बुधवार, दिसम्बर 7, 2022
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योगी प्रहलाद जानी के निधन की 2 साल पुरानी खबर हालिया दिनों की बताकर हुई वायरल

सोशल मीडिया यूजर्स एक तस्वीर शेयर कर हाल ही में योगी प्रहलाद जानी के निधन का दावा कर रहे हैं.

आजतक द्वारा 2 अप्रैल, 2017 को प्रकाशित एक वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, चुनरीवाला माताजी के नाम से ख्याति प्राप्त योगी प्रहलाद जानी ने तब संस्था को बताया था कि उन्होंने पिछले 75 वर्षों से अन्न-जल ग्रहण नहीं किया है. प्रहलाद जानी के इस दावे को लेकर विभिन्न विशेषज्ञों के मत अलग-अलग हैं. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की Defence Institute of Physiology & Allied Sciences (DIPAS), अहमदाबाद स्थित Sterling Hospital, Sristi और गुजरात सरकार के संयुक्त उपक्रम के तहत 20 अप्रैल, 2010 से 6 मई, 2010 तक योगी प्रहलाद जानी पर रिसर्च की गई. DIPAS के डायरेक्टर Dr. G Ilavazhagan, पद्म श्री डॉ सुधीर शाह (Dr. Sudhir Shah), Dr. Urman Dhruv, Dr. Himanshu Patel तथा Prof. Dr. Anil K Gupta की एक टीम ने 15 दिनों की अपनी इस रिसर्च के दौरान पाया कि प्रहलाद जानी ने ना तो कुछ (भोजन-जल आदि) ग्रहण किया और ना ही मल-मूत्र का त्याग किया.

Dr. Sudhir Shah की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, शोध के दौरान किसी भी तरह के द्रव्य पदार्थ से प्रहलाद जानी का सरोकार 5वें दिन से स्नान और कुल्ला (गलाला) से ही शुरू हो पाया. उन्होंने यह भी कहा कि पूरी शोध प्रक्रिया के दौरान योगी की निजता का ध्यान रखते हुए CCTV कैमरा और मानवीय प्रयासों की सहायता से उनकी निगरानी की गई ताकि प्रक्रिया की शुचिता बनी रहे. शोध की प्रक्रिया के बारे में बताते हुए उन्होंने लेख में यह जानकारी दी थी कि इस परिस्थिति से जुड़े सवालों के जवाब जानने के लिए टीम कई अन्य टेस्ट्स भी कर रही है. कुछ ऐसी ही जानकारी शोध का हिस्सा रहे Prof. Dr. Anil K Gupta की वेबसाइट पर भी देखी जा सकती है. Al Jajeera English द्वारा 30 अप्रैल, 2010 को प्रकाशित एक यूट्यूब वीडियो में इस शोध प्रक्रिया की जानकारी दी गई है. बता दें कि इसी बीच सोशल मीडिया पर कई यूजर्स हाल ही में योगी प्रहलाद जानी के निधन का दावा कर रहे हैं. Crowdtangle पर मौजूद डाटा के अनुसार फेसबुक पर पिछले 7 दिनों में ‘सन्त प्रहलाद बाबा मृत्यु’ कीवर्ड्स को लेकर कुल 119 पोस्ट्स शेयर किए गए जिन पर 187,340 रिएक्शन, शेयर, कमेंट आदि प्राप्त हुए.

Crowdtangle से प्राप्त जानकारी

Fact Check/Verification

हाल ही में योगी प्रहलाद जानी के निधन के नाम पर वायरल हो रहे इस दावे की पड़ताल के लिए हमने ‘योगी प्रहलाद जानी निधन’ कीवर्ड को गूगल पर ढूंढा. इस प्रक्रिया में हमें BBC, ABP News, NDTV, अमर उजाला तथा हिंदुस्तान द्वारा प्रकाशित लेखों के माध्यम से यह जानकारी मिली कि 26 मई, 2020 को 90 वर्ष की आयु में गुजरात के गांधीनगर स्थित पैतृक गांव चराड़ा में प्रहलाद जानी का निधन हो गया था. बता दें कि BBC ने अपने लेख में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री द्वारा योगी प्रहलाद जानी के निधन पर शोक व्यक्त करने की जानकारी के साथ-साथ योगी के बिना अन्न-जल जीवन व्यतीत करने के दावे को लेकर विशेषज्ञों की राय भी प्रकाशित की है.

योगी प्रहलाद जानी के निधन के नाम पर किया जा रहा यह दावा भ्रामक है
BBC द्वारा प्रकाशित लेख का एक अंश

ट्विटर एडवांस्ड सर्च की मदद से खोजने पर गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय रूपानी तथा तत्कालीन कानून तथा शिक्षा मंत्री भूपेंद्र सिंह चुडासमा के वे ट्वीट्स भी प्राप्त हुए, जिनमें उन्होंने प्रहलाद जानी के निधन पर शोक व्यक्त किया था. बता दें कि दोनों ही ट्वीट 26 मई, 2020 को शेयर किए गए थे.

वायरल तस्वीर की पड़ताल के दौरान हमें ABP Asmita, News18 Gujarati द्वारा 28 मई, 2020 को प्रकाशित वीडियो रिपोर्ट्स प्राप्त हुईं, जिनमें योगी प्रहलाद जानी के अंतिम संस्कार की जानकारी दी गई है. रिपोर्ट्स में मौजूद उनके अंतिम संस्कार के वीडियो से यह स्पष्ट हो जाता है कि वायरल तस्वीर उनके अंतिम संस्कार की ही है. इसके साथ ही VTV Gujarati द्वारा 28 मई, 2020 को प्रकाशित एक लेख में भी हमें यही जानकारी प्राप्त हुई.

Conclusion

इस प्रकार हमारी पड़ताल में यह बात साफ हो जाती है कि हाल ही में योगी प्रहलाद जानी के निधन के नाम पर शेयर किया जा रहा यह दावा भ्रामक है. असल में चुनरीवाला माताजी के नाम से ख्याति प्राप्त योगी प्रहलाद जानी का 26 मई, 2020 को ही निधन हो चुका है.

Result: Missing Context

Our Sources

Tweets shared by the then Gujarat CM and Education & Law Minister on 26 May, 2020
Media reports

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Saurabh Pandey
Saurabh Pandey
A self-taught social media maverick, Saurabh realised the power of social media early on and began following and analysing false narratives and ‘fake news’ even before he entered the field of fact-checking professionally. He is fascinated with the visual medium, technology and politics, and at Newschecker, where he leads social media strategy, he is a jack of all trades. With a burning desire to uncover the truth behind events that capture people's minds and make sense of the facts in the noisy world of social media, he fact checks misinformation in Hindi and English at Newschecker.
Saurabh Pandey
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