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क्या राजस्थान सरकार हल्दीघाटी युद्ध का इतिहास बदलने जा रही है? जानें पूरा सच

सोशल मीडिया पर एक अखबार की कटिंग के जरिए दावा किया जा रहा है कि राजस्थान सरकार, 1576 में अकबर और महाराणा प्रताप के बीच हुए हल्दीघाटी युद्ध के परिणाम को बदलने जा रही है. अखबार की इस कटिंग के मुताबिक, 441 साल पहले हुए युद्ध को आज तक बेनतीजा माना जाता रहा है, लेकिन अब राजस्थान सरकार ने दावा किया है कि यह युद्ध महाराणा प्रताप ने जीता था. साथ में लिखा है कि राजस्थान सरकार ने यह दावा डॉक्टर चंद्रशेखर शर्मा नाम के एक इतिहासकार के शोध के हवाले‌‌ से किया है.

सोशल मीडिया यूजर्स इस कटिंग को शेयर करते हुए राजस्थान की कांग्रेस सरकार और सीएम अशोक गहलोत को धन्यवाद कह रहे हैं कि उन्होंने हल्दीघाटी युद्ध का इतिहास सही कर दिया. फेसबुक पर अखबार की कटिंग काफी वायरल है.

हल्दीघाटी युध्द का इतिहास
Courtesy: Facebook/pardeep.rss.7
हल्दीघाटी युध्द का इतिहास
Courtesy: Facebook/Parveen Taak

दरअसल, बीते 9 मई को महाराणा प्रताप जयंती थी. इसी के मद्देनजर सोशल मीडिया पर यह कटिंग वायरल होने लगी. बता दें कि महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को राजस्थान के कुंभलगढ़ किले में हुआ था. 1572 में महाराणा प्रताप मेवाड़ के 13वें राजा बने. उनके कार्यकाल का सबसे चर्चित युद्ध हल्दीघाटी का ही था, जिसमें उन्होंने मुगल शासक अकबर की सेना का सामना किया था.

Fact Check/Verification

वायरल अखबार की कटिंग में लिखी बातों को कुछ कीवर्ड्स की मदद से खोजने पर हमें इसको लेकर 2017 की कई खबरें मिलीं. पत्रिका में अगस्त 2017 में प्रकाशित हुई खबर में ठीक वही जानकारी लिखी है जो वायरल कटिंग में है. इस कटिंग को एक फेसबुक यूजर ने भी 2 सितंबर 2017 को पोस्ट किया था.

हल्दीघाटी युध्द का इतिहास
Courtesy: Facebook/Shreegroup7773

यहां गौर करने वाली बात यह है कि 2017 में राजस्थान में बीजेपी की सरकार थी और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे थीं. इसलिए यह कहना गलत है कि यह खबर हाल फिलहाल की है. राजस्थान की सत्ताधारी कांग्रेस सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है.

दरअसल, जनसत्ता की एक ख़बर के अनुसार, जुलाई 2017 में वसुंधरा राजे सरकार ने हल्दीघाटी युद्ध से जुड़ा इतिहास बदल दिया था. सरकार ने राजस्थान में दसवीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की किताब में बदलाव करते हुए इस बात का उल्लेख किया था कि हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप ने अकबर को हराया था. इससे पहले तक युद्ध में जीत के बारे में इतिहासकारों की अलग-अलग राय थी. मीडिया संस्थान आजतक‌ ने अपनी एक खबर में लिखा है कि इस बदलाव के पहले राजस्थान में इतिहास की किताबों में पढ़ाया जाता था कि हल्दीघाटी युद्ध में अकबर की सेना जीती थी. 2017 में राजस्थान की किताबों से यह जानकारी बदल दी गई और युद्ध के विजेता महाराणा प्रताप बन गए.

इसके बाद राजस्थान की सत्ता में आई कांग्रेस सरकार ने इतिहास की किताबों में लिखी इस जानकारी को फिर से बदल दिया. खबरों के मुताबिक, सरकार ने सामाजिक विज्ञान की किताब में उन तथ्यों को हटा दिया जिनमें महाराणा प्रताप की जीत का उल्लेख था. कुछ खबरों में यह भी लिखा है कि राजस्थान के पाठ्यक्रम में कांग्रेस सरकार द्वारा किए गए बदलाव में ना तो अकबर को महान बताया गया और ना ही महाराणा प्रताप को.

Conclusion

कुल मिलाकर यहां यह बात स्पष्ट हो जाती है कि वायरल हो रही अखबार की यह कटिंग‌ पांच साल पुरानी है, जिसे हालिया खबर बताकर शेयर किया जा रहा है. हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप की जीत का दावा बीजेपी सरकार ने किया था, ना कि कांग्रेस ने.

Result: False Context/Missing Context

Our Sources

Report of Patrika, published on August 31, 2017
Report of AajTak, published on June 23, 2020
Report of Jansatta, published on July 25, 2017
Facebook post of September 2, 2017

किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044 या ई-मेल करें: [email protected]

Arjun Deodia
Arjun Deodia
An Electronics & Communication engineer by training, Arjun switched to journalism to follow his passion. After completing a diploma in Broadcast Journalism at the India Today Media Institute, he has been debunking mis/disinformation for over three years. His areas of interest are politics and social media. Before joining Newschecker, he was working with the India Today Fact Check team.
Arjun Deodia
Arjun Deodia
An Electronics & Communication engineer by training, Arjun switched to journalism to follow his passion. After completing a diploma in Broadcast Journalism at the India Today Media Institute, he has been debunking mis/disinformation for over three years. His areas of interest are politics and social media. Before joining Newschecker, he was working with the India Today Fact Check team.

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