मंगलवार, दिसम्बर 6, 2022
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किसानों का प्रदर्शन रोकने के लिए सरकार ने नहीं लिया सेना का सहारा, सेना की नियमित आवाजाही का वीडियो भ्रामक दावे के साथ हुआ वायरल

सोशल मीडिया (Social Media) पर किसानों के मौजूदा प्रदर्शन (Farmers’ Protest) से संबंधित फेक खबरों (Fake News) की एक बड़ी खेप आपको आसानी से देखने को मिल जाएगी. इनमें से कुछ फेक खबरें या भ्रामक दावे किसानों के प्रदर्शन के विरोध में शेयर किये गए हैं तो वहीं कुछ फ़ेक खबरें या भ्रामक दावे किसानों के प्रदर्शन के समर्थन में भी शेयर किये गए हैं.

ऐसा ही एक सनसनीखेज दावा वायरल हो रहा है. वायरल दावे में एक वीडियो शेयर कर यह दावा किया जा रहा है कि किसानों के प्रदर्शन को बलपूर्वक कुचलने के लिए केंद्र सरकार ने भारतीय सेना का सहारा लिया है. वायरल दावे के साथ जो वीडियो शेयर किया जा रहा है उसमे आर्मी के ट्रक दिल्ली की तरफ जाते हुए देखे जा सकते हैं.

वायरल वीडियो को रिकॉर्ड करने वाला शख्स भी कुछ इसी तरह का दावा कर रहा है. अपने दावे के समर्थन में उक्त व्यक्ति सड़क पर निकटतम शहरों की दूरी बताने वाले बोर्ड्स के हवाले से यह जानकारी देता है कि किसान आंदोलन को कुचलने के लिए मोदी सरकार ने बड़ी साजिश रची है. वायरल वीडियो में दिख रहा शख्स यह जानकारी भी देता है कि यह वीडियो गाजियाबाद टोल प्लाजा के बाद किसी स्थान पर रिकॉर्ड किया गया है. गौरतलब है कि इस दावे को शेयर करने वाले अधिकतर यूजर्स ने अपने ट्वीट या फेसबुक पोस्ट्स को डिलीट कर दिया है.

https://twitter.com/Tannu1249/status/1336909290171338752

Fact Check/Verification

वायरल वीडियो की पड़ताल के लिए हमने सबसे इसे की-फ्रेम्स में बांटकर एक की-फ्रेम की सहायता से गूगल सर्च किया लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में हमें कोई जानकारी नहीं मिल पाई.

इसके बाद हमने भारतीय सेना का आधिकारिक ट्विटर हैंडल भी खंगाला पर वहां भी हमें वायरल दावे से संबंधित कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई.

किसानों का प्रदर्शन रोकने

इसके बाद हमने वायरल दावे से संबंधित मीडिया कवरेज के लिए गूगल सर्च भी किया लेकिन इस प्रक्रिया में भी हमें किसानों के प्रदर्शन को रोकने के लिए सेना को तैनात करने से संबंधित कोई खबर नहीं मिली.

किसानों का प्रदर्शन रोकने

इसके बाद हमने वायरल वीडियो में दिख रहे नवाब सतपाल तंवर से भी संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन हमें कोई जवाब नहीं मिला. हमने सतपाल तंवर का ट्विटर, फेसबुक तथा यूट्यूब भी खंगाला लेकिन वहां हमें वायरल वीडियो नहीं मिल सका.

इसके बाद हमें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले Press Information Bureau के फैक्ट चेकिंग विभाग PIB Fact Check के द्वारा इस मामले पर किया गया एक ट्वीट मिला। जिसमें उक्त दावे को गलत बताया गया है तथा सेना के ट्रक्स की आवाजाही को महज नियमित आवाजाही बताते हुए इसके किसानों के मौजूदा प्रदर्शन से किसी भी प्रकार के संबंध को नकारा गया है.

इसके बाद हमने गृह मंत्रालय के एक अधिकारी से भी बात की जहां हमें यह जानकारी दी गई कि सरकार ने किसानों के प्रदर्शन को रोकने के लिए सेना को नहीं बुलाया है और यह जानकारी पूरी तरह से गलत है.

Result: Misleading

Our Sources

PIB Fact Check

MHA


किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें:9999499044 या ई-मेल करें:[email protected]

Saurabh Pandey
Saurabh Pandey
A self-taught social media maverick, Saurabh realised the power of social media early on and began following and analysing false narratives and ‘fake news’ even before he entered the field of fact-checking professionally. He is fascinated with the visual medium, technology and politics, and at Newschecker, where he leads social media strategy, he is a jack of all trades. With a burning desire to uncover the truth behind events that capture people's minds and make sense of the facts in the noisy world of social media, he fact checks misinformation in Hindi and English at Newschecker.
Saurabh Pandey
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A self-taught social media maverick, Saurabh realised the power of social media early on and began following and analysing false narratives and ‘fake news’ even before he entered the field of fact-checking professionally. He is fascinated with the visual medium, technology and politics, and at Newschecker, where he leads social media strategy, he is a jack of all trades. With a burning desire to uncover the truth behind events that capture people's minds and make sense of the facts in the noisy world of social media, he fact checks misinformation in Hindi and English at Newschecker.

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