सोमवार, दिसम्बर 6, 2021
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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के वाराणसी दौरे का एक साल पुराना वीडियो भ्रामक दावे के साथ हुआ वायरल

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर यह दावा किया गया कि प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का जबरदस्त विरोध किया गया.

उत्तर प्रदेश में 2022 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. 2007 में जहां यूपी की जनता ने बसपा सुप्रीमों मायावती पर भरोसा जताया था, वहीं 2012 के विधानसभा चुनावों में जनता ने समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव के सिर सेहरा बांध दिया था. 2017 में एक बार फिर सत्ता परिवर्तन हुआ और सत्ता भाजपा के हाथ चली गई. भाजपा ने गोरखपुर के तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री घोषित किया था.

यूपी में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी में सभी राजनैतिक दल जुट चुके हैं. इस बार के विधानसभा चुनाव में विजय हासिल करने के लिए राजनैतिक दल हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं. इसी जद्दोजहद में सोशल मीडिया का भी भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है.

इसी क्रम में सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर यह दावा किया गया कि प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का जबरदस्त विरोध किया गया.

Fact Check/Verification

प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का जबरदस्त विरोध के नाम पर शेयर किये जा रहे इस दावे की पड़ताल के लिए, हमने वायरल वीडियो को की-फ्रेम्स में बांटा और एक की-फ्रेम को गूगल पर ढूंढा. हालांकि इस प्रक्रिया में हमें कोई ठोस जानकरी प्राप्त नहीं हो सकी.

प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का जबरदस्त विरोध

हमारे द्वारा ‘protest smriti irani convoy’ कीवर्ड्स को यूट्यूब पर ढूंढने पर वायरल वीडियो से मिलते जुलते कई अन्य वीडियो प्राप्त हुए.

इस प्रक्रिया में हमें TEN NEWS नामक एक यूट्यूब चैनल द्वारा 3 अक्टूबर, 2020 को प्रकाशित एक वीडियो प्राप्त हुआ. उक्त यूट्यूब वीडियो के साथ शेयर किये गए टाइटल के अनुसार, “Smriti Irani convoy stopped by protestors over Hathras issue | Congress workers demand answer” (हिंदी अनुवाद: हाथरस मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों द्वारा स्मृति ईरानी के काफिले को रोका गया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांगा जवाब)

इसके बाद हमें NYOOOZ TV द्वारा 3 अक्टूबर, 2020 को प्रकाशित एक वीडियो प्राप्त हुआ. उक्त यूट्यूब वीडियो के साथ शेयर किये गए डिस्क्रिप्शन के अनुसार, “Union minister Smriti Irani who had been very vocal on women security issues and laws in India faced ire of the opposition party workers as she reached Varanasi on Saturday. Irani had not uttered a word in Hathras gangrape case even after the entire nation condemn and demand justice for the victim and her family.” (हिंदी अनुवाद: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, जो कि महिला सुरक्षा एवं कानूनों को लेकर काफी मुखर रही हैं, आज उनको अपने वाराणसी दौरे के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा. पूरे देश द्वारा पीड़िता और उसके परिवार को न्याय की मांग के बावजूद भी ईरानी ने इस विषय में एक शब्द भी नहीं बोला है.)

‘प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का जबरदस्त विरोध’ के नाम पर शेयर किया जा रहा यह दावा है भ्रामक

“smriti irani convoy stopped in Varanasi” कीवर्ड्स को यूट्यूब पर सर्च करने पर हमें वायरल वीडियो का ही एक हिस्सा ETV Andhra Pradesh, ETV Telangana एवं नवभारत टाइम्स के आधिकारिक चैनल्स पर भी प्राप्त हुआ. बता दें कि उक्त सभी प्रकाशनों में उक्त वीडियो को लगभग 1 साल पहले ही प्रकाशित किया है.

इस मामले में प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट्स यहां (1, 2, 3, 4) पढ़ी जा सकती हैं.

Conclusion

इस प्रकार हमारी पड़ताल में यह बात साफ जो जाती है कि प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के जबरदस्त विरोध के नाम पर शेयर किया जा रहा यह दावा भ्रामक है. वायरल वीडियो असल में 1 साल पुराना है, जिसे उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों के प्रचार से जोड़कर शेयर किया जा रहा है.

Result: Misleading/Misplaced Context

Our Sources

YouTube video published by NYOOOZ TV

YouTube video published by ETV Andra Pradesh

किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044 या ई-मेल करें: checkthis@newschecker.in

Saurabh Pandey
The reason why he chose to be a part of the Newschecker team lies somewhere between his passion and desire to surface the truth. The inception of social networking sites, misleading information, and tilted facts worry him. So, here he is ready to debunk any such fake story or rumor.
Saurabh Pandey
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