बुधवार, अक्टूबर 5, 2022
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जाफ़राबाद में गोली चलाने वाला शूटर कौन है? पढ़ें, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का सच

Claim

जाफराबाद इलाके में भाजपा के इशारों पर सीएए के समर्थक ने चलाई गोली

जाफराबाद इलाके में गोली चलाने वाला शख्स एंटी CAA प्रदर्शनकारी

Verification

नागरिकता संशोधन कानून, सीएए के मुद्दे पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में लगातार हिंसा जारी रही। जाफराबाद और मौजपुर क्षेत्र में सीएए विरोधी और समर्थक गुटों के बीच संघर्ष में अब तक 13 लोग मारे गए हैं। जबकि हैड कांस्टेबल रतन लाल ने भी पथराव में अपनी जान गंवा दी।

दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो बहुत तेज़ी से शेयर किया जा रहा है। वीडियो में एक शख्स पुलिसकर्मी की ओर बंदूक तानकर खड़ा हुआ दिख रहा है। द हिंदू के रिपोर्टर सौरभ द्विवेदी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर वीडियो अपलोड करते हुए कहा कि जाफराबाद में CAA के विरोध में प्रदर्शन कर रहा युवक पुलिसकर्मी के सामने बंदूक तानकर गोली चला रहा है। 

भाजपा और आरएसएस के खिलाफ आरोप:

 

हिंसा के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आरएसएस (RSS) के खिलाफ आरोपों का सिलसिला जारी रहा। आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्ला खान ने आरोप लगाया कि शूटर का भाजपा से संबंध था। अमानतुल्ला खान ने अपने ट्वीट में लिखा, बीजेपी के लोग दिल्ली में दंगा करवा रहे हैं, जिस व्यक्ति ने गोली चलाई, उसके कपिल मिश्रा और बीजेपी के साथ संबंध हैं, तभी यह दिल्ली पुलिस के सामने गोली चला रहा है। दिल्ली पुलिस उसे प्रोटेक्शन दे रही है।

अमानतुल्लाह खान के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता हंसराज मीना ने भी ट्वीट किया, देखें कि कैसे भाजपा और आरएसएस के आतंकवादी सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी कर रहे हैं।” हालांकि बाद में हंसराज मीणा ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया।

क्या प्रदर्शकारियों के हाथ में दिखे भगवा झंडे?

कांग्रेस नेता सलमान निजामी ने ट्वीट किया, “भगवा झंडों के साथ गुंडों ने दिल्ली पुलिस पर गोली चलाई। पुलिस के बहादुरों को मेरा सलाम, जिन्होंने उनका सामना किया। उम्मीद है, सभी सुरक्षित हैं। भाजपा सरकार ने एक विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। यह एकता और भाईचारा दिखाने का समय है।

सलमान निजामी के अलावा, Shaheeb Bagh Official के नाम से एक ट्विटर हैंडल ने भी कुछ इस तरह का दावा किया। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा, सीएए के समर्थक ने पुलिस पर गोली चलाई। हालांकि, बाद में ट्वीट को डिलीट कर दिया गया।

अब दो सवाल उठते हैं:

पहला सवाल: क्या भीड़ ने हाथ में भगवा झंडे लिए हुए थे?

दूसरा सवाल: शूटर सीएए के खिलाफ है या सीएए के पक्ष में?

 

क्या भीड़ ने हाथ में भगवा झंडे लिए थे? 

हमने सबसे पहले खंगाला कि क्या भीड़ हाथों में भगवा झंडे फहरा रही है? खोज के दौरान हमें भीड़ की कुछ नज़दीकी तस्वीरें मिलीं। तस्वीरों को देखने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि भीड़ के हाथ में भगवा झंडे नहीं बल्कि प्लास्टिक के बक्से थे। 

आप इन दो तस्वीरों में देख सकते हैं कि भीड़ के हाथों में प्लास्टिक के बक्से हैं।

शूटर सीएए के खिलाफ है या सीएए के पक्ष में है?

 

अब हमने यह खंगाला की निशानेबाज़, नागरिकता संशोधन कानून, सीएए के पक्ष में है या नहीं। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने दावा किया कि शूटर नागरिकता संशोधन कानून के पक्ष में था। इसे परखने के लिए हमने कुछ कीवर्ड्स की मदद ली। खोज के दौरान हमें एक फैक्ट चेकिंग वेबसाइट Alt News की रिपोर्ट मिली, जिसमें उन्होंने इस मुद्दे पर पत्रकारों से बातचीत की।

रिपोर्ट के अनुसार, पत्रकारों ने कहा, “यह व्यक्ति नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों की भीड़ में मौजूद था और इस व्यक्ति ने प्रदर्शनकारियों पर 8 राउंड फ़ायरिंग की जो नागरिकता संशोधन कानून के पक्ष में थे। इसी बीच एक पुलिसकर्मी भी मौजूद था, जिस पर इस शख्स ने बंदूक चलाई और कहा कि अगर वह भागा तो वह गोली मार देगा।

रिपोर्टर ने कहा, “यह आदमी उस जगह से आया, जहां CAA विरोधी प्रदर्शनकारियों ने जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के बाहर सड़क को जाम कर दिया था। यह शख्स भीड़ से बाहर आ गया था जब मैं (रिपोर्टर) पुलिस से संपर्क कर रहा था।” जहां समर्थक प्रदर्शनकारी जय श्री रामके नारे लगा रहे थे और दोनों एक दूसरे पर पत्थरबाजी कर रहे थे।

इसी बीच, हमें The Quint के मीडिया एजेंसी रिपोर्टर ऐश्वर्या एस अय्यर का एक ट्वीट मिला। ऐश्वर्या अय्यर ने भी जाफराबाद में हो रही हिंसा को देखा, और ट्वीट किया, “एक तरफ जाफराबाद में सीएए विरोधी प्रदर्शनकारी हैं और दूसरी तरफ मौजपुर में सीएए समर्थक प्रदर्शनकारी हैं।”

 

ऐश्वर्या अय्यर ने भी जाफराबाद-मौजपुर की हिंसक घटनाओं को अपने कैमरे में कैद किया था। Alt News से बात करते हुए, उन्होंने तस्वीरों और वीडियो में मौजूद भीड़ को सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के रूप में पहचाना। अय्यर द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में कई लोगों के सिर पर टोपी को देखा जा सकता है।

अय्यर और त्रिवेदी द्वारा क्लिक की गई तस्वीर में नज़र आ रही भीड़ एक है या नहीं इसकी पुष्टि करने के लिए हमने अय्यर द्वारा क्लिक की गई तस्वीर की तुलना पीटीआई (PTI) तस्वीर के साथ की। जिसमें एक पुलिसकर्मी की पहचान पीले रंग की टी-शर्ट और हेलमेट पहने हुए हुई। पुलिस को सीएए के प्रदर्शकारियों का सामना करना पड़ रहा था। जिस शख्स ने गोली चलाई वह भी तस्वीर में दिख रहा है। 

हमारी पड़ताल में हमने पाया कि शूटर सीएए के खिलाफ प्रदर्शनकारियों की भीड़ में शामिल था। इसके अलावा, यह दावा भी झूठा है कि लोगों के हाथों में भगवा झंडे हैं।

Tools Used

  • Google Search
  • Twitter Search
  • In VID

Result: False 

(किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044 या ई-मेल करें: [email protected]

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