रविवार, फ़रवरी 5, 2023
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24 घंटे के लिए सिम कार्ड बंद होने के नाम पर वायरल हुए इस दावे का सच कुछ और है

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर यह दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार देश में सभी सिम कार्ड 24 घंटे के लिए बंद रहेंगे.

डाक के माध्यम से संदेश भेजने से लेकर 5G सुविधा के अनवावरण तक, भारत ने दूरसंचार के क्षेत्र में पिछले कुछ दशकों में उल्लेखनीय प्रगति की है. 2012 में 4G के अनावरण के बाद स्मार्टफोन के यूजर्स की संख्या में दर्ज की गई वृद्धि, सस्ते इंटरनेट पैक्स और स्मार्टफोन्स की गिरती कीमतों से लगातार जारी है. हाल ही में 5G के अनावरण के बाद आने वाले कुछ सालों में यह संख्या और अभी बढ़ सकती है।

भारत में दूरसंचार की बढ़ती लोकप्रियता तथा लोगों की इस पर निर्भरता का फायदा उठाकर धोखाधड़ी करने वालों ने कई लोगों के साथ फर्जीवाड़ा किया है. इसी क्रम में सोशल मीडिया यूजर्स एक वीडियो शेयर कर यह दावा कर रहे हैं कि केंद्र सरकार द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार, देश में सभी सिम कार्ड 24 घंटे के लिए बंद रहेंगे.

Fact Check/Verification

केंद्र सरकार द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार देश में सभी सिम कार्ड 24 घंटे के लिए बंद रहने के नाम पर शेयर किए जा रहे इस दावे की पड़ताल के लिए हमने ‘guidelines for new sim cards india .gov.in’ कीवर्ड को गूगल पर ढूंढा. इस प्रक्रिया में हमें संचार मंत्रालय, भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा 27 सितंबर, 2022 को स्वैपिंग या रिप्लेसमेंट की स्थिति में नए सिम कार्ड जारी किए जाने को लेकर प्रकाशित दिशा-निर्देश प्राप्त हुए.

गूगल सर्च द्वारा प्राप्त परिणाम

दूरसंचार विभाग द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार, सरकार ने स्वैपिंग या रिप्लेसमेंट की स्थिति में नए सिम कार्ड जारी किए जाने को लेकर 1 अगस्त, 2016 को प्रकाशित किये दिशा-निर्देशों में एक नया प्रावधान जोड़ा है. इसके अंतर्गत धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को अब स्वैपिंग या रिप्लेसमेंट की स्थिति में नए सिम कार्ड जारी करने के बाद 24 घंटों तक SMS/मैसेज (शार्ट मैसेज सर्विस) भेजने या प्राप्त करने पर पाबन्दी लगाने का आदेश दिया है.

दूरसंचार विभाग द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देश

इसके अतिरिक्त, हमें PIB Fact Check द्वारा 23 नवंबर,2022 को शेयर किया गया एक ट्वीट भी प्राप्त हुआ, जिसमें Press Information Bureau (PIB) की फैक्ट चेक इकाई ने दूरसंचार विभाग द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के हवाले से वायरल दावे को भ्रामक बताया है.

सिम स्वैप फ्रॉड धोखाधड़ी करने वालों द्वारा अपनाई गई एक ऐसी तकनीक है, जिसमें वे किसी नए सिम कार्ड के सक्रिय होने के बाद उसके पूर्व उपभोक्ता की वित्तीय जानकारी के आधार पर उनके बैंक खातों में जमा पैसे चुरा लेते हैं. हालांकि, यह प्रक्रिया काफी जटिल होती है तथा उपभोक्ता द्वारा मामूली सतर्कता बरतने से धोखाधड़ी करने वालों के मंसूबों पर पानी फिर सकता है. मसलन अगर आपका पुराना सिम कार्ड किसी धोखाधड़ी करने वाले को जारी भी हो गया तो वह आपके बैंक खातों के बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं जुटा पाएगा, इसीलिए स्कैमर्स सोशल इंजीनियरिंग (किसी यूजर का फायदा उठाकर उसे ठगने की प्रक्रिया) की सहायता से आपकी कस्टमर आईडी, आपके एटीएम कार्ड की डिटेल्स या आपके बैंक खाते से संबंधित अन्य जानकारियां जुटाने का प्रयास करते हैं. अगर यूजर संदिग्ध कॉल्स, संदेशों तथा लिंक्स पर यकीन कर कोई कदम ना उठाये तो स्कैमर्स उसे लूटने में सफल नहीं हो पाएंगे. बता दें कि Newschecker द्वारा 22 सितंबर, 2022 को सिम स्वैप फ्रॉड को लेकर प्रकाशित लेख में इस तरह के फर्जीवाड़ों पर विस्तार से जानकारी दी गई है.

Conclusion

इस प्रकार हमारी पड़ताल में यह बात साफ हो जाती है कि केंद्र सरकार द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार देश में सभी सिम कार्ड 24 घंटे के लिए बंद रहने के नाम पर शेयर किया जा रहा यह दावा भ्रामक है. असल में सरकार ने धोखाधड़ी तथा फर्जीवाड़ा रोकने के लिए स्वैपिंग या रिप्लेसमेंट की स्थिति में नए सिम कार्ड जारी करने के बाद 24 घंटों तक सिर्फ SMS/मैसेज (शार्ट मैसेज सर्विस) भेजने या प्राप्त करने पर पाबन्दी लगाने का आदेश दिया है.

Result: Partly False

Our Sources

Instructions published by Department of Telecommunications, GoI for issuing new SIM card in case of swapping/replacement of SIM cards on 27 September, 2022 and 1 August, 2016
Tweet shared by PIB Fact Check on 23 November, 2022
Newschecker fact check report published on 22 September, 2022

किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044 या ई-मेल करें: [email protected]   

Saurabh Pandey
Saurabh Pandey
A self-taught social media maverick, Saurabh realised the power of social media early on and began following and analysing false narratives and ‘fake news’ even before he entered the field of fact-checking professionally. He is fascinated with the visual medium, technology and politics, and at Newschecker, where he leads social media strategy, he is a jack of all trades. With a burning desire to uncover the truth behind events that capture people's minds and make sense of the facts in the noisy world of social media, he fact checks misinformation in Hindi and English at Newschecker.
Saurabh Pandey
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A self-taught social media maverick, Saurabh realised the power of social media early on and began following and analysing false narratives and ‘fake news’ even before he entered the field of fact-checking professionally. He is fascinated with the visual medium, technology and politics, and at Newschecker, where he leads social media strategy, he is a jack of all trades. With a burning desire to uncover the truth behind events that capture people's minds and make sense of the facts in the noisy world of social media, he fact checks misinformation in Hindi and English at Newschecker.

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