रविवार, अक्टूबर 2, 2022
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Weekend Wrap: JNU में हुए हंगामें से लेकर सूरज की ध्वनि से जुड़ी सभी फ़ेक ख़बरें

JNU में विवादों के चलते सोशल मीडिया पर इस हफ्ते किन- किन भ्रामक खबरों को दी गयी तूल यहाँ पढ़ें उनका एक साथ संक्षिप्त वर्णन

फीस बढ़ोतरी प्रदर्शन के दौरान JNU में पिट रहे लेफ्ट विंग के छात्र को सोशल मीडिया पर ABVP का सदस्य बता कर किया गया शेयर

JNU में छात्रों की झड़प, लेफ्ट पार्टी से जुड़े छात्रों ने ABVP छात्रों को एडमिशन प्रक्रिया को खोलने की बात करने पर पीटा, लेफ्ट के छात्र एडमिशन प्रक्रिया को रद्द करना चाहते है।   

 
 
 
सोशल मीडिया पर कुछ युवकों की झड़प का वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हुआ था, जहां वीडियो में एक युवक दूसरे युवक को पीटते हुए नजर आ रहा है। बताया जा रहा था कि पीटने वाला युवक लेफ्ट पार्टी से है और मार खाने वाला युवक ABVP सदस्य है। जबकि कुछ सहयोगियों की सहयता से पता चला कि वीडियो में लाल कमीज में पीटने वाला युवक ABVP सदस्य Sharvinder है।  
 
 
 
 
और इसी से पता चला कि मार खाने वाला युवक लेफ्ट विंग की पार्टी AISA से विवेक पांडेय है जिससे बाद में CNNnews18 की रिपोर्टर ज़ेबा वारिस ने भी बात की।   
 
 
 
 
पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने एक वीडियो अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर कर दावा किया है कि नासा ने सूर्य की आवाज को रिकाॅर्ड किया है। जिसकी आवाज़ को बारीकी से सुनने पर “ૐ ” ध्वनि सुनाई देती है। 
 
 
 
 
इस दौरान नासा द्वारा ट्विटर पर किये गए एक पोस्ट में सूर्य से निकलने वाली ध्वनि को अपलोड करते हुए बताया गया है कि सूर्य भी शांत नहीं रहता है, बताया गया कि सूर्य कम ध्वनि पैदा करता है जो दिल की धड़कन की तरह होती है।  
 
 
 
 
इसके बाद सूर्य से निकले वाली ध्वनि पर नासा द्वारा प्रकाशित हुआ एक लेख प्राप्त हुआ जहां यह बताया गया है कि सूर्य की आवाज में हम केवल तरंगों को सुन सकते हैं न कि किसी ध्वनि को। साथ ही नासा ने भी इस बारे में कोई दावा या खुलासा नहीं किया।
 
 
 
अमेरिका और ईरान के विवादों के चलते ईरान में यूक्रेन का विमान क्रैश हो गया जिसमें 180 यात्री सवार थे। हादसे में सभी यात्रियों की मौत हो गई। जिसके बाद यूएस (US) के एरिजोना (Arizona) से Republican Member Paul Gosar ने अपने आधिकारिक हैंडल से एक तस्वीर शेयर की है। वायरल तस्वीर में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और ईरान के राष्ट्रपति हसन रोहानी (Hassan Rouhani) की हाथ मिलाते हुए एक तस्वीर शेयर की है।
 
 
लेकिन India Today और Economic Times  की वेबसाइट पर प्रकाशित लेख से पता चला की अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की तस्वीर को फोटोशॉप किया गया है। असल में तस्वीर ASEAN Summit के दौरान की है और यह समिट Nusa Dua, Bali में हुआ था।
 

बराक ओबामा और डॉ मनमोहन सिंह की यह तस्वीर 18 नवंबर, 2011 यानि 8 साल पुरानी है
 
 
 
ट्विटर पर दावा किया जा रहा है कि मेघना गुलज़ार की फिल्म ‘छपाक’ में असली गुनहगार नदीम खान, जिसने लक्ष्मी अग्रवाल पर तेज़ाब फेंका, उसका नाम बदलकर राजेश कर दिया गया है। इस दावे को सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया है।
 
 
जबकि ट्रेलर देखने पर पता चला कि जिस लड़के की तस्वीर को फिल्म में राजेश बता कर गुनहगार बताया जा रहा है। वह असल में उसका स्कूली दोस्त राजेश है।
 
 
नीचे दी गयी तस्वीर में जो कलाकार दीपिका के साथ दिख रहा है वो अंकित बिष्ट है। इंटरनेट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक अंकित बिष्ट इस फिल्म में राजेश का किरदार निभा रहे हैं। ऊपर तस्वीर में दीपिका और अंकित दोनों को देखकर पता लगाया जा सकता है कि ये दोनों स्कूली बच्चे बने हैं जबकि लक्ष्मी अग्रवाल पर जिस नईम ने तेज़ाब फेंका था उसकी उम्र 32 साल थी। यानि कि फिल्म में राजेश वो शख्स नहीं है जिसने माल्ती पर तेज़ाब फेंका। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नईम का नाम फिल्म में बशीर खान उर्फ बब्बू रखा गया है।
 
 
 
 
ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग की चपेट में आने के बाद से सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें वायरल हो रही हैं। फेसबुक और ट्विटर पर वायरल हो रही तस्वीरों में देखा जा सकता है कि एक महिला कंगारू को गले लगाते हुए नज़र आ रही है। तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि ‘दिल को छू लेने वाली तस्वीर’ #Pray for Australia   
 
 
जबकि the dodo और Bored Panda पर प्रकाशित लेख के मुताबिक वायरल हो रही तस्वीर 3 साल पुराना यानि 10 जून, 2016 की है। दरअसल अबीगैल ने इस कंगारू का रेस्क्यू कर उसे पाल कर बड़ा किया है। उन्होंने इस कंगारू का रेस्क्सू 5 महीने का था तब किया और उसे पाल-पोसकर बड़ा किया है।
 
 
 
ट्विटर पर दो तस्वीरें शेयर की गई हैं। तस्वीरें किसी रेलवे प्लेटफॉर्म की लग रही है। तस्वीरों में बक्से रखे नज़र आ रहे हैं और रस्सी से उस जगह को बांधकर ब्लॉक भी किया हुआ है। साथ ही वायरल तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन में प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 पर के बीच 50 गज़ जगह में मुसलमानों ने रस्सी बांध कब्ज़ा कर रखा है। जिसके अंदर कोई नहीं जा सकता है, ये जगह नमाज़ पढ़ने के लिए आरक्षित की गई है और 2-3 बक्से रखे हैं। जहां लिखा है “इनके अंदर नमाज़ का सामान रखा है। इसके ऊपर बैठना मना है”। 
 
 
जबकि पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के SHO और Nitin Chaudhary PRO North Railways से बात करने पर उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही तस्वीरों में कोई सच्चाई नहीं है। और न ही पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 पर मुस्लिमों द्वारा नामाज़ पढ़ने के लिए कोई कब्ज़ा किया गया है।
साथ ही साथ newschecker की ग्राउंड रिपोर्ट में भी पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन जाकर प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 को बारीकी से देखा। जहां वायरल तस्वीरों से संबंधित कोई परिणाम नहीं मिले।
 
 
 
 
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