शनिवार, सितम्बर 25, 2021
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मृतक किसान की इस वायरल तस्वीर का मौजूदा किसान आंदोलन से नहीं है कोई संबंध

जमीन पर पड़े एक व्यक्ति की तस्वीर को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर एक मृत किसान की है, जिनकी सिंघु बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के दौरान मृत्यु हो गई।

वायरल पोस्ट के आर्काइव लिंक को यहाँ देखें।

वायरल तस्वीर को उक्त दावे के साथ कई अन्य यूज़र्स ने भी सोशल मीडिया पर शेयर किया है

पोस्ट का आर्काइव लिंक यहाँ देखें।

वायरल तस्वीर को उक्त दावे के साथ फेसबुक पर भी खूब शेयर किया गया है

वायरल तस्वीर किसान मृत्यु

पोस्ट का लिंक

वायरल तस्वीर किसान मृत्यु
वायरल तस्वीर किसान मृत्यु

Fact check / Verification

केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए नए कृषि कानून को वापस लेने की मांग को लेकर पिछले 47 दिनों से किसान सिंघु बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रदर्शन के दौरान कई किसानों की मृत्यु भी हुई है। इसी संबंध में इन दिनों इंटरनेट पर एक तस्वीर जमकर वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि अभी हाल ही में एक और किसान की मृत्यु हो गई।

दावे की पुष्टि के लिए हमने पड़ताल शुरू की। इस दौरान हमने सबसे पहले मौजूदा किसान आंदोलन के दौरान मृत हुए किसानों के बारे में खोजना शुरू किया। जिसके बाद हमें Navbharat times की वेबसाइट पर हाल ही में 03 जनवरी को छपा एक लेख मिला।

वायरल तस्वीर किसान मृत्यु

रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा किसान आंदोलन में अभी हाल ही में एक ‘कश्मीर सिंह’ नामक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। लेख में यह भी बताया गया है कि आंदोलन में अब तक कुल 40 किसानों की मृत्यु हो चुकी है।

प्राप्त लेख से यह तो साफ़ हो गया था कि अभी हाल ही में एक किसान की मौत आंदोलन के दौरान हुई थी। लेकिन लेख में वायरल हो रही व्यक्ति की तस्वीर का कोई जिक्र नहीं किया गया था इसलिए हमने पड़ताल जारी रखी।

तस्वीर की जानकारी प्राप्त करने के लिए हमने गूगल पर रिवर्स इमेज टूल के माध्यम से खोजना शुरू किया। खोज के दौरान हमें वायरल तस्वीर punjabiakhbaar.com नाम की वेबसाइट पर 3 जुलाई साल 2020 को छपे एक लेख में मिली।

वायरल तस्वीर किसान मृत्यु

इस लेख की मदद से हमें पता चला कि वायरल तस्वीर मौजूदा किसान आंदोलन शुरू होने के कई महीने पहले से ही इंटरनेट पर मौजूद है। लेख में लिखी पंजाबी भाषा को समझने के लिए हमने गूगल ट्रांसलेटर की सहायता ली। इस दौरान हमें पता चला कि वायरल तस्वीर में जमीन पर पड़े व्यक्ति भारतीय किसान यूनियन के नेता जोगेंद्रर सिंह हैं।

खोज के दौरान हमें वायरल तस्वीर फेसबुक पर पंजाब आम आदमी पार्टी की एक विधायक सरबजीत सिंह मनुके द्वारा किए गए एक पोस्ट में भी मिली। पोस्ट में विधायक ने घटनास्थल की कुछ अन्य तस्वीरें भी अपलोड की हैं।

वायरल तस्वीर किसान मृत्यु

पोस्ट के मुताबिक तस्वीर में दिख रहे व्यक्ति किसान यूनियन के एक वरिष्ठ नेता हैं जिनकी मृत्यु जुलाई साल 2020 में ही हो गई थी। जानकारी दी गयी है कि किसान नेता, बठिंडा के श्री गुरुनानक देव थर्मल प्लांट के बंद होने पर पंजाब सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

आप पार्टी के विधायक द्वारा फेसबुक पोस्ट में दी गई जानकारी की पुष्टि के लिए हमने गूगल पर और बारीकी से खोजना शुरू किया। इस दौरान हमें मामले से संबंधित Punjabkesari की वेबसाइट पर 01 जुलाई साल 2020 को छपा एक लेख मिला।

वायरल तस्वीर किसान मृत्यु

लेख में दी गयी जानकारी के मुताबिक बठिंडा थर्मल प्लांट के गेट के सामने एक किसान ने ख़ुदकुशी कर ली थी। लेख में आगे बताया गया है कि पंजाब सरकार द्वारा बठिंडा थर्मल प्लांट को स्थाई तौर पर बंद करने से नाराज किसान यूनियन के नेता ने आत्महत्या कर ली।

इसके साथ ही हमें Indianexpress की वेबसाइट पर भी मामले से संबंधित एक लेख प्राप्त हुआ। जहां मृत किसान की पहचान की पुष्टि करते हुए उनका नाम जोगेंद्र सिंह बताया गया है जो मूल रूप से चीमा गांव जिला संगरूर के रहने वाले थे।

वायरल तस्वीर किसान मृत्यु

Conclusion

वायरल तस्वीर की पड़ताल के दौरान उपरोक्त मिले तथ्यों से पता चला इस तस्वीर का मौजूदा किसान आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। दरअसल यह तस्वीर किसान यूनियन के नेता जोगेंद्र सिंह की है जिन्होंने जुलाई साल 2020 में पंजाब सरकार द्वारा बठिंडा के थर्मल प्लांट को स्थाई तौर पर बंद करने के विरोध में अनशन किया था।

Result – Misleading

Our sources

https://indianexpress.com/article/cities/chandigarh/farmer-dead-dharna-bathinda-thermal-plant-sacrificing-life-land-sale-6486683/

https://punjab.punjabkesari.in/punjab/news/elderly-farmer-suicide-in-protest-against-the-closure-of-bathinda-thermal-plant-1195648

https://www.facebook.com/sarvjitkaurmanuke/posts/2742476466039827

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Nupendra Singh
A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encouraged Nupendra to work as a fact-checker. He believes one should always check the facts before sharing any information with others. He did his Masters in Journalism & Mass Communication from Lucknow University.

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