सोमवार, दिसम्बर 5, 2022
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क्या भारत के मंदिरों की वजह से मार्टिन लूथर किंग को भारत आना तीर्थयात्रा जैसा लगता था? जानिए वायरल दावे का पूरा सच

सोशल मीडिया पर गुजरात के द्वारकाधीश मंदिर की एक फोटो शेयर करते हुए कहा जा रहा है कि हमारे देश के मंदिर इतने सुंदर हैं जिन्हें देखकर सभी का दिल सम्मोहित हो जाता है। साथ ही दावा किया जा रहा है कि मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने एक बार कहा था कि मैं एक पर्यटक के रूप में अन्य देशों में जाता हूं। लेकिन भारत में मैं एक तीर्थयात्री के रूप में आता हूं।

 पोस्ट से जुड़ा आर्काइव लिंक यहां देखा जा सकता है।

Fact check / Verification 

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने कुछ कीवर्ड्स के जरिए गूगल पर सर्च किया। सर्च के दौरान हमें पता चला कि यह तस्वीर गुजरात के द्वारकाधीश मंदिर की ही है। लेकिन मंदिरों से जुड़ा हमें मार्टिन लूथर किंग जूनियर का ऐसा कोई भी स्टेटमेंट नहीं मिला। 

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए एक बार फिर से दूसरे कीवर्ड्स के जरिए गूगल सर्च किया। इस दौरान हमें वायरल दावे से जुड़े Aaj Tak और Patrika के लेख मिले। इनमें दी गई जानकारी के मुताबिक 10 फरवरी,1959 को मार्टिन लूथर किंग जूनियर भारत आए थे। उस समय उन्होंने ये बातें कही थी।

Martin Luther King Jr's 'I Have a Dream' is a triumph of public speaking, up there with Pericles' Funeral Oration and memorable utterances of Nehru and Churchill

मार्टिन लूथर किंग जूनियर अमेरिका के आंदोलनकारी के थे। जिन्होंने अमेरिका में अश्वेतों के साथ होने वाले भेदभावों के खिलाफ कई आंदोलन किए थे। उन्हें अमेरिका का गांधी भी कहा जाता है, क्योंकि मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने सभी आंदोलन गांधी जी की राह अहिंसा पर चलकर किए थे।

Seattletimes की रिपोर्ट के मुताबिक मार्टिन लूथर किंग जूनियर गांधी जी के विचारों से काफी ज्यादा प्रेरित थे। उन्होंने अपनी सारी जिंदगी गांधी जी की ही तरह अहिंसा वाली राह पर चलकर गुजारी थी। यही कारण है कि 1959 को मार्टिन लूथर किंग जूनियर भारत आए थे। उन्होंने कहा था कि मैं एक पर्यटक के रूप में अन्य देशों में जाता हूं। लेकिन भारत में एक तीर्थयात्री के रूप में आता हूं।

MLK Day: Martin Luther King Jr. visited India in 1959 to honor Gandhi and  nonviolence - The Washington Post

पड़ताल के दौरान हमें The Washington Post की एक रिपोर्ट मिली। जिसमें बताया गया था कि 1959 में मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने जब भारत का दौरा किया था, तो उस यात्रा को तीर्थयात्री के रूप में बताया था। मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने भारत में पूरा एक महीना बिताया था, ताकि वो गांधी जी के बारे में ज्यादा से ज्यादा जान सकें और उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें। 

हमें यूएस स्थित भारतीय दूतावास के ट्विटर और फेसबुक पर इस वायरल पोस्ट से जुड़े पोस्ट मिले। जो कि मार्टिन लूथर किंग जूनियर के जन्मदिन पर 2018 में अपलोड किया गए थे। इन पोस्ट्स में मार्टिन लूथर की तस्वीरों को शेयर करते हुए कैप्शन में यही स्टेटमेंट लिखा गया है।

https://www.facebook.com/India.usembassy/photos/a.190766654372705/1572537282862295/

पीएम मोदी ने 2 अक्टूबर 2019 को गांधी जी को श्रद्धांजलि देते हुए एक लेख लिखा था। इस लेख में बताया गया था कि क्यों गांधी जी भारत और दुनिया के लिए जरूरी हैं। इस लेख में मार्टिन लूथर किंग जूनियर की यात्रा और स्टेटमेंट का भी जिक्र किया गया था। जिसे  NEW York Times ने भी छापा था। 

Conclusion

हमारी पड़ताल में मिले तथ्यों के मुताबिक मार्टिन लूथर किंग जूनियर महात्मा गांधी से काफी प्रेरित थे। इसलिए उन्हें भारत तीर्थयात्रा जैसा लगता था। उन्होंने द्वारका धीश या फिर भारत के किसी मंदिर को लेकर ये बातें नहीं कही थी।

Result: Misleading


Our Sources

Aaj takhttps://www.aajtak.in/india/story/mahatma-gandhi-150th-birth-anniversary-pm-narendra-modi-letter-why-india-and-world-need-gandhi-964712-2019-10-02

Patrikahttps://www.patrika.com/special-news/to-india-i-come-as-a-pilgrim-martin-luther-king-jr-5709950/

The Washigtone https://www.washingtonpost.com/history/2020/01/20/martin-luther-king-india-gandhi/

Facebook- https://www.facebook.com/India.usembassy/photos/a.190766654372705/1572537282862295/

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