गुरूवार, सितम्बर 16, 2021
गुरूवार, सितम्बर 16, 2021
होमFact Checkजातीय संघर्ष के चलते वर्षों पूर्व तमिलनाडु में क्षतिग्रस्त हुई डॉ. भीमराव...

जातीय संघर्ष के चलते वर्षों पूर्व तमिलनाडु में क्षतिग्रस्त हुई डॉ. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति का वीडियो गलत दावे के साथ हुआ वायरल

साल 2022 में देश के कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां वोटों के ध्रुवीकरण में जुट गयी हैं। वोटों के ध्रुवीकरण की बात हो और हिन्दू-मुस्लिम के वोटों का जिक्र न हो, यह लाज़मी नहीं है। गौरतलब है कि चुनाव के दौरान हिन्दू-मुस्लिम सौहार्द को ठेस पहुंचाने वाले सैकड़ों दावे, सोशल मीडिया पर शेयर होते रहते हैं।

ऐसे में इन दिनों भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोगों को डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा को तलवार से तोड़ते हुए देखा जा सकता है। वीडियो के साथ दावा किया गया है कि ‘केरल में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने डॉ भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया।

वायरल पोस्ट का आर्काइव लिंक यहाँ देखें।    

लेख लिखे जाने तक वायरल वीडियो को 47 रिट्वीट तथा 36 लाइक मिल चुके हैं। इसके साथ ही वीडियो को कई अन्य यूज़र्स द्वारा भी वायरल दावे के साथ शेयर किया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करने वाले सभी यूज़र्स ने एक ही कैप्शन का इस्तेमाल किया है। बता दें, ऐसा अमूमन तब होता है, जब किसी भी पोस्ट को जान बूझकर वायरल करना हो।

Fact Check / Verification

क्या केरल में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया है, इस बात का सच जानने के लिए हमने पड़ताल शुरू की। इस दौरान हमने सबसे पहले वायरल वीडियो को Invid टूल की सहायता से कुछ कीफ्रेम्स में बदला और फिर एक कीफ्रेम को गूगल पर रिवर्स इमेज टूल की सहायता से खोजना शुरू किया।

खोज में हमें The Free Press नामक यूट्यूब चैनल पर एक दूसरा वीडियो मिला, जहां वायरल वीडियो वाला दृश्य देखा जा सकता है। यूट्यूब पर वीडियो को 26 अगस्त साल 2019 को अपलोड किया गया था। इस दौरान कैप्शन में जानकारी दी गयी थी की यह वीडियो तमिलनाडु का है।

केरल मुस्लिम समुदाय के लोगों ने डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ा

यूट्यूब पर प्राप्त वीडियो से यह साफ़ हो गया कि वायरल वीडियो की घटना पुरानी है। वायरल वीडियो की अधिक जानकारी के लिए हमने गूगल पर कुछ संबंधित कीवर्ड्स के माध्यम से खोजना शुरू किया। जिसके बाद हमें The Hindu की वेबसाइट पर 26 अगस्त साल 2019 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली।

केरल मुस्लिम समुदाय के लोगों ने डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ा

रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त साल 2019 को तमिलनाडु के वेदारण्यम शहर में दो जातियों के बीच हुए बवाल के बाद, डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा तोड़ी गयी थी। दरअसल हिन्दुओं की कथित तौर पर ऊंची जाति के एक चालक ने अपने वाहन से पैदल चल रहे एक दलित व्यक्ति को टक्कर मार दी, जिससे व्यक्ति घायल हो गया। इस घटना के बाद घायल दलित युवक के साथियों ने वाहन को आग लगा दी। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और जातीय संघर्ष में तब्दील हो गया।

इसके अलावा हमें Tamilnadu police के यूट्यूब चैनल पर उक्त मामले के संबंध में थंजावुर रेंज के DIG और आईपीएस लोगनाथन का एक वीडियो भी मिला। यह वीडियो यूट्यूब पर 27 अगस्त साल 2019 को अपलोड किया गया था।

बता दें कि वीडियो तमिल भाषा में था, लिहाज़ा भाषा को समझने के लिए, हमने newschecker की तमिल टीम से सहायता ली। जहां उन्होंने बताया कि वीडियो में पुलिस अफसरों द्वारा जानकारी दी जा रही है, “दलित और हिन्दुओं की कथित तौर पर ऊंची जाति के लोगों के बीच हुई झड़प के बाद कुछ लोगों ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। जिसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों गुटों के करीब 51 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल वेदारण्यम में शांति कायम है। इस मामले में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है।”

Conclusion

वायरल वीडियो की पड़ताल के दौरान मिले तथ्यों से हमें पता चला कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा को तोड़ने वाली घटना का यह वायरल वीडियो, हालिया दिनों का नहीं बल्कि साल 2019 का है, साथ ही यह घटना केरल की नहीं बल्कि तमिलनाडु की है। बताते चलें कि इस घटना में कोई भी सांप्रदायिक एंगल नहीं है।

Result- Misleading

Our Sources

https://www.youtube.com/watch?v=mQ-pP8PPi88

https://www.thehindu.com/news/national/tamil-nadu/ambedkar-statue-damaged-in-vedaranyam/article29255261.ece

https://www.youtube.com/watch?v=nahsd3eLQmI

किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044  या ई-मेल करें: checkthis@newschecker.in

Nupendra Singh
A rapid increase in the rate of fake news and its ill effect on society encouraged Nupendra to work as a fact-checker. He believes one should always check the facts before sharing any information with others. He did his Masters in Journalism & Mass Communication from Lucknow University.

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular