शनिवार, दिसम्बर 10, 2022
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हिमालया कंपनी के संस्थापक के नाम से सोशल मीडिया पर शेयर किया गया फेक वीडियो।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 44 सेकंड की एक वीडियो वायरल हो रही है। वीडियो में एक शख्स मुस्लिमों को संबोधित कर रहा है और न्यायिक सेवाओं, पुलिस विभाग, प्रशासनिक सेवाओं सहित स्वास्थ्य सेवाओं पर मुस्लिम समुदाय के लोगों को इन क्षेत्रों पर कब्जा करने को कह रहा है। इस वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि वीडियो में नज़र आ रहा शख्स हिमालय कंपनी का संस्थापक है।

https://twitter.com/Bharatp22285782/status/1309530497681207296

देखा जा सकता है कि इस वीडियो को फेसबुक पर कई यूज़र्स द्वारा शेयर किया जा रहा है।

ट्विटर पर भी इस वीडियो को अलग-अलग यूज़र्स् द्वारा शेयर किया जा रहा है।

शेयरचैट पर भी इस वीडियो को शेयर किया जा रहा है।

Fact Check/Verification

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे दावे की सत्यता जानने के लिए हमने पड़ताल शुरू किया। InVID की मदद से मिले कीफ्रेम्स को हमने Google Reverse Image Search की मदद से खंगाला।

पड़ताल के दौरान हमें 7 सितंबर, 2020 को The Siasat Daily द्वारा प्रकाशित की गई एक मीडिया रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो में नज़र आ रहा शख्स वकील (Lawyer) है।

वीडियो में नज़र आ रहा शख्स उर्दू में बोल रहा है और बाबरी मस्जिद के विध्वंस का जिक्र कर रहा है। इससे मिलते-जुलते कुछ कीवर्ड्स की मदद से हमने खोज शुरू किया।  

पड़ताल के दौरान हमें Naqi Ahmed Nadwi नामक फेसबुक पर 6 अगस्त की एक पोस्ट मिली।

https://www.facebook.com/105822587910985/videos/228728968466676

नकी अहमद नदवी द्वारा शेयर की गई फेसबुक पोस्ट का कैप्शन हिंदी में लिखा हुआ था। जिसका हिंदी अनुवाद कुछ इस तरह है। बाबरी मस्जिद का विध्वंस और उसकी साइट पर राम मंदिर का निर्माण भारत के इतिहास का एक महत्वपूर्ण मोड़ है जिस पर मुसलमानों को गंभीरता से विचार करना चाहिए

नकी अहमद नदवी की फेसबुक पोस्ट के आर्काइव वर्ज़न को यहां देखा जा सकता है। अयोध्या में 5 अगस्त, 2020 को राम मंदिर की नींव रखी गई थी। पीएम नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर की आधारशिला रखी थी।

नीचे दोनों तस्वीरों में फेसबुक प्रोफाइल पर लगी तस्वीर और वायरल वीडियो में नज़र आ रहे शख्स की तस्वीर को एक साथ देखा जा सकता है। दोनों तस्वीरों में नज़र आ रहे दोनों व्यक्ति एक हैं।

पड़ताल के दौरान हमें Naqi Ahmed Nadwi नामक एक YouTube चैनल भी मिला। इस चैनल पर एक व्यक्ति को मुस्लिम समुदाय से संबंधित अलग-अलग मुद्दों पर बात करते हुए देखा जा सकता है।

अधिक जानकारी के लिए हमने LinkedIn पर नकी अहमद नदवी की प्रोफाइल को खंगाला। पड़ताल के दौरान हमें इसी नाम से एक प्रोफाइल मिली। इस प्रोफाइल में इस्तेमाल की गई तस्वीर और नाम एक जैसा है।

प्रोफाइल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार नकी अहमद नदवी सउदी अरब स्थित फर्म मैडन (Firm Maaden) में एक एडमिनिट्रेटर (Administrator) के रूप में कार्यरत है।

वायरल दावे की तह तक जाने के लिए हमने Himalaya की आधिकारिक वेबसाइट को खंगाला। पड़ताल में हमने पाया कि हिमालय के संस्थापक मोहम्मद मनल का निधन 1986 में हो गया था।

पड़ताल जारी रखते हुए अब हमने मोहम्मद मनल और वायरल वीडियो में नज़र आ रहे शख्स की तस्वीर को एक साथ देखा और तुलना करने पर हमने दोनों तस्वीरों को बिल्कुल अलग पाया।

Conclusion

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही वीडियो का बारीकी से अध्ययन करने पर हमने पाया कि वीडियो में नज़र आ रहा शख्स हिमालय कंपनी के संस्थापक मोहम्मद मनल नहीं है।


Result: False


Our Sources

The Daily Siasat https://www.siasat.com/stop-mourning-babri-masjid-ensure-muslims-are-represented-everywhere-1967728/

Facebook https://www.facebook.com/Naqi-Ahmed-Nadwi-Page-105822587910985/

YouTube https://www.youtube.com/channel/UCeePbt4Gw7QNPjyejShRgTQ/videos

Himalaya Website https://www.himalayaglobalholdings.com/abouthimalaya/milestones.htm


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