गुरूवार, सितम्बर 29, 2022
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क्या बिहार में RJD नेता की गाड़ी से बरामद हुई लाखों की नगदी?

सोशल मीडिया पर पुलिस की छापेमारी की कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इनमें से एक तस्वीर में कुछ पुलिसकर्मियों को एक गाड़ी का घेराव करते हुए देखा जा सकता है। दूसरी तस्वीर में कई पुलिसकर्मियों को कुछ नोटों की गड्डियों को जमा करते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि कल नोटों की यह गड्डियां RJD नेता की गाड़ी से एक छापेमारी के दौरान बरामद की गयी हैं। इन पैसों को बिहार की बैकुंठपुर सीट के वोटरों को बांटने के लिए ले जाया जा रहा था।

वायरल तस्वीर बिहार RJD

फेसबुक पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहाँ देखें।

Fact check / Verification

भारत में चुनाव के दौरान वोटरों को पैसे देकर वोट खरीदने की खबरें आमतौर पर सुनने को मिल ही जाती हैं। बिहार राज्य में विधानसभा चुनाव का दौर चल रहा है ऐसे में सोशल मीडिया पर बिहार चुनाव के दौरान RJD नेता नेता तेजस्वी यादव द्वारा लोगों में पैसे बांटने की खबर वायरल हुई थी जो फर्जी थी। चुनाव के दौरान ऐसी ही तमाम भ्रामक खबरें वायरल होती रहती हैं।

इसी बीच फेसबुक पर पुलिस की छापेमारी वाली कुछ तस्वीरें उपरोक्त दावे के साथ शेयर हो रही है। तस्वीरों के साथ वायरल हो रहे दावे का सच जानने के लिए हमने अपनी पड़ताल आरम्भ की। चूँकि वायरल पोस्ट में दो तस्वीरों का हवाला दिया जा रहा है, इसलिए अपनी पड़ताल में हमने एक-एक कर वायरल तस्वीरों को गूगल पर रिवर्स इमेज टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया।

पहली तस्वीर

वायरल तस्वीर बिहार RJD

पहली तस्वीर हमें Mbs.news की वेबसाइट पर 23 अक्टूबर साल 2020 को छपे एक लेख में मिली। लेख में वायरल तस्वीर की जानकारी देते हुए यह बताया गया था कि वायरल तस्वीर बिहार में सदाकत आश्रम स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर छापेमारी के दौरान की है।

वायरल तस्वीर बिहार RJD

वायरल तस्वीर पर उपरोक्त प्राप्त जानकारी की पुष्टि के लिए हमने गूगल पर और बारीकी से खोजा। इस दौरान हमें अमर उजाला की वेबसाइट पर भी 23 अक्टूबर साल 2020 को छपे एक लेख में वायरल तस्वीर मिली। लेख से इस बात की पुष्टि हुई कि वायरल तस्वीर बिहार प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर पड़े इनकम टैक्स के रेड के दौरान की है।

वायरल तस्वीर बिहार RJD

दूसरी तस्वीर

वायरल तस्वीर बिहार RJD

इसके बाद हमने दूसरी तस्वीर को गूगल पर रिवर्स इमेज टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। इस दौरान दूसरी वायरल तस्वीर hindustantimes.com की वेबसाइट पर 19 अक्टूबर साल 2020 को छपे एक लेख में मिली।

लेख के मुताबिक किशनगंज जिले में पुलिस ने देर शाम बिहार-बंगाल सीमा के पास दो वाहनों से 65 लाख रुपये से अधिक की नकदी जब्त की। पुलिस के अनुसार कथित रूप से ये पैसे वोटर्स को प्रभावित करने के लिए इस्तेमाल किये जाने थे।

वायरल तस्वीर बिहार RJD

इसके साथ ही हमें वायरल दावे की जानकारी न्यूज़ 24 की वेबसाइट पर 19 अक्टूबर साल 2020 को छपे लेख से मिली। प्राप्त लेख में भी उपरोक्त मिले तथ्यों की पुष्टि की गयी है। उक्त लेख के मुताबिक किशनगंज जिले में पुलिस द्वारा रविवार देर शाम बिहार-बंगाल सीमा के पास दो वाहनों से 65 लाख रुपये से अधिक की नकदी जब्त की गई थी।

वायरल तस्वीर बिहार RJD

लेख में आगे किशनगंज के पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष का बयान भी छापा गया है। दालकोला से आने वाली इनोवा गाड़ी की चेकिंग के बाद वाहन से 60.26 लाख रुपये नकद मिले। पूछताछ के दौरान, बबलू ने कहा कि कैश सैमसंग टी एस्टेट, न्यू जलपाईगुड़ी के मजदूरों के बीच बांटने के लिए था, लेकिन उसके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं था। मामले की जाँच अभी जारी है।

Conclusion

वायरल तस्वीरों के साथ किये गए दावे की पड़ताल के दौरान उपरोक्त मिले तथ्यों से हमें पता चला कि वायरल दावा भ्रामक है। असल में दोनों ही वायरल तस्वीरों को दो अलग-अलग जगह से लिया गया है। लेकिन इन तस्वीरों का ना तो RJD नेता से कोई संबंध है और ना ही यह बिहार की बैकुंठपुर विधानसभा सीट से है।

Result- Misleading

Sources

https://hindi.news24online.com/news/india/bihar-elections-2020-police-recovered-65-lakh-rupees-vehicles-kishanganj-94866bb4/

https://www.hindustantimes.com/bihar-election/in-poll-bound-bihar-police-seize-rs-65-lakh-from-2-vehicles-in-kishanganj/story-yL9ntnbuS4zC3yYAcPr9rJ.html

https://www.jagran.com/elections/bihar-vidhan-sabha-bihar-assembly-election-2020-income-tax-raid-at-sadakam-ashram-caught-50-lakh-20930948.html


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Nupendra Singh
Nupendra Singh
A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encouraged Nupendra to work as a fact-checker. He believes one should always check the facts before sharing any information with others. He did his Masters in Journalism & Mass Communication from Lucknow University.
Nupendra Singh
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A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encouraged Nupendra to work as a fact-checker. He believes one should always check the facts before sharing any information with others. He did his Masters in Journalism & Mass Communication from Lucknow University.

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