गुरूवार, दिसम्बर 1, 2022
गुरूवार, दिसम्बर 1, 2022

होमFact Checkवर्षों पुरानी तस्वीरों को किसान आंदोलन से जोड़कर सोशल मीडिया पर किया...

वर्षों पुरानी तस्वीरों को किसान आंदोलन से जोड़कर सोशल मीडिया पर किया जा रहा है वायरल।

पिपली में आयोजित हुई किसान रैली को प्रदेश भर में रोका गया था। यह रैली केंद्र सरकार के तीन अध्यादेश के खिलाफ आयोजित की गई थी। ट्विटर पर कुछ तस्वीरें बहुत ज्यादा वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि क्या आपने आज न्यूज़ चैनल पर इसे देखा? आप जानते हैं ये कौन है? नहीं?? क्या आप जानते हैं कि दिल्ली के बॉर्डर पर इनको रोका गया? यह हैं हमारे अन्नदाता। अन्नदाता किसान जो दिल्ली के बॉर्डर पर रोक दिए गए। इनके लिए संवेदना है तो सोशल मीडिया पर फैला दीजिए।

https://twitter.com/Tribal_Rj29/status/1304684496663404545?s=20

वायरल पोस्ट के आर्काइव वर्ज़न को यहां देखा जा सकता है।

नीचे देखा जा सकता है कि कुछ आधिकारिक हैंडल्स ने भी ट्विटर पर इस ट्वीट को शेयर किया है।

फेसबुक पर भी इस दावे को अलग-अलग यूज़र्स द्वारा शेयर किया जा रहा है।

Fact Check/Verification

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही तस्वीरों की सत्यता जानने के लिए हमने एक-एक तस्वीर की पड़ताल को शुरु किया।

पहली तस्वीर

नीचे देखा जा सकता है कि Bing.com की मदद से सर्च करने पर हमें वायरल तस्वीर से संबंधित कई परिणाम मिले।

दिल्ली के बॉर्डर पर इनको रोका गया? यह है हमारे अन्नदाता। अन्नदाता किसान जो दिल्ली के बॉर्डर पर रोक दिए गए।

पड़ताल के दौरान हमें Daily Mail द्वारा प्रकाशित की गई एक मीडिया रिपोर्ट और एक YouTube वीडियो भी मिली।

https://www.youtube.com/watch?v=MZIBz-9J1o4&feature=youtu.be

रिपोर्ट के मुताबिक यह वीडियो 28 अक्टूबर, 2012 को अपलोड की गई थी। तस्वीर में नज़र आ रही लड़की का नाम माईकेला गोत्ज़े है। वायरल तस्वीर में नज़र आ रही बच्ची इंजेक्शन लगवाने के डर से रो रही है।

दिल्ली के बॉर्डर पर इनको रोका गया? यह है हमारे अन्नदाता। अन्नदाता किसान जो दिल्ली के बॉर्डर पर रोक दिए गए।

दूसरी तस्वीर और चौथी तस्वीर

Google Reverse Image Search की मदद से हमें गांव कनेक्शन द्वारा प्रकाशित की गई रिपोर्ट मिली। यहाँ 10 सितंबर, 2020 को हरियाणा के पिपली में हिंसा के बारे में बताया गया है। इस लेख में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया है।

दिल्ली के बॉर्डर पर इनको रोका गया? यह है हमारे अन्नदाता। अन्नदाता किसान जो दिल्ली के बॉर्डर पर रोक दिए गए।
दिल्ली के बॉर्डर पर इनको रोका गया? यह है हमारे अन्नदाता। अन्नदाता किसान जो दिल्ली के बॉर्डर पर रोक दिए गए।

तीसरी तस्वीर

Bing.com की मदद से सर्च करने पर हमें 4 सितंबर, 2017 को पत्रिका द्वारा प्रकाशित की गई एक रिपोर्ट मिली।

दिल्ली के बॉर्डर पर इनको रोका गया? यह है हमारे अन्नदाता। अन्नदाता किसान जो दिल्ली के बॉर्डर पर रोक दिए गए।

रिपोर्ट के मुताबिक वायरल तस्वीर राजस्थान में किसानों द्वारा सरकार के खिलाफ निकाली गई शव यात्रा की है। इस प्रदर्शन में सैकड़ों महिलाएं भी शामिल थीं। इस प्रदर्शन के चलते सड़कों पर चार घंटे तक जाम लग गया था।

दिल्ली के बॉर्डर पर इनको रोका गया? यह है हमारे अन्नदाता। अन्नदाता किसान जो दिल्ली के बॉर्डर पर रोक दिए गए।

Conclusion

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही तस्वीरों का बारीकी से अध्ययन करने पर हमने पाया कि 2017 में हुई किसान रैली की तस्वीर को अभी का बताकर शेयर किया गया है। पड़ताल में हमने पाया कि वायरल तस्वीर में रो रही बच्ची की यह तस्वीर साल 2012 की है। जबकि अन्य दो तस्वीरें हाल ही में हुई किसान रैली की हैं।


Result: Misleading


Our Sources

YouTube https://www.youtube.com/watch?v=MZIBz-9J1o4&feature=youtu.be

Daily Mail https://www.dailymail.co.uk/news/article-2991334/Young-girl-reacts-hysterical-screams-tears-bizarre-face-pulling-getting-injection.html

Patrika https://www.patrika.com/sikar-news/kisan-rally-in-sikar-1-1779828/

Gaon Connection https://www.gaonconnection.com/desh/lathi-charge-on-farmers-in-haryana-pipli-farmers-were-holding-a-rally-in-protest-against-the-agriculture-ordinance-48060


किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044  या ई-मेल करें: [email protected]


कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular