मंगलवार, अप्रैल 16, 2024
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क्या दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने दिया CAA कानून के खिलाफ प्रदर्शनकारियों को गोली मारने का आदेश? पढ़ें क्या है सच

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A self-taught social media maverick, Saurabh realised the power of social media early on and began following and analysing false narratives and ‘fake news’ even before he entered the field of fact-checking professionally. He is fascinated with the visual medium, technology and politics, and at Newschecker, where he leads social media strategy, he is a jack of all trades. With a burning desire to uncover the truth behind events that capture people's minds and make sense of the facts in the noisy world of social media, he fact checks misinformation in Hindi and English at Newschecker.

Claim:

दिल्ली पुलिस पर भक्षक होने का आरोप लगाकर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमे यह दावा किया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा है कि गृह मंत्री के आदेशानुसार नागरिकता संसोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को देखते ही गोली मार दी जाए और पुलिस इसी आदेश का अनुपालन कर रही है.

Verification:

हमने वीडियो की पड़ताल के प्रथम चरण में दावे में प्रयुक्त कीवर्ड के साथ ही गूगल सर्च किया. गूगल सर्च में हमें इसी दावे से मिलते जुलते कई अन्य दावों के लिंक प्राप्त हुए जिन्हे नीचे देखा जा सकता है.

चूंकि मामला दिल्ली पुलिस से जुड़ा हुआ था और दिल्ली पुलिस सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती है इसलिए हमने मीडिया रिपोर्ट्स या किसी अन्य माध्यम से दावे की पड़ताल के पहले दिल्ली पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल्स को खंगालना शुरू किया. दिल्ली पुलिस के कई सोशल मीडिया प्रोफाइल्स को खंगालने के बाद हमें साइबर क्राइम के डीसीपी का एक ट्वीट मिला है जिसमे एक इनफार्मेशन बुलेटिन जारी कर इस विषय पर पूरी जानकारी दी गई है.

इनफार्मेशन बुलेटिन का हिंदी अनुवाद: “कई जागरूक सोशल मीडिया यूज़र्स ने एक वीडियो को पुलिस के संज्ञान में लाया है जिसमे एक व्यक्ति ने गैर कानूनी तरीके से पुलिस की वर्दी पहन रखी है और पुलिस अधिकारी होने का दावा कर रहा है.

उक्त व्यक्ति की पहचान राकेश त्यागी, उम्र 43 वर्ष, पता- जनपद बागपत, उत्तर प्रदेश के तौर पर हुई है.

इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए आईपीसी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर ली गई है तथा विधिक प्रक्रिया का पालन कर आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया गया है.

आरोपी 2014 तक दिल्ली पुलिस का सदस्य था किन्तु उसके बाद वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) लेने के बाद अब वह एक आम नागरिक है.

हमारे द्वारा यह पुनः स्पष्ट किया जा रहा है कि इंटरनेट की स्वतंत्रता का दुरूपयोग करना गैर कानूनी है और जब भी कोई ऐसा करता पाया जायेगा तो उसके खिलाफ उचित विधिक कार्यवाही की जाएगी.”

साइबर क्राइम के डीसीपी का यह ट्वीट पढ़ने के बाद हमें यह स्पष्ट हो गया कि उक्त व्यक्ति दिल्ली पुलिस का जवान या अधिकारी नहीं बल्कि 2014 में स्वैच्छिक सेवानिवृति ले चुका एक पूर्व पुलिसकर्मी है.

अब चूंकि साइबर क्राइम के डीसीपी के ट्वीट में यह नहीं बताया गया है कि वह किस व्यक्ति की बात कर रहे हैं यद्यपि दिल्ली पुलिस के समक्ष मामला पहुँचने पर ही साइबर क्राइम के डीसीपी का यह बयान आया था फिर भी हमने एक बार मीडिया रिपोर्ट्स जानने का प्रयास किया। इसके लिए हमने कई तरह के कीवर्ड्स का प्रयोग कर गूगल सर्च किया जिसके बाद हमें एनडीटीवी में प्रकाशित लेख मिला जिसमे वायरल वीडियो निहित्त है और एनडीटीवी का यह लेख भी साइबर क्राइम के डीसीपी के बयान का समर्थन करता है.

दिल्ली पुलिस की वर्दी पहने ‘गोली मारने की धमकी’ देने वाला शख्स गिरफ्तार, वायरल VIDEO की सच्चाई आई सामने

एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है, जहां एक शख्स दिल्ली पुलिस की वर्दी में यह कहते हुए नजर आ रहा है कि मुझे गृह मंत्रालय से आदेश मिला है कि जो मुझे पत्थर मारेगा मैं उसे गोली मार दूंगा.

हमने अन्य मीडिया रिपोर्ट्स को भी खंगाला जिसके बाद हमने पाया कि सभी मीडिया रिपोर्ट्स साइबर क्राइम के डीसीपी के बयान से इत्तेफ़ाक़ रखते हैं.

पुलिस के आधिकारिक बयान और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के सामने आने पर यह साफ़ हो जाता है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति दिल्ली पुलिस का जवान नहीं है बल्कि 2014 में वीआरएस ले चुका एक पूर्व पुलिसकर्मी है. अतः हमारी पड़ताल में यह दावा गलत साबित होता है.

Result: Misleading

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A self-taught social media maverick, Saurabh realised the power of social media early on and began following and analysing false narratives and ‘fake news’ even before he entered the field of fact-checking professionally. He is fascinated with the visual medium, technology and politics, and at Newschecker, where he leads social media strategy, he is a jack of all trades. With a burning desire to uncover the truth behind events that capture people's minds and make sense of the facts in the noisy world of social media, he fact checks misinformation in Hindi and English at Newschecker.

Saurabh Pandey
Saurabh Pandey
A self-taught social media maverick, Saurabh realised the power of social media early on and began following and analysing false narratives and ‘fake news’ even before he entered the field of fact-checking professionally. He is fascinated with the visual medium, technology and politics, and at Newschecker, where he leads social media strategy, he is a jack of all trades. With a burning desire to uncover the truth behind events that capture people's minds and make sense of the facts in the noisy world of social media, he fact checks misinformation in Hindi and English at Newschecker.

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