शनिवार, सितम्बर 25, 2021
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चीन के ट्रैफिक जाम की पुरानी तस्वीरों को जर्मनी के आंदोलन का बताकर सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ किया गया शेयर

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। देश के कुछ शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये तक पहुंच चुकी है। पेट्रोल की कीमतों में हो रही बेतहाशा वृद्धि को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमला बोल रहा है तो वहीं आम जनमानस में भी गुस्सा देखा जा सकता है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। तस्वीर में कई कारों को एक साथ खड़े हुए देखा जा सकता है।

दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर जर्मनी की है। जहां सरकार द्वारा पेट्रोल के दाम बढ़ाए जाने के बाद लोग कारों को रोड पर छोड़कर चले गए। 10 लाख से ज्यादा कार रोड़ पर खड़ी देखकर सरकार को मजबूर होकर पेट्रोल के दाम घटाने पड़े।

पोस्ट से जुड़ा आर्काइव लिंक यहां देखा जा सकता है।

Fact Check/Verification

वायरल दावे का सच जानने के लिए हमने गूगल रिवर्स इमेज के जरिए तस्वीर को सर्च किया। इस दौरान हमें वायरल तस्वीर Rexfeatre के इमेज शटरस्टॉक पर मिली। इस तस्वीर के कैप्शन में बताया गया है कि ये तस्वीरें 30 सितंबर 2012 को चीन के Shenzhen शहर में फ़ेस्टिवल के दौरान लगे एक ट्रैफिक जाम की हैं। ओरिजनल तस्वीर में सड़क के किनारे लगे साइन बोर्ड और कार की नंबर प्लेट पर चीनी भाषा में लिखे शब्द देखे जा सकते हैं। 

पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए हमने गूगल पर कुछ कीवर्ड्स के जरिए सर्च किया। सर्च के दौरान हमें चीन के ट्रैफ़िक जाम पर The Telegraph द्वारा लिखा गया एक लेख मिला। जिसमें इस तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए बताया गया है कि चीनी सरकार ने चीन में छुट्टियों के दौरान टोल टैक्स को हटाकर मुफ्त सड़क यात्रा की अनुमति दी थी।

कुछ कीवर्ड्स के जरिए सर्च करने पर हमें पता चला कि जर्मनी में कई बार पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर आंदोलन हुए हैं। CBS News की एक रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा ही एक आंदोलन जर्मनी में साल 2000 में भी देखने को मिला था। जब ट्रक चालकों ने पेट्रोल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का विरोध करने के लिए लंबा ट्रैफिक जाम लगा दिया था।

इस दौरान ट्रक चालक प्रदर्शन करने के लिए बर्लिन में पूरे देश से लगभग 2000 ट्रक लेकर आ गए थे और रोड पर जाम लगा दिया था। जिसके बाद जर्मनी की सरकार को उनके आगे झुकते हुए अपना फैसला वापस लेना पड़ा था। लेकिन वायरल तस्वीर का जर्मनी के इस आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। वायरल तस्वीर जर्मनी की नहीं बल्कि चीन की है।

Conclusion

हमारी पड़ताल में मिले तथ्यों के मुताबिक वायरल तस्वीर जर्मनी में पेट्रोल के दामों को लेकर हुए विरोध की नहीं है। वायरल तस्वीर चीन के Shenzhen शहर में फ़ेस्टिवल के दौरान लगे ट्रैफिक जाम की है। जिसे अब सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

Result: False


Our Sources

The Telegraph – https://www.telegraph.co.uk/news/worldnews/asia/china/9578774/Gridlock-as-China-begins-its-Golden-Week-holidays.html

Rexfeatre – https://www.rexfeatures.com/search/?kw=Cars+during+a+traffic+jam+in+Shenzhen+city%2C+Guangdong+province&js-site-search_submit=Go&order=newest&iso=GBR&lkw=Gridlock&viah=Y&stk=N&sft=&timer=N&requester=&iprs=f


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Pragya Shukla
Pragya has completed her Masters in Mass Communication, and has been doing content writing for the last four years. Due to bias and incomplete facts in mainstream media, she decided to become a fact-checker.

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