बुधवार, फ़रवरी 8, 2023
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क्या फोटो में दिख रहा व्यक्ति भारतीय रोहिंग्या शरणार्थी है? पढ़ें अलका लाम्बा द्वारा किए ट्वीट पर हमारी पड़ताल

Claim– 
 
कांग्रेस ने हजारों रोहिंग्याओं को भारत में घुसवाया जिस दिन देश के सभी राज्यों में कांग्रेस सत्ता में आएगी उस दिन सारे हिंदुओं का सफाया किया जाएगा। आरएसएस, बीजेपी कुछ नहीं कर पाएंगे।
 
 
Verification
 
 
शेयरचैट पर हमें एक पोस्ट मिला जिसमें लिखा है कि नासिर हुसैन
( रोहिंग्या रेफ्यूजी ) ने बताया कि कांग्रेस ने हम लोगों को भारत में घुसवाया। तब हम हजारों में थे आज हम लाखों में है और हम ज्यादा बच्चे पैदा कर रहे हैं। कर्नाटक केरल बंगाल पंजाब में हमारा दबदबा है। बस जिस दिन बाकि के राज्यों में कांग्रेस और उसके समर्थन की सरकारें बनेगी उस दिन से हमारे सारे लोग हिंदुओं को सफाया करना शुरु कर देंगे और वो भी खुलेआम, फिर हम बिलकुल नहीं रुकेंगे।  आरएसएस बीजेपी कुछ नहीं कर पाएंगे क्यूंकि कानून और कोर्ट कांग्रेस के ही हाथ में होगा। 
 
साथ ही हमें दिल्ली की पूर्व AAP विधायक अलका लांबा का एक ट्वीट भी मिला। जिसमें उन्होंने कहा है कि राज्यसभा सदस्य सोनल मानसिंग द्वारा यह मैसेज अपने पर्सनल नंबर द्वारा भेजा गया है। सोनल जी को जब से BJP ने राज्यसभा भेजा है तब से वह इस तरह के साम्प्रदायिक-झूठे संदेश ख़ास कर एक कौम को निशाना बनाते हुए कई बार पहले भी कर चुकीं हैं। जिसकी उम्मीद उनसे नहीं की जा सकती
 
 
 
 
हमनें गूगल में कांग्रेस ने भारत में घुसवाए हजारों रोहिंग्या मुसलमान इस कीवर्ड्स से खोज की तो ऐसी कोई खबर नहीं मिली। इसके बाद हमनें वायरल मैसेज में शेयर की गई शख्स की फोटो गूगल इमेज और यांडेक्स इमेज की मदद से खोजी तो shutterstock पर यह फोटो मिली। यह फोटो मलेशियन फोटोग्राफर हाफिज जोहरी ने दो साल पहले बांग्लादेश के लेडा स्थित रोहिंग्या रेफ्यूजी कैंप में खींची है।
 
 
इससे साफ हुआ कि जिस शख्स को भारत मेंं घुसा रोहिंग्या बताया गया है वह शख्स बांगलादेश के एक एक रेफ्यूजी कैंप में दो साल पहले पाया गया था। जिसका भारत से कोई संबंध नहीं है। यह तस्वीर पिछले दो साल से सोशल मीडिया में भ्रामक दावे के साथ वायरल हो रही है। 
 
Tools Used 
 
 
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Result- Misleading
 
(किसी संदिग्ध ख़बर की पड़तालसंशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें ई-मेल करें[email protected])
Yash Kshirsagar
Yash Kshirsagar
After completing his post-graduation, Yash worked with some of the most renowned newspapers such as like Lokmat, Dainik Bhaskar & Navbharat for the past 6 years. To make sure that no incorrect news reaches people and to maintain peace and harmony in society, he chose to become a fact-checker.
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