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नीदरलैंड की करेंसी पर नहीं है राम का नाम, अधूरी सूचना भ्रामक दावे के साथ सोशल मीडिया पर वायरल

सोशल मीडिया पर एक बार फिर यह दावा किया जा रहा है कि नीदरलैंड दुनिया का एक ऐसा देश है जहां भगवान राम के नाम का नोट चलता है। ऐसा ही दावा करता एक फेसबुक पोस्ट नीचे देखा जा सकता है।

Screenshot of A Facebook Group Named Yarana Yarana’s Post Published On 2 May 2022

इससे पहले ऐसा ही एक दावा साल 2020 में भी वायरल हुआ था। तब दावा किया गया था कि कि महर्षि महेश योगी ने Holland में आज से लगभग बीस साल पहले ‘राम’ नाम से करेंसी चलाई थी जिसे डच सरकार ने मान्यता भी दी हुई है। ये मुद्रा आज भी चल रही है। आज 1 राम = 10 यूरो के बराबर है।

वायरल ट्वीट का आर्काइव यहाँ देखा जा सकता है।

ट्विटर पर वायरल हो रहे ऐसे की कई अन्य दावों को यहाँ देखा जा सकता है।

Fact Check/Verification

राम नाम की करेंसी नीदरलैंड में इस्तेमाल की जा रही है या नहीं, इसकी सच्चाई जानने के लिए हमने Google Search पर कुछ कीवर्ड्स सर्च किए। इस दौरान हमें बीबीसी द्वारा 5 फरवरी 2003 को प्रकाशित एक रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2003 में नीदरलैंड में लगभग 100 दुकान, 30 गांव और साथ ही कई कस्बों के कुछ हिस्सों में ‘राम करेंसी’ चलन में थी। ‘डच सेंट्रल बैंक’ ने तब जानकारी देते हुए बताया था कि वे ‘राम करेंसी’ पर नजर बनाए हुए हैं और उन्हें उम्मीद है कि महर्षि महेश योगी की संस्था अपने भीतरी समूहों में ही इस करेंसी को प्रयोग में लाएगी और कानून से बाहर जाकर कुछ नहीं करेगी।

Screenshot of A Report Published by BBC Hindi on 3 December 2018

पड़ताल के दौरान हमें BBC Hindi द्वारा 3 दिसंबर 2018 को प्रकाशित किया गया लेख प्राप्त हुआ। बीबीसी के लेख के अनुसार ‘राम’ करेंसी को लेकर किए जा रहे दावे सही नहीं हैं, इसके अमेरिका और नीदरलैंड में आधिकारिक रूप से चलन के सभी दावे गलत हैं। बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में नीदरलैंड्स के सरकारी बैंक के हवाले से लिखा है कि, अमेरिका के आयोवा राज्य की ‘महर्षि वेदिक सिटी’ ने 2002 में क़रीब एक लाख की राम करेंसी छापी थी। लेकिन ‘राम करेंसी’ को कभी भी लीगल टेंडर घोषित नहीं किया गया। वो केवल एक कागज का टुकड़ा था जिसकी एक संस्था के अनुसार कुछ कीमत तय की गई थी। जिससे लोग श्रम या उत्पाद के बदले एक दूसरे से लेन-देन करते थे।

Screenshot of A Report Published by BBC 5 February 2005

इसके अलावा Zee News और News 18 द्वारा भी ‘राम करेंसी’ के नीदरलैंड में प्रचलित होने के संबंध में जानकारी दी गई है, जिसमें इसे आधिकारिक रूप से मान्यता नहीं मिलने की बात कही गई है। वहीं यूरोपियन यूनियन की वेबसाइट से मिली जानकारी के मुताबिक नीदरलैंड ने Euro को 1999 में अपनी आधिकारिक करेंसी बना लिया था। Euro से पहले नीदरलैंड की करेंसी Guilder हुआ करती थी।

Screenshot of ec.europa.eu

Conclusion

हमारी पड़ताल में यह साफ़ हो गया कि राम करेंसी नीदरलैंड के कुछ हिस्सों में लोकल करेंसी के तौर पर प्रचलित थी लेकिन वहां के बैंकों ने इसे कभी भी लीगल टेंडर (आधिकारिक मुद्रा) नहीं माना। 

Result: Misleading/Partly False

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Our Sources

A Report By BBC Hindi Published On 3 December 2018
An Archive Of BBC’s Report Published On 5 February 2003
Information Available On European Union’s Official Website
A Web Archive Of DNB Eurosystem’s Payment Page
News 18’s Report Published On 7 October 2019
Zee News’ Report Published on 1 August 2021

Note: यह लेख मौलिक रूप से 20 अगस्त 2020 में प्रकाशित किया गया था, जिसे 4 मई 2022 को कुछ अन्य जानकारियों के साथ रीपब्लिश किया गया है।


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