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पंजाब के कपूरथला में रेल कोच कर्मचारियों द्वारा निजीकरण के विरोध में निकाली रैली को अभी का बताकर किया गया शेयर

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक तस्वीर बहुत तेज़ी से वायरल हो रही है। वायरल तस्वीर में लोगों की भीड़ को भी देखा जा सकता है। तस्वीर में एक गाड़ी पर स्पीकर भी लगा हुआ है। दावा किया जा रहा है कि पूरे देश में लगातार 7 दिनों से लाखों रेलवे कर्मचारी निजीकरण के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन देश की जनता को पता ही नहीं है, कैसे पता होगा। क्योंकि जिस मीडिया की यह जिम्मेदारी है वो तो पहले ही बिक चुकी है।    

https://www.facebook.com/Texozone/videos/3304814986235874

फेसबुक पर वायरल तस्वीर को अब तक 298 लोगों द्वारा शेयर और 351 लोगों द्वारा लाइक भी किया गया है।

वायरल पोस्ट के आर्काइव वर्ज़न को यहां देखा जा सकता है।

वायरल दावे को ट्विटर पर अलग-अलग यूज़र्स द्वारा शेयर किया जा रहा है।

वायरल दावे को फेसबुक पर अलग-अलग यूज़र्स द्वारा शेयर किया जा रहा है।

वायरल दावे को फेसबुक पर अलग-अलग यूज़र्स द्वारा शेयर किया जा रहा है।

Fact Check/verification

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही तस्वीर की सत्यता जानने के लिए हमने पड़ताल शुरू किया। Yandex Image Search करने पर हमें यूट्यूब वीडियो का एक लिंक मिला।

पड़ताल के दौरान हमें Largess Media नामक चैनल पर अपलोड की गई एक वीडियो मिली। यह वीडियो YouTube पर 28 जुलाई, 2019 को अपलोड की गई थी। वीडियो के डिस्क्रिप्शन में लिखा गया है कि पूरे देश में 2 सप्ताह से लाखों रेलवे कर्मचारी निजीकरण के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।

अधिक खोजने पर हमें The Tribune के आधिकारिक चैनल पर अपलोड की गई एक वीडियो मिली। यह वीडियो YouTube पर 9 जुलाई, 2019 को अपलोड की गई थी।  

कुछ कीवर्ड्स की मदद से गूगल खंगालने पर हमें The Tribune और Mera Bharat News द्वारा प्रकाशित की गई मीडिया रिपोर्ट मिली। इसके मुताबिक RCF के कर्मचारियों की सभी यूनियनों एवं संघ के लोगों ने की हड़ताल।   

कुछ कीवर्ड्स की मदद से गूगल खंगालने पर हमें The Tribune और Mera Bharat News द्वारा प्रकाशित की गई मीडिया रिपोर्ट मिली। इसके मुताबिक RCF के कर्मचारियों की सभी यूनियनों एवं एसोसिएशन को लोगों ने की हड़ताल।

अधिक जानकारी के लिए हमने कुछ अलग-अलग कीवर्ड्स की मदद से गूगल पर लाखों रेलवे कर्मचारियों के निजीकरण के खिलाफ आंदोलन को खंगाला। पड़ताल के दौरान हमें वायरल दावे से संबंधित कोई परिणाम नहीं मिला।

अधिक जानकारी के लिए हमने कुछ अलग-अलग कीवर्ड्स की मदद से गूगल पर लाखों रेलवे कर्मचारियों के निजीकरण के खिलाफ आंदोलन को खंगाला। पड़ताल के दौरान हमें वायरल दावे से संबंधित कोई परिणाम नहीं मिला।

Conclusion

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही तस्वीर का बारीकी से अध्ययन करने पर हमने पाया एक साल पुरानी वीडियो को अभी का बताकर शेयर किया जा रहा है। पड़ताल में हमने पाया कि कपूरथला, पंजाब की एक साल पुरानी वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।


Result: False


Our Sources

YouTube https://www.youtube.com/watch?v=5w-v4Vk2mTk&feature=youtu.be

The Tribune https://www.tribuneindia.com/news/archive/jalandhar/rcf-staff-protests-privatisation-move-796984


किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044  या ई-मेल करें: checkthis@newschecker.in

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Neha Verma
After working for India News and News World India, Neha decided to provide the public with the facts behind the forwards they are sharing. She keeps a close eye on social media and debunks fake claims/misinformations.

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