सोमवार, अक्टूबर 25, 2021
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23 यूरोपियन सांसद, कश्मीर दौरा और कुछ सवाल

तीन दिवसीय दौरे पर भारत आए यूरोपियन संघ के प्रतिनिधि मंडल का आज तीसरा और आख़िरी दिन है। इस दौरे को लेकर कई विवाद खड़े हो रहे हैं। विपक्ष सरकार की आलोचना कर इस दौरे को गलत ठहरा रहा है तो ये दौरा क्यों, कब और किसकी मर्ज़ी से हुआ जैसे कई सवाल भी उठ खड़े हुए हैं। 

यूरोपियन संघ प्रतिनिधी मंडल में कौन हैं शामिल?

भारत आए इस प्रतिनिधि मंडल में यूरोप के 23 सांसद मौजूद हैं। ये सांसद जर्मनी, इटली, ब्रिटेन जैसे देशों से ताल्लुक रखते हैं। कश्मीर दौरे पर गए इन सांसदों ने आतंकवाद को विश्व की समस्या बताते हुए भारत का समर्थन किया है। ये दौरा अनौपचारिक बताया जा रहा है। दौरे में शामिल लोगों ने भारी सुरक्षा के साथ कश्मीर के कुछ हिस्सों का जायज़ा लिया। जिसके बाद दल के सांसद निक्लोस फेस्ट ने कहा है कि

यदि विदेशी सांसद कश्मीर आकर दौरा कर सकते हैं तो भारत के विपक्ष को भी ये मौका दिया जाना चाहिए। यहां कुछ असंतुलन है जिस पर भारत सरकार को बात करनी चाहिए

किसने भेजा न्योता?

ये दौरा मादी शर्मा उर्फ मधु शर्मा द्वारा आयोजित किया गया है। मधु शर्मा खुद को इंटरनेशनल बिज़नेस ब्रोकर बताती हैं और WESTT नाम से उनका एक NGO भी है। मादी उर्फ मधु शर्मा से जुड़ी हमनें कुछ जानकारियां इकट्ठा की हैं। जिनमें सबसे पहला है उनकी NGO का रेजिस्ट्रेशन, https://madisharma.org/

मधु शर्मा जिस WESTT के लिए काम करती हैं वो यूरोप के लॉबिस्ट में भी शामिल है। NGO द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक ये केवल 5 लोगों की टीम है। जबकि 3 लोग इसके कर्ताधर्ता हैं जिनमें से एक इस NGO के लिए फुलटाइम काम करता है।

NDTV के पत्रकार श्रीनिवासन जैन ने एक ट्वीट कर वो पत्र सार्वजनिक किया है जो मधु शर्मा ने यूरोप के सांसदों को भेजे हैं। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात से लेकर कश्मीर दौरे का भी प्रोग्राम बनाया है।

The invitation to the European MP’s was sent out by someone called Madi Sharma. She promised a ‘prestigious VIP meeting’ with India’s Prime Minister, in addition to the Kashmir trip. (Screenshot of her mail exchange with MEP Chris Davies, released by his office) @OnReality_Check

यूरोपियन संघ के इस दल का ये दौरा भले ही अनौपचारिक हो लेकिन जब कश्मीर में संवेदनशील हालात बने हुए हैं तब एक विदेशी दल का यहां आना सरकार पर सवाल उठा रहा है। सरकार हर अंतर्राष्ट्रीय माध्यम पर कश्मीर को भारत का आंतरिक मामला बताती रही है ऐसे में ये दौरा क्यों?

पत्र पढ़कर सवाल उठता है कि यदि प्रधानमंत्री यूरोप के प्रभावशाली लोगों से मिलने के इच्छुक थे तो उनके अधिकारियों ने ये काम क्यों नहीं किया। मधु शर्मा को इतना बढ़ा कदम उठाने की जिम्मेदारी किसने सौंपी?

वहीं इन सांसदों के आने जाने का खर्च IINS (International Institute for Non-Aligned Studies) नाम की कंपनी द्वारा किया गया है। इस कंपनी के बारे में जानकारियां जुटाने के बाद इसपर भी कई संदेह उठ रहे हैं। इस कंपनी का पता दिल्ली के सफदरजंग इन्क्लेव का है। यही पता New Delhi Times के दफ्तर का भी है, जिसे डॉ. गोविंद नरेन श्रीवास्तव ने शुरू किया था।

A2/59, Safdarjung enclave से और दो कंपनियां और एक अन्य NGO भी चलाया जा रहा है।

New Delhi Times में मादी शर्मा और मधु शर्मा दोनों ही नाम से कई लेख भी छपे हैं।

अनुच्छेद 370 के हटने के बाद से ही जम्मू-कश्मीर को लेकर सरकार बहुत संवेदनशील रही है लगभग 3 महीने लगे कर्फ्यू के बाद सरकार की तरफ से इस दौरे को लेकर कोई भी बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि विपक्ष इस दौरे को लेकर सरकार पर लगातार हमला कर रहा है। ये दौरा अचानक क्यों और किस उद्देश्य के साथ किया गया इसकी जानकारी भी साफ नहीं हो पाई है, वहीं इसका आयोजन करने वाली मादी शर्मा उर्फ मधु शर्मा और IINS भी शक के घेरे में हैं।

Sources

  • The Telegraph
  • India Today
  • Lobbyfacts.eu
  • Freepress Journal

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Preeti Chauhan
Believing in the notion of 'live and let live’, Preeti feels it's important to counter and check misinformation and prevent people from falling for propaganda, hoaxes, and fake information. She holds a Master’s degree in Mass Communication from Guru Jambeshawar University and has been a journalist & producer for 9 years.

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