सोमवार, अक्टूबर 25, 2021
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इंदौर में सड़क पर पड़े मिले नोटों की घटना को सांप्रदायिक रंग देकर फैलाया जा रहा है भ्रम

Claim

एक समुदाय विशेष के लोगों ने कोरोनावायरस फैलाने के लिए अब रोड पर संक्रमित नोटों को फेंकना शुरू कर दिया है। इस नए तरीके से वायरस फैलाने वालों को पकड़ना पुलिस के लिए और भी कठिन हो जायेगा।  

जानिए वायरल दावा क्या है: कोरोनावायरस के बढ़ते ख़तरे के बीच दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से मिले एक साथ सैकड़ों जमातियों ने देश को परेशानी में डाल दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जमातियों के कारण देश में कोरोनावायरस से पीड़ितों की संख्या में 30 फीसदी का इज़ाफा हुआ है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पुलिस को एक रोड पर कुछ नोट पड़े मिले हैं। वीडियो में बताया जा रहा है कि एक समुदाय विशेष ने कोरोनावायरस फैलाने के लिए अब यह एक नया तरीका खोजा है। जिससे अब पुलिस को वायरस फैलाने वालों को पकड़ने में और अधिक कठिनाई होगी।  

Verification

जहां भारत सरकार एक तरफ कोरोनावायरस से होने वाले प्रकोप के रोकथाम के लिए कड़े फैसले ले रही है तो वहीं दूसरी तरफ भ्रामक ख़बरों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। फेसबुक पर उक्त दावे के साथ प्राप्त वायरल वीडियो की जांच के लिए हमने अपनी पड़ताल आरम्भ की। अपनी पड़ताल के दौरान सबसे पहले हमने वायरल हो रहे वीडियो को कुछ स्क्रीनशॉट्स के माध्यम से सोशल मीडिया पर खोजा। जिसके बाद हमें ट्विटर और फेसबुक पर अन्य यूज़र के हैंडल में वायरल वीडियो प्राप्त हुआ।  

इसके बाद वायरल वीडियो की जानकारी प्राप्त करने के लिए हमने Google पर कुछ कीवर्ड्स के माध्यम से खोज की। इस दौरान हमें News18 की वेबसाइट पर 16 अप्रैल 2020 को प्रकाशित एक लेख प्राप्त हुआ। 

लेख के मुताबिक वायरल वीडियो का संबंध मध्यप्रदेश में इंदौर के खातीपुरा इलाके से है। जहां गुरुवार को इलाके की एक सड़क पर 100, 200 और 500 के 25 नोट पड़े मिले। जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया, आस- पास के लोगों ने इसकी जानकारी नगर पालिका को दी। जिसके बाद पुलिस ने आकर सड़क पर पड़े नोटों को एक पॉलीथीन में जमा किया। मीडिया को पुलिस ने बताया कि एक अनजान व्यक्ति ने गाड़ी से यह नोट बाहर फेंके है। इस अनजान व्यक्ति की शिनाख़्त के लिए पुलिस इलाके के CCTV फुटेज खंगाल रही है।  

उक्त वीडियो के साथ वायरल हो रहे दावे की पुष्टि के लिए हमने और बारीकी से खोज की। खोज के दौरान हमें TimesNow की वेबसाइट पर प्रकाशित लेख प्राप्त हुआ जहां इस दावे से संबंधित जानकारी दी गई थी। जहां साथ ही साथ यह भी बताया गया है कि रोड पर प्राप्त नोट संक्रमित हैं या नहीं, यह पता लगाने के लिए नोटों को टेस्ट के लिए भेज दिया गया है।  

इसके बाद वायरल दावे की पड़ताल के लिए Newschecker की टीम ने इलाके के स्थानीय पुलिस थाना प्रभारी ‘राजीव भदौरिया’ से संपर्क किया। उन्होंने वायरल दावे को ख़ारिज करते हुए बताया कि किया जा रहा दावा गलत है। साथ ही उन्होंने लोगों से ऐसी किसी भी भ्रामक अफ़वाह को न फ़ैलाने की अपील की है ।  

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कई टूल्स और कीवर्ड्स का उपयोग करते हुए वायरल दावे का बारीकी से अध्ययन करने पर हमें पता चला कि उक्त वीडियो के साथ वायरल हो रहा दावा भ्रामक है।   

    

Tools Used 

  • Google Search
  • Phone Verification 

Result- Misleading  

(किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044 या ई-मेल करें: checkthis@newschecker.in)

Nupendra Singh
A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encouraged Nupendra to work as a fact-checker. He believes one should always check the facts before sharing any information with others. He did his Masters in Journalism & Mass Communication from Lucknow University.

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