गुरूवार, दिसम्बर 1, 2022
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क्या चीन में कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों को गोली मार रही है पुलिस?

Claim
कोरोनावायरस के प्रकोप से बचने के लिए चीन सरकार ने 25000 संक्रमित लोगों को गोली मारने का दिया आदेश। 
Verification
इन दिनों कोरोनावायरस के प्रकोप से पूरा विश्व प्रभावित हो रहा है, जिसके साथ सोशल मीडिया पर लोग वायरस से संबंधित तरह-तरह के संदेश और वीडियो शेयर कर रहें हैं । इसी बीच ट्विटर पर एक वीडियो को सैंकड़ों लोगों द्वारा खूब शेयर तथा रीट्वीट किया गया है।
वीडियो में कुछ चीन के पुलिसकर्मियों को एक सड़क पर हाथ में बन्दूक लेकर जाते हुए देखा जा सकता है वीडियो में आगे बन्दूक की गोलियों की आवाज को सुनने के साथ ही कुछ लोगों को घायल तथा मृत भी देखा जा सकता है। वायरल पोस्ट को कई अन्य लोगों द्वारा भी शेयर किया गया है।
इसके बाद वीडियो की सत्यता जानने के लिए हमने वीडियो को कुछ स्क्रीनशॉट्स के माध्यम से खोजा, सबसे पहले हमने वीडियो की शुरुआत में दिखने वाले चीन के पुलिसकर्मियों के स्क्रीनशॉट को खोजा ।
 
पहला हिस्सा
ट्विटर पर एक विश्वसनीय समाचार एजेंसी CGTN के एक ट्वीट में क्लिप का मूल वीडियो प्राप्त हुआ। ट्वीट के मुताबिक चीन की पुलिस ने बताया है कि वीडियो भ्रामक दावे के साथ सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है वीडियो में जो पुलिसकर्मी हथियार के साथ दिख रहें हैं वह असल में पागल कुत्तो से निपटने के लिए आए हैं।
दूसरा हिस्सा 
उपरोक्त ट्वीट से पुलिस के ‘हाथ में हथियार’ वाली क्लिप की पुष्टि होने के बाद हमने वीडियो के दुसरे हिस्से की जाँच आरम्भ की, जहां पीछे से गोलियों के चलने की आवाज को सुनने के साथ एक महिला को दीवार के सहारे खड़े हुए देखा जा सकता है।
जांच में हमें कोई ठोस सबूत तो प्राप्त नहीं हुए हालांकि कई वीडियो देखने के बाद यह तो साफ है कि इसमें गोली चलने जैसी आवाज़ सुनाई दे रही है। हमारी खोज में यह पता चला कि वीडियो को सबसे पहले 25 जनवरी को अपलोड किया गया था। 25 जनवरी से ही चीन का नया साल भी शुरु होता है। हो सकता है कि जो आवाज़ें सुनाई दे रही हैं वो आतिशबाज़ी की आवाज़ें हों और सड़क पर लेटे हुए यह लोग किसी और वजह से इसी स्थिति में हों:
पहला कारण: कोरोनावायरस से संक्रमित इलाके में लोग बिना मास्क के नहीं घूमेंगे।
दूसरा कारण: लेटे हुए एक शख्स को मेडिकल जांच कर रहे व्यक्ति से वार्तालाप करते देखा जा सकता है।
तीसरा कारण: वीडियो में दिखाई दे रहे लोग किसी भी प्रकार से भयभीत नहीं दिख रहे यदि वहां गोलियां चल रही होती तो लोग खुद को बचाने के लिए भागते नज़र आते।
चौथा कारण: यदि यहां गोलियां चली होती और लोग मारे गए होते तो यहां खून दिखाई देता लेकिन शेयर किए जा रहे इस वीडियो में कहीं भी खून दिखाई नहीं देता। 
 
तीसरा हिस्सा 
इसके उपरान्त वीडियो में मृत दिखने वाले युवक की क्लिप की सत्यता जानने के लिए हमने गूगल पर और बारीकी से खोजा। 
इस दौरान हमें  observers.france24 नामक वेबसाइट पर किसी अन्य भाषा में प्रकाशित एक लेख में वायरल वीडियो प्राप्त हुआ। गूगल ट्रांसलेशन की सहायता से पता चला कि लेख में इस बात का जिक्र किया गया है कि वीडियो में मृत दिखने वाला युवक पुलिस की गोली से नहीं मरा बल्कि एक सड़क हादसे में उसकी मौत हुई है।  
हमें मिले तथ्यों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि दो-तीन वीडियो को मिलाकर वायरल पोस्ट बनाया गया जो गलत दावे के साथ फैलाया जा रहा है।
Tools Used 
  • Reverse Image Search 
  • Google Search 
  • Twitter Advanced Search 
  • Yandex Search 
  • Google Translator
Result- Misleading
(किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044  या ई-मेल करें: [email protected])
 
Nupendra Singh
Nupendra Singh
A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encouraged Nupendra to work as a fact-checker. He believes one should always check the facts before sharing any information with others. He did his Masters in Journalism & Mass Communication from Lucknow University.
Nupendra Singh
Nupendra Singh
A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encouraged Nupendra to work as a fact-checker. He believes one should always check the facts before sharing any information with others. He did his Masters in Journalism & Mass Communication from Lucknow University.

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