआईवी-मिसकन्सेप्शन्स एंड रियलिटीज’ पर हुई कार्यशाला में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की हेड प्रो. किरन पांडेय ने छात्रों को बताया कि – एचआईवी एड्स को लेकर तमाम भ्रांतियां हैं। यह ह्यूमन इम्युन डिफिशिएंशी वायरस (एचआईवी) सिर्फ मनुष्य के शरीर में ही जीवित रह सकता है। शरीर से बाहर आने के 25 सेंकेंड के भीतर मर जाता है। अगर संक्रमित व्यक्ति को मच्छर या कीड़े-मकोड़े काटकर दूसरे को काटते हैं तो भी संक्रमण नहीं होगा।
 
 
इससे साफ होता है कि सोशल मीडिया में भ्रामक दावा फैलाया जा रहा है। हमारी पड़ताल के दौरान यह सामने आया कि यह मैसेज पिछले तीन चार सालों से फेसबुक ट्वीटर और व्हाट्सएप पर वायरल हो रहा है। 
 
Tools Used 
 
  • Google keywords
  • Facebook Search
 
Result- False
Yash Kshirsagar
Yash Kshirsagar
After completing his post-graduation, Yash worked with some of the most renowned newspapers such as like Lokmat, Dainik Bhaskar & Navbharat for the past 6 years. To make sure that no incorrect news reaches people and to maintain peace and harmony in society, he chose to become a fact-checker.
Yash Kshirsagar
Yash Kshirsagar
After completing his post-graduation, Yash worked with some of the most renowned newspapers such as like Lokmat, Dainik Bhaskar & Navbharat for the past 6 years. To make sure that no incorrect news reaches people and to maintain peace and harmony in society, he chose to become a fact-checker.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular