शनिवार, दिसम्बर 3, 2022
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क्या नागपुर के डीएम ने किया भगवत गीता का अपमान? दलित चिंतक को डीएम बताकर शेयर किया गया वीडियो

Claim– नागपुर के जिलाधिकारी विजय मानकर ने हिन्दूओं के धार्मिक ग्रंथ गीता को कचरा के डिब्बे में डालने की बात कही।

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ट्विटर पर हमें एक ट्वीट मिला जिसमें एक वीडियो शेयर किया गया है। वीडियो में एक शख्स भाषण दे रहा है और शुरूआत में ही कहता है कि गीता को कचरे के डब्बे में फेंकना चाहिए इतना घटिया तत्वज्ञान है इसमें। ट्विट में दावा किया गया है वीडियो में भाषण देने वाला शख्स नागपुर के जिलाधकारी विजय मानकर है और इस वीडियो को इतना फैलाओ कि वे सस्पेंड हो और जेल जाए।
हमनें वायरल वीडियो को लेकर पड़ताल शुरु की, कुछ कीवर्ड्स के आधार पर खोज की तो अन्य ट्विट्स दिखे।
वहीं फेसबुक पर भी यह वीडियो शेयर हो रहा है।
इसके अलावा हमें एक यह वीडियो यूट्यूब पर भी मिला लेकिन यह साल 2018 में अपलोड किया गया है।
हमनें नागपुर के कलेक्टर कौन हैं यह जानने की कोशिश की तो हमें नागपुर जिले की वेबसाइट पर पता चला की नागपुर के मौजूदा कलेक्टर रविंद्र ठाकरे हैं।
इसके बाद हमने विजय मानकर के बारे में जानने की कोशिश की तो हमें इंटरनेट वर vijaymankar इस वेबसाइट मिली जानकारी के अनुसार विजय मानकर अंबेडकर पार्टी ऑफ़ इंडिया (AIMBSCS)
के नेता हैं।
हमने खोज जारी रखी तो जनसत्ता की वेबसाइट पर साल 2017 में प्रकाशित खबर मिली। इस खबर में बताया गया है कि दलित नेता विजय मानकर ने गीता को फाड़कर कचरे के डब्बे में फेंकने की बात की थी।
हमें सोशल मीडिया में वायरल हो रही क्लिप का ओरिजनल वीडियो भी मिला, यह वीडियो मई 2017 में यूट्यूब पर अपलोड किया गया है। वीडियो के शुरु होने के 1 मिनट 40 सेकंड पर वायरल क्लिप को सुना जा सकता है। मानकर ने यह भाषण छत्तीसगढ़ में दिया था।
इससे यही स्पष्ट होता है कि विजय मानकर नागपुर के जिलाधिकारी नहीं बल्कि दलित नेता है। उनके द्वारा दो साल पहले दिए गए भाषण का वीडियो आज के संदर्भ में वायरल कर भ्रामकता पैदा की जा रही है।
Sources
Twitter Advanced Search
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Youtube
(किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044  या ई-मेल करें: [email protected])
Yash Kshirsagar
Yash Kshirsagar
After completing his post-graduation, Yash worked with some of the most renowned newspapers such as like Lokmat, Dainik Bhaskar & Navbharat for the past 6 years. To make sure that no incorrect news reaches people and to maintain peace and harmony in society, he chose to become a fact-checker.
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