सोमवार, अक्टूबर 25, 2021
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MoneyControl ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा जीएसटी पर की गई टिप्पणी को भ्रामक रूप में किया पेश

Claim:

FM Nirmala Sitharaman apologises for flaws in #GST, says “I’m sorry it did not meet with your satisfaction” during an interaction with businessmen and #CharteredAccountants in Pune: ANI

 

हिंदी अनुवाद: MoneyControl ने ANI के हवाले से खबर देते हुए लिखा है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी में खामियों के लिए माफ़ी मांगते हुए कहा है कि, “मै क्षमा चाहती हूं कि यह (जीएसटी) आपको संतुष्ट नहीं कर पाया।” वित्त मंत्री ने बिजनेसमैन और चार्टेड एकाउंटेंट्स से बातचीत के दौरान यह बात कही।

 

Investigation:

सोशल मीडिया पर वित्त मंत्री एक बार फिर चर्चा में हैं। कुछ दिन पहले एक बयान को लेकर सुर्ख़ियों में रहीं वित्त मंत्री के बारे में एक बार फिर यह बयान चर्चा में है। दरअसल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शुक्रवार को पुणे में बिजनेसमैन और चार्टेड एकाउंटेंट्स से चर्चा कर रही थीं, उसी दौरान उनसे जीएसटी में सुधारों के संबंध में एक सवाल पूछा गया। जवाब में निर्मला सीतारमण ने जो कहा उसको मीडिया ने कई तरह से पेश किया। कुछ मीडिया संस्थानों ने जल्दबाजी में आधी अधूरी जानकारी प्रसारित कर दी।

चूंकि यह दावा तेजी से वायरल हो रहा था इसलिए हमने पड़ताल शुरू की। पड़ताल के पहले चरण में हमने यह जानने का प्रयास किया कि पूरा मामला क्या है और यह दावा किस संबंध में प्रसारित किया जा रहा है। चूंकि निर्मला सीतारमण सार्वजनिक क्षेत्र से जुड़ी हैं इसलिए इस दावे का संदर्भ जानने के लिए हमने प्रकाशित खबर में निहित दावे का प्रयोग कर ” FM Nirmala Sitharaman apologises for flaws in GST”  कीवर्ड के साथ गूगल सर्च किया।

इससे हमें विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रकाशित कई लेख मिले। हम एक समाचार माध्यम द्वारा किए गए दावे की ही पड़ताल कर रहे थे इसलिए मीडिया द्वारा प्रसारित खबरों को आधार मानकर पड़ताल को आगे बढ़ाने के बजाय विस्तृत जानकारी हासिल करने के लिए ” FM Nirmala Sitharaman apologises ” कीवर्ड के साथ ट्विटर सर्च किया। 

 

इस दौरान हमें ट्विटर पर भी उक्त समाचार माध्यम और एक व्यक्तिगत हैंडल से किए गए ट्वीट के अलावा कोई अन्य जानकारी नहीं मिल पाई। 

 

अब हमने निर्मला सीतारमण के ट्विटर हैंडल को मेंशन या टैग कर किए गए ट्वीट्स को खंगालना शुरू किया। यहां हमें कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल से किए गए एक ट्वीट के अलावा कई अन्य सत्यापित तथा व्यक्तिगत हैंडल्स से किए गए पोस्ट मिलें। इन सारे ट्वीट्स से हमें कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई। फिर उसी वेब पेज को और खंगालने पर हमें निर्मला सीतारमण के ऑफिस के आधिकारिक हैंडल से इस संबंध में किए गए कुछ ट्वीट्स मिले। 

 

बतातें चलें कि उपरोक्त सर्च के दौरान हमें निर्मला सीतारमण द्वारा किया गया एक ट्वीट मिला। उन्होंने ANI के एक ट्वीट को कोट करते हुए कहा है कि “मैं ANI से निवेदन करती हूं कि वो सवाल भी बताएं। यह जवाब एक ऐसे प्रतिभागी के सवाल के संबंध में था जो जीएसटी की उपलब्धियों को धता बता रहे थे। मैंने उनको बीच में टोक कर कहा कि अगर आप जीएसटी के संबंध में अपने सुझाव देना चाहते हैं तो आपका स्वागत है और उनके निवेदन पर मैंने उनके डेलीगेशन को किसी सार्वजनिक मंच से ही सही 23 अक्टूबर को मिलने का समय दिया।” निर्मला सीतारमण का यह ट्वीट पढ़ हमें ऐसा प्रतीत हुआ कि मीडिया में प्रसारित खबरों में या तो अधूरी जानकारी दी जा रही है या फिर वे अपने बचाव में बयान बदल रहीं हैं।

