सोमवार, मई 23, 2022
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श्रीलंका द्वारा अपनी GDP का 95% कर्ज और भारत द्वारा अपनी GDP का 83% कर्ज लिए जाने के नाम पर भ्रामक दावा हुआ वायरल

सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि श्रीलंका द्वारा अपनी GDP का 95% कर्ज तथा भारत द्वारा अपनी GDP का 83% कर्ज लिया गया है.

श्रीलंका वर्तमान में भीषण आर्थिक तंगी (Sri Lanka economic crisis) से गुजर रहा है. देश की राजधानी कोलम्बो समेत कई अन्य जगहों पर दवा, ईंधन समेत अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी के बाद विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं. श्रीलंका की इस आर्थिक दुर्दशा के कारणों के बारे में बताते हुए CNN की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है कि देश में यह संकट सरकारी अव्यवस्था तथा दुर्भाग्य का परिणाम है. श्रीलंकाई सरकार समय-समय पर आमजन की सुविधाओं की व्यवस्था के लिए कर्ज लेती रही.

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने इसी साल के मार्च महीने की शुरुआत में श्रीलंका को एक बड़े आर्थिक संकट के प्रति चेतावनी दी थी. पूर्व में टैक्स बढ़ाने समेत अन्य उपायों को प्रभावी साधन ना मानते हुए श्रीलंकाई सरकार ने जनसरोकार से जुड़े मुद्दों के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए लगातार चीन, जापान, IMF समेत अन्य कई देशों एवं वैश्विक संस्थाओं से कर्ज लेना जारी रखा, जिसके परिणामस्वरुप देश आज एक बड़ी आर्थिक चुनौती से गुजर रहा है.

इसी क्रम में श्रीलंका के आर्थिक संकट का उदाहरण देकर भारत में भी ऐसे संकट की संभावना जताते हुए कई सोशल मीडिया यूजर्स ने यह दावा किया कि श्रीलंका द्वारा अपनी GDP का 95% कर्ज तथा भारत द्वारा अपनी GDP का 83% कर्ज लिया गया है.

Fact Check/Verification

श्रीलंका द्वारा अपनी GDP का 95% कर्ज तथा भारत द्वारा अपनी GDP का 83% कर्ज लेने के नाम पर शेयर किये जा रहे इस दावे की पड़ताल के लिए, हमने ‘sri lanka’s current debt to gdp ratio’ कीवर्ड्स को गूगल पर ढूंढा. इस प्रक्रिया में हमें Statista नामक वेबसाइट द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में साल 2016 से 2026 के बीच श्रीलंका के ऊपर कुल कर्ज तथा उसकी GDP के बीच का अनुपात प्राप्त हुआ.

श्रीलंका द्वारा अपनी GDP का 95% कर्ज तथा भारत द्वारा अपनी GDP का 83% कर्ज लिया गया है.
Statista नामक वेबसाइट पर मौजूद जानकारी

International Monetary Fund (IMF) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर यह जानने का प्रयास किया कि भारत और श्रीलंका के ऊपर कुल कर्ज, दोनों देशों की Gross domestic product (GDP) का कितना प्रतिशत है.

IMF की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी

IMF द्वारा प्रकाशित डाटा के अनुसार, 2021 में भारत पर कुल कर्ज देश की GDP के 90.601% था, जबकि श्रीलंका पर कुल कर्ज उसकी GDP का 109.250% था. बता दें कि साल 2022 में भारत के लिए यही आंकड़ा 88.803% है, जबकि श्रीलंका के लिए यह 111.421% है.

CountrySubject DescriptorUnitsScaleCountry/Series-specific Notes20192020202120222023202420252026
IndiaGeneral government gross debtPercent of GDP74.08689.60890.60188.80388.13587.29486.33585.194
Sri LankaGeneral government gross debtPercent of GDP86.802101.235109.25111.421111.883111.55110.983110.204
IMF द्वारा प्रकाशित डाटा

IMF द्वारा प्रकाशित आंकड़ों पर गौर करने पर हमें जानकारी मिली कि भारत के ऊपर कुल कर्ज GDP के एक बड़े हिस्से के बराबर है, जबकि श्रीलंका के ऊपर कुल कर्ज उसकी कुल GDP से भी ज्यादा है. भारत के ऊपर कुल कर्ज को लेकर विस्तृत जानकारी के लिए हमने RBI (Reserve Bank of India) की आधिकारिक वेबसाइट का रुख किया. RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2020-21 में भारत पर कुल कर्ज देश की GDP का 73.95% है. उक्त वित्तीय वर्ष में भारत के ऊपर कुल कर्ज का केवल 2.62% बाह्य कर्ज (external debt/liabilities) है. शेष 71.33% हिस्सा घरेलू कर्ज (domestic debt/liabilities) है, जिसमें से 26.63% हिस्सा, राज्यों के ऊपर कर्ज के रूप में मौजूद है तथा बाकी का 48.24% हिस्सा केंद्र सरकार के ऊपर