मंगलवार, दिसम्बर 6, 2022
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कश्मीर में इंडियन मुजाहिद्दीन ने नहीं किया प्रदर्शन, पाकिस्तान के बाघ का है ये वीडियो

Claim

इंडियन मुजाहिदीन ने भारत को हराया, कर्फ्यू के बावजूद बड़ा प्रोटेस्ट किया। अल्लाह कश्मीर के आमीन की मदद करें। 

Verification

@SAliGelani नाम के ट्विटर हैंडल से उर्दू में कश्मीर को लेकर ट्वीट किया गया है। इस ट्वीट में एक वीडियो शेयर किया गया है जिसमें लाल हिजाब पहने कई लड़कियां हाथ में ‘we want our kashmir back’ लिखे बोर्ड लेकर नारे लगा रही हैं। वहीं बैंकग्राउंड में हम ले के रहेंगे आजादी का गाना गाया जा रहा है। इस वीडियो को लेकर ट्वीट में दावा किया गया है कि इंडियन मुजाहिद्दीन द्वारा कर्फ्यू के बावजूद कश्मीर में प्रदर्शन किया गया है।

हमनें ट्विटर पर शेयर किए गए इस वीडियो को लेकर पड़ताल शुरू की। “Indian Mujahideen Protest Kashmir Freedom” इन कीवर्ड्स से गूगल खंगालने पर हमें The Telegraph की एक ख़बर मिली जिसमें हिज़बुल मुजाहिद्दीन द्वारा पाकिस्तान में कश्मीर को लेकर प्रदर्शन करने की खबर छपी थी। लेकिन इसमें कहीं पर वायरल वीडियो या उससे संबंधित फोटो दिखाई नहीं दी।

वायरल वीडियो को लेकर पूरी जानकारी नहीं मिली थी इसलिए हमनें पड़ताल जारी रखी। हमें फेसबुक पर एक महीने पहले अपलोड किया गया वीडियो मिला जिसमें सैकड़ों लड़कियां भारत के विरोध में नारे लगाते हुए देखी जा सकती हैं। 

Women University of AJ&K, Bagh  के फेसबुक पेज पर अपलोड किए गए इस वीडियो के कैप्शन में उर्दू में लिखा है कि कश्मीर की आज़ादी के लिए पाकिस्तान के बाघ स्थित महिला विश्वविद्यालय की छात्राओं और टीचरों ने मार्च निकाला। YouTube पर हमें ट्विटर पर शेयर किया गया वीडियो भी मिला जिसके कैप्शन में लिखा है कि आज़ाद कश्मीर (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) की यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन किया गया। 

इससे साफ होता है कि कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद इंडियन मुजाहिद्दीन ने प्रदर्शन नहीं किया था बल्कि पाकिस्तान के एक विश्वविद्यालय की छात्राओं द्वारा कश्मीर को लेकर मार्च निकाला गया था। 

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Result: False

Yash Kshirsagar
Yash Kshirsagar
After completing his post-graduation, Yash worked with some of the most renowned newspapers such as like Lokmat, Dainik Bhaskar & Navbharat for the past 6 years. To make sure that no incorrect news reaches people and to maintain peace and harmony in society, he chose to become a fact-checker.
Yash Kshirsagar
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