सोमवार, नवम्बर 28, 2022
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आज तक का मॉर्फ्ड स्क्रीनशॉट भ्रामक दावे के साथ किया जा रहा है शेयर, पढ़ें वायरल दावे का सच 

Claim: तुसली पीने से नहीं होगा कोरोना का असर। 

जानिए क्या है वायरल दावा:

चीन के वुहान से शुरू हुआ कोरोना वायरस अब तक दुनिया के कई देशों में फैल चुका है, जिसमें भारत भी शामिल है। भारत में यह संक्रमण सबसे पहले केरल में सामने आया था और शुरूआत में केरल में तीन लोगों के संक्रमित होने का पता चला था। भारत में यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में शेयरचैट पर हिंदी न्यूज़ चैनल आजतक की ब्रैकिंग न्यूज़ का स्क्रीन शॉट वायरल हो रहा है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि तुलसी पीने से नहीं होगा कोरोना का असर, WHO विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा यह सूचना जारी की गई है।     

Verification

महामारी कोरोना वायरस (COVID-19) अभी तक 117 से अधिक देशों में अपने पैर पसार चुका है। कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या अब 1 लाख 16 हज़ार से अधिक हो गई है। लेकिन इनमें सबसे अधिक मामले चीन से ही सामने आए हैं। वहीं COVID-19 से मरने वालों की संख्या अब चार हज़ार से अधिक हो गई है। भारत में महामारी से संक्रमित लोगों का आंकड़ा 74 हो गया है। वहीं वायरस के प्रकोप को सीमित करने के लिए भारत ने बड़ा कदम उठाते हुए विदेशियों के आने पर 15 अप्रैल तक रोक लगा दी है। ऐसे में सोशल मीडिया पर इस महामारी से संबंधित अलग-अलग दावे वायरल हो रहे हैं। शेयरचैट पर हिंदी न्यूज़ चैनल आजतक की ब्रैकिंग न्यूज़ का स्क्रीन शॉट वायरल हो रहा है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि तुलसी पीने से कोरोना का असर नहीं होगा, WHO विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा यह सूचना जारी की गई है।     

 

वायरल दावे को फेसबुक पर कई यूजर्स द्वारा शेयर किया जा रहा है जिसे यहां और यहां देखा जा सकता है

शेयरचैट पर भी वायरल दावे को शेयर किया जा रहा है। 

कुछ कीवर्ड्स की मदद से हमने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावे को खंगाला। जांच के दौरान सबसे पहले हमने WHO की वेबसाइट को खोजा, जहां हमें वायरल दावे से संबंधित कोई जानकारी नहीं मिली। जिसको आप नीचे देख सकते हैं।

वायरल दावे की तह तक जाने के लिए हमने विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी की गई एडवाइजरी को भी पढ़ा। जहां हमें वायरल दावे से संबंधित कोई जानकारी नहीं मिली। WHO द्वारा बताया गया है कि कोरोनावायरस को ठीक करने के लिए अभी तक कोई टीका या दवाई नहीं बनी है, डॉक्टर और वैज्ञानिक इस पर अभी भी रिसर्च कर रहें हैं। इस खोज में यह साबित होता है कि वायरल स्क्रीनशॉट में किए जा रहे दावे में कोई सच्चाई नहीं है। 

अब हमने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हिंदी न्यूज़ चैनल आज तक की ब्रैकिंग न्यूज़ के स्क्रीनशॉट को खंगाला। पड़ताल के दौरान हमने आज तक की वेबसाइट को खंगाला जहां हमें इससे संबंधित कोई लेख नहीं मिला। 

वायरल स्क्रीनशॉट को खंगालने के लिए हमने AAJ TAK की ब्रैकिंग देखी। जहां हमें सोशल मीडिया पर वायरल स्क्रीनशॉट और असली ब्रैकिंग फॉरमेट में कई अंतर दिखे, जिसको आप नीचे देख सकते हैं।

 

   

पहला अंतर- वायरल स्क्रीनशॉट में सबसे बड़ी गलती कोरोना की स्पैलिंग गलत लिखी गई है। कोरोना को (कोरोनो) लिखा गया है।  

दूसरा अंतर- दोनों ब्रैकिंग में इस्तेमाल किए गए लाल रंग में भी अंतर को साफ देखा जा सकता है।

तीसरी अंतर- दोनों ब्रैकिंग फ़ॉर्मेट का फॉन्ट साइज और फॉन्ट स्टाइल अलग-अलग है। 

हमारी पड़ताल में साफ होता है कि फेसबुक और शेयरचैट पर हिंदी न्यूज़ चैनल आज तक की मॉर्फ्ड  स्क्रीनशॉट को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। 

Tools Used

  • Google Keywords Search 

Result: False 

(किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044  या ई-मेल करें: [email protected])

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