गुरूवार, अक्टूबर 6, 2022
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हरियाणा चुनाव से पहले सोशल मीडिया पर कैसे फैलाई गईं फ़ेक न्यूज़, पढ़ें

21 अक्टूबर को हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए डाले गए वोटों के नतीजे आज आ जाएंगे। कौन हरियाणा की सत्ता पर काबिज़ होगा इसका भी पता लग ही जाएगा। लेकिन सोशल मीडिया का इन चुनावों का क्या असर रहा ये भी जानना जरूरी है। चुनाव संहिता सोशल मीडिया पर कितनी कारगर है ये सभी जानते हैं, ऐसे में कई तरह की ख़बरें इन चुनावों में भी सोशल मीडिया पर फैलाई गई जिनसे हो सकता है कि वोट प्रभावित हुए हों। हरियाणा चुनाव के दौरान भी ऐसी ही कई फेक खबरें सोशल मीडिया पर छाई रहीं जिन्हें आप नीचे पढ़ सकते हैं।

1. एनडीटीवी के सर्वे में हरियाणा में कांग्रेस को बड़ी बढ़त

 

NDTV चैनल के एक स्क्रीनशॉट को शेयर कर यह दावा किया गया कि NDTV और हंसा रिसर्च द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में कांग्रेस को भारी बढ़त मिल रही है. यह दावा महज़ चुनाव प्रभावित करने के मकसद से फैलाया गया था. NDTV ने अपने आधिकारिक हैण्डल से ट्वीट कर यह जानकारी दी है कि उन्होंने हरियाणा चुनावों के मद्देनजर कोई भी सर्वेक्षण नहीं कराया है और अगर इस तरह का कोई भी सर्वेक्षण पेश किया जाता है तो वह भ्रामक और झूठा है.

 

 

आप देख सकते हैं कैसे राजनीतिक दलों के अनुयायी भ्रामक दावों, अधूरी या गलत जानकारी के माध्यम से चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं. यह एक फोटोशॉप्ड तस्वीर है जिसमे NDTV के लोगो इत्यादि का प्रयोग कर इसे एक भरोसेमंद पहचान देने की कोशिश की गई है.

2. Republic भारत के सर्वे में कांग्रेस को मिलती बड़ी बढ़त

 

 

Republic भारत के एक स्क्रीनशॉट को शेयर कर यह दावा किया गया कि कांग्रेस को हरियाणा विधानसभा चुनावों में बड़ी बढ़त मिलती दिख रही है. इस ओपिनियन पोल के मुताबिक हरियाणा में भाजपा को 28-30 सीटें, कांग्रेस को 47-50, जेजेपी को 3-4 सीटें तथा अन्य को 3-4 सीटें मिलने का अनुमान बताया गया है.

अब इस दावे की पड़ताल शुरू करने से पहले ओपिनियन पोल में कुल सीटों का जो गणित बैठाया गया है, ज़रा उसे समझते हैं.

जैसा कि आप भी जानते हैं, ओपिनियन पोल या एग्जिट पोल में कुल पार्टियों को मिलने वाले संभावित सीटों का योग कुल सीटों के बराबर होना चाहिए. हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं.

अब अगर हर पार्टी को दिए गए न्यूनतम सीट की बात करें तो, बीजेपी को न्यूनतम 28, कांग्रेस को 47, जेजेपी को 3 तथा अन्य को 3 सीटें दी गई है.

अगर इनका कुल योग निकालें तो यह 90 के बराबर नहीं होता:

 

28+47+3+3 = 81

 

अब इसको ऐसे देखिए कि अगर हर दल न्यूनतम सीटें जीत पाता है तो भी यह योग 90 के बराबर नहीं होता, अगर बीजेपी न्यूनतम तथा बाकि के सभी दल अधिकतम सीटें भी जीत जाएं तब भी यह आंकड़ा 90 को नहीं छू पाता. मसलन अगर बीजेपी, कांग्रेस समेत सभी दल अधिकतम सीटें जीत जाए तब भी यह आंकड़ा कुल योग 90 से मेल नहीं खाता.

 

30+50+4+4 = 88

 

अब आपको बता दें कि Republic भारत- जन की बात के सर्वे में बीजेपी को 52-63 सीटें, कांग्रेस को 15-19 सीटें, जेजेपी को 5-9 सीटें, आईएनएलडी को 0-1 सीट तथा अन्य को 7-10 सीटें मिलने का अनुमान व्यक्त किया गया है.

 

 

हमारी पड़ताल में यह सिद्ध होता है कि Republic भारत के फर्जी सर्वे की फोटोशॉप कर बनाई तस्वीर को शेयर कर चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश की गई.

 

 

3. जन जनसत्ता पार्टी के अध्यक्ष श्री दुष्यंत चौटाला ने दिया भाजपा पार्टी को समर्थन!

