गुरूवार, दिसम्बर 1, 2022
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बांग्लादेश की वर्षों पुरानी क्लिप को पाक पीएम इमरान खान ने यूपी का बताकर किया शेयर

Claim-
उत्तर प्रदेश में मुस्लिमों पर भारतीय पुलिस का कार्यक्रम।  
Verification- 
ट्विटर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक वीडियो शेयर किया है जहां वर्दी वाले जवान कुछ मुस्लिमों को पीटते नजर आ रहे हैं। पोस्ट में इमरान खान ने वीडियो के शीर्षक में बताया कि उत्तर प्रदेश में भारतीय फ़ौज की मुस्लिमों पर बर्बरता। हालांकि वीडियो पोस्ट अब ट्विटर से हटा दिया गया है लेकिन वीडियो के कुछ स्क्रीशॉट्स प्राप्त होने के कारण हमारी पड़ताल आरम्भ हुई। इस दौरान हमें सबसे पहले ट्विटर पर वायरल क्लिप एक में पोस्ट में किसी अन्य दावे के साथ प्राप्त हुई। इस पोस्ट में वीडियो को असम का बताया गया था।
इसके बाद हमने गूगल पर और बारीकी से खोजना आरम्भ किया इस दौरान ANI का एक ट्वीट प्राप्त हुआ ट्वीट में ANI ने इमरान खान के ट्विटर पोस्ट का स्क्रीनशॉट प्रकाशित कर उसे फेक बताया है।
इसके बाद वीडियो की सटीक जानकारी के लिए हमने गूगल पर अपनी पड़ताल जारी रखी इस बीच हमारी नजर इमरान खान के वायरल स्क्रीनशॉट पर गयी।
स्क्रीनशॉट में फौजी के ढाल पर RAB लिखा हुआ है। इस के बाद हमने RAB जवानों के बारे में खोजा। जहां यह पता चला कि यह फ़ौज बांग्लादेश की है।

अब हमने बांग्लादेश से संबंधित खबरों को कुछ कीवर्ड्स और स्क्रीनशॉट्स के माध्यम से गूगल पर खोजना आरम्भ किया। इस दौरान सबसे पहले अक्टूबर 2019 को यूट्यूब पर अपलोड हुआ बंगाली भाषा में एक वीडियो प्राप्त हुआ जहां इमरान खान वाले स्क्रीनशॉट्स से मेल खाता वीडियो प्राप्त हुआ। इसके बाद हमने अपनी बंगाली भाषा के सहयोगी की सहायता से जाना कि यह घटना ढाका की है।

वीडियो की पुष्टि के लिए हमने यूट्यूब पर और बारीकी से खोजा। इस दौरान साल 2013 में यूट्यूब पर अपलोड वही वायरल वीडियो प्राप्त हुआ।

सभी तथ्यों को परखने के बाद पता चला कि इमरान खान द्वारा पोस्ट किया गया वीडियो पुराना होने के साथ- साथ बांग्लादेश का है। इमरान खान ने लोगों को गुमराह करने के लिए इसे भारत का बताकर शेयर किया था।

Tools Used 

Google Search

Youtube Search

Result- fake 

(किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें ई-मेल करें: [email protected])

Nupendra Singh
Nupendra Singh
A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encouraged Nupendra to work as a fact-checker. He believes one should always check the facts before sharing any information with others. He did his Masters in Journalism & Mass Communication from Lucknow University.
Nupendra Singh
Nupendra Singh
A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encouraged Nupendra to work as a fact-checker. He believes one should always check the facts before sharing any information with others. He did his Masters in Journalism & Mass Communication from Lucknow University.

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