 

 

अब सच की तलाश में हमने अपनी पड़ताल को आगे बढ़ाया। ठोस जानकारी की तलाश में हमने उनके इस बातचीत का पूरा वीडियो देखने के लिए “FM Nirmala Sitharaman addresses the media live” कीवर्ड का इस्तेमाल कर गूगल सर्च किया लेकिन कुछ पुरानी वीडियोज के अलावा हमें कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई।

 

लाइव प्रसारणों के लिए यूट्यूब और फेसबुक सबसे ज्यादा प्रयोग किए जाने वाले प्लेटफॉर्म हैं इसलिए पहले हमने इसी कीवर्ड का इस्तेमाल कर यूट्यूब सर्च किया।लेकिन हमें यह वीडियो नहीं मिल पाया इसीलिए हमने उपरोक्त कीवर्ड के साथ फेसबुक सर्च किया।

इस दौरान हमें The Quint द्वारा पोस्ट किया गया एक वीडियो मिला जिसमे इस संबंध में कुछ जानकारी थी। इस वीडियो में हमें दावे के संबंध में निर्मला सीतारमण का पूरा बयान मिला यद्यपि प्रतिभागी द्वारा वित्त मंत्री से पूछे गए सवाल के विषय में अब भी कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी। लेकिन इस वीडियो को देखने के बाद यह तो स्पष्ट हो चुका था कि निर्मला सीतारमण ने जीएसटी में खामियों के लिए माफ़ी नहीं मांगी थी बल्कि प्रतिभागी द्वारा पूछे गए सवाल पर क्षुब्ध होकर यह कहा था कि जीएसटी में कमियां हो सकती हैं और हम इन कमियों की चर्चा भी कर सकते हैं। लेकिन यह संसद और सभी राज्य की विधानसभाओं से पारित क़ानून है, मैं क्षमा चाहती हूं पर खामियों के बावजूद भी इसे सिरे से नकारा नहीं जा सकता।”

 

अब यह स्पष्ट होने के बाद कि निर्मला सीतारमण ने जीएसटी में खामियों के लिए माफ़ी नहीं मांगी, हमने यह जानने का प्रयास किया कि प्रतिभागी द्वारा पूछा गया सवाल क्या था। इसके लिए हमने निर्मला सीतारमण द्वारा कोट किए गए समाचार एजेंसी ANI के ट्विटर हैंडल का रुख किया जो कि विभिन्न घटनाओं की सबसे तेज रिपोर्टिंग करने के लिए जानी जाती है तथा हालिया दिनों में कुछ भ्रामक खबरें फ़ैलाने को लेकर भी चर्चा में रही है। ANI के ट्विटर हैंडल को काफी खंगालने के बाद हमें एक ट्वीट मिला जिसमे प्रतिभागी द्वारा पूछा गया सवाल दिखाया गया है।

 

उपरोक्त वीडियो में स्पष्ट रूप से पता चलता है कि कैसे एक प्रतिभागी के सवाल से वित्त मंत्री क्षुब्ध हो गईं और उन्होंने जीएसटी को लेकर सामान्य तौर पर की जाने वाली टिप्पणी से अलग हटकर एक खीझी हुई टिप्पणी कर दी। किन्तु इस पूरे बातचीत सत्र के दौरान उनके किसी भी बयान का यह अर्थ नहीं निकलता कि उन्होंने जीएसटी में खामियों के लिए माफ़ी मांगी है। जब उन्होंने यह कहा कि “मैं क्षमा चाहती हूं कि जीएसटी पिछले दो वर्षों में आपकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई” तो वह प्रतिभागी के सवाल से क्षुब्ध होकर कटाक्ष या व्यंग्य के भाव में यह कह रही थी ना कि वह सच में जीएसटी में व्याप्त ख़ामियों को स्वीकार कर उनके लिए माफ़ी मांग रही थीं।

हमारी पड़ताल में यह साबित हो गया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा जीएसटी की कमियों को लेकर माफ़ी मांगने का यह दावा भ्रामक है।

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Result: Misleading

Saurabh Pandey
The reason why he chose to be a part of the Newschecker team lies somewhere between his passion and desire to surface the truth. The inception of social networking sites, misleading information, and tilted facts worry him. So, here he is ready to debunk any such fake story or rumor.

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