 

 

आजतक चैनल का एक स्क्रीनशॉट शेयर कर यह दावा किया गया कि जेजेपी अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला ने बीजेपी को समर्थन दे दिया है. यह खबर बीते दिनों हरियाणा में हुए विधानसभा चुनावों को प्रभावित करने की अपार क्षमता रखती है. हमने इस दावे की पड़ताल में दावे के साथ संलग्न तस्वीर की सहायता से गूगल सर्च किया लेकिन हमें इस जैसे ही दावे के अलावा कोई अन्य ठोस जानकारी नहीं मिल पाई. हमने “हरियाणा चुनावों में दुष्यंत चौटाला ने भाजपा को दिया समर्थन” कीवर्ड का इस्तेमाल कर गूगल सर्च किया जिसके बाद हमें आजतक में प्रकाशित एक लेख मिला जिससे हमें यह पता चला कि 2014 में तत्कालीन INLD नेता दुष्यंत चौटाला ने भाजपा को समर्थन दिया था और अपनी पार्टी की अच्छी स्थिति का अनुमान लगाया था. 

अब हमें यह तो पता चल चुका था कि दुष्यंत चौटाला ने या यूं कहें कि 2014 में उनकी पार्टी INLD ने बीजेपी को समर्थन दिया था पर वायरल तस्वीर के संबंध में हमें अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी. इसीलिए हमने अपनी पड़ताल जारी रखी. अब हमने सर्च परिणामों को 2014 तक सीमित रखकर “INLD supports bjp” कीवर्ड का प्रयोग कर गूगल सर्च किया जिसके बाद हमें आजतक के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अपलोडेड एक वीडियो मिला जिसमे वायरल की जा रही तस्वीर मौजूद है.

 

अब अगर इस वीडियो को गौर से देखें तो 0.34 पर वायरल हो रही तस्वीर दिख जाएगी. बता दें आजतक के वीडियो में जो समय दिखाया जा रहा है वही हूबहू समय वायरल की जा रही तस्वीर में भी दिखाया गया है.

 

 

हमारी पड़ताल में यह साबित हो गया कि दुष्यंत चौटाला द्वारा भाजपा को समर्थन 2014 में दिया गया था और तब वह आईएनएलडी में हुआ करते थे. अब उन्होंने जेजेपी नाम से एक नया राजनीतिक दल बनाया है जिसने बीजेपी को समर्थन नहीं दिया है.

4. हरियाणा में चुनावी घोषणा के साथ ही श्री श्री 108 पप्पू महाराज जनेऊ धारण कर प्रकट हुए, चमचो में हर्ष की लहर!

 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पोस्ट में ऐसा दिखाया गया कि राहुल गांधी हरियाणा चुनावों के पहले पूजा पाठ कर हिन्दू वोटों को रिझाने की कोशिश कर रहे हैं.

हमने वायरल पोस्ट की सत्यता जानने के लिए तस्वीरों को गूगल पर खोजा। इस दौरान NDTV वेबसाइट पर साल 2018 में प्रकाशित एक लेख मिला। लेख के मुताबिक तस्वीर 2018 चुनावों के दौरान मध्यप्रदेश दौरे की हैं। उस दौरान राहुल गाँधी कांग्रेस के अध्यक्ष थे।

अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाने पर हमें राहुल गांधी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर वायरल तस्वीर से संबंधित पूरा वीडियो प्राप्त हो गया जो कि 15 अक्टूबर 2018 को अपलोड किया गया है.

 

 

हमारी पड़ताल में यह साबित हो गया कि राहुल गांधी ने हरियाणा चुनावों के पहले पूजा नहीं की बल्कि उनकी पुरानी तस्वीर गलत संदर्भ में शेयर की जा रही है.

 

पूरी पड़ताल पढ़ें : https://www.newschecker.in/article/news-detail/275_12599742

 

5. “अगर औरतों को आजादी चाहिए तो वो निर्वस्त्र होकर क्यों नहीं घूमती?” मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री, हरियाणा।

 

 

हरियाणा चुनावों के ठीक पहले सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही थी। जिसमे यह दावा किया जा रहा था कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। यह दावा काफी समय से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

अपनी पड़ताल के दौरान जब हमने “if they want freedom, why don’t they roam around naked: ML Khattar” कीवर्ड के साथ गूगल सर्च किया तो हमें News18India में प्रकाशित यह लेख मिला जिसमे वायरल तस्वीर में खट्टर द्वारा दिए गए बयान का जिक्र है। यह लेख 10 अक्टूबर 2014 को प्रकाशित गया था. मनोहर लाल खट्टर उस वक़्त तक हरियाणा के मुख्यमंत्री नहीं बनें थे.

हमारी पड़ताल में यह साबित हो गया कि मनोहर लाल खट्टर के पुराने बयान को भ्रामक दावे के साथ किया गया है.

ख़बर पर पूरी पड़ताल पढ़ें: https://www.newschecker.in/article/news-detail/275_12803204

 

अक्सर चुनावों के आस-पास सोशल मीडिया पर फेक ख़बरें फैलाई जाती हैंं। ताकि नतीजों पर इसका असर पड़ सके। लेकिन हमें सचेत रह कर फेक ख़बरों से बचना चाहिए। 

 

(किसी भी संदिग्ध ख़बर की जानकारी आप Newschecker को ई-मेल के जरिए भेज सकते हैं: [email protected])

Saurabh Pandey
Saurabh Pandey
A self-taught social media maverick, Saurabh realised the power of social media early on and began following and analysing false narratives and ‘fake news’ even before he entered the field of fact-checking professionally. He is fascinated with the visual medium, technology and politics, and at Newschecker, where he leads social media strategy, he is a jack of all trades. With a burning desire to uncover the truth behind events that capture people's minds and make sense of the facts in the noisy world of social media, he fact checks misinformation in Hindi and English at Newschecker.
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