बुधवार, अक्टूबर 27, 2021
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पुरानी वीडियो क्लिप को भारत-चीन के सैनिकों के बीच हुए हालिया खूनी संघर्ष का बताकर किया जा रहा है शेयर

Claim:

एस. जयशंकर, हमें तथ्यों के साथ गड़बड़ नहीं करनी चाहिए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो देखिए और बताइए सैनिक निहत्थे क्यों थे। (गलवान के लिए 34वां सेकंड देखें) और सैनिकों की जान दांव पर रख ऐसी सैन्य स्थिति में निहत्था भेजने के लिए बॉर्डर को लेकर हुए समझौते का हवाला देना बंद करें। 

जानिए क्या है वायरल दावा:

ट्विटर पर कांग्रेस मीडिया विभाग प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने 4 मिनट 32 सेकंड की एक वीडियो ट्वीट किया है। पोस्ट में भारत-चीन के सैनिकों के बीच झड़प होती दिख रही है। रणजीप सुरजेवाला ने इस वीडियो को ट्वीट करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर पर निशाना साधा है। दावा किया जा रहा है कि एस. जयशंकर, हमें तथ्यों के साथ गड़बड़ नहीं करनी चाहिए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो देखिए और बताइए सैनिक निहत्थे क्यों थे। (गलवान के लिए वीडियो का 34वां सेकंड देखें) और सैनिकों की जान दांव पर रख ऐसी सैन्य स्थिति में निहत्था भेजने के लिए बॉर्डर को लेकर हुए समझौते का हवाला देना बंद करें। इस वीडियो को 2500 लोगों द्वारा रिट्वीट किया गया है और 6 हजार यूज़र्स ने लाइक भी किया है। 

Verification:

भारत और चीन के बीच लद्दाख की गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। लद्दाख सीमा पर चल रहा यह तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों ही देशों में हालिया घटनाक्रम के बाद तनाव बढ़ चुका है। कुछ टूल्स और कीवर्ड्स की मदद से हमने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो को खंगालना शुरू किया। 

रणदीप सुरजेवाला द्वारा किए गए ट्वीट के आर्काइव वर्जन को यहां देखा जा सकता है। 

विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल वीडियो को कई यूज़र्स द्वारा शेयर किया गया है।

https://www.facebook.com/ranjana.singh.1690/videos/1896408087159493

InVID की मदद से मिले कीफ्रेम्स को Yandex Search करने पर हमें कई परिणाम मिले। 

पड़ताल के दौरान हमें dwnews.com नामक वेबसाइट द्वारा चीनी भाषा में प्रकाशित किया गया एक लेख मिला। वायरल वीडियो और इस रिपोर्ट में इस्तेमाल किए गए विजुअल्स मिलते-जुलते हैं। यह रिपोर्ट 17 जनवरी, 2020 को प्रकाशित की गई थी। 

https://www.dwnews.com/%E4%B8%AD%E5%9B%BD/60165261/%E8%BE%B9%E5%A2%83%E5%AF%B9%E5%B3%99%E4%B8%AD%E5%85%B1%E5%86%9B%E5%AE%98%E5%AF%B9%E5%8D%B0%E5%86%9B%E7%88%86%E7%B2%97%E5%8F%A3%E6%92%82%E7%8B%A0%E8%AF%9D%E8%A7%86%E9%A2%91

YouTube खंगालने पर हमें चाइनीज़ चैनल पर 19 जनवरी, 2020 को अपलोड की गई एक वीडियो मिली।  

अधिक खोजने पर हमें YB Vlog नामक चैनल पर 13 जनवरी, 2020 को अपलोड की गई एक वीडियो मिली। इसके मुताबिक यह वीडियो अरूणाचल प्रदेश में चीन और भारत की सेना के बीच हुई झड़प का बताया गया है। 

कुछ कीवर्ड्स की मदद से खोजने पर हमें The Economic Times द्वारा प्रकाशित की गई मीडिया रिपोर्ट मिली। 11 जनवरी, 2020 को भारत ने इंडिया-चीन बॉर्डर पर मिलिट्री हॉटलाइन बनाने की बात बताई थी। इसके लिए चीन और भारत दोनों की सेनाएं तैयार थी। दोनों देशों की सेनाओं के बीच टेरिटोरियल विवाद के चलते ये फैसला लिया गया था।     

https://economictimes.indiatimes.com/news/international/world-news/facebook-removes-trump-ads-with-symbols-once-used-by-nazis/articleshow/76458105.cms?utm_source=ETMyNews&utm_medium=ASMN&utm_campaign=AL1&utm_content=10

ऊपर मिली जानकारी की मदद से हमने कुछ और अलग-अलग कीवर्ड्स की मदद से वायरल वीडियो की तह तक गए। खोज के दौरान हमें एक YouTube वीडियो मिली। 7 जुलाई, 2017 को Deccan Herald द्वारा अपलोड की गई एक वीडियो मिली। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो और 3 साल पहले अपलोड की गई वीडियो एक जैसी है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही वीडियो का बारीकी से अध्ययन करने पर हमने पाया कि यह वीडियो हालिया खूनी संघर्ष की नहीं बल्कि पुरानी है। हालांकि हम इस बात की पुष्टि नहीं करते हैं कि वास्तव में यह वीडियो कहां और कब की है। लेकिन इस वीडियो का हाल ही में भारत-चीन की सीमा पर हुए विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। लोगों को भ्रमित करने के लिए पुरानी वीडियो को हालिया विवाद से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।  

Result: False

Tools Used:

InVID

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After working for India News and News World India, Neha decided to provide the public with the facts behind the forwards they are sharing. She keeps a close eye on social media and debunks fake claims/misinformations.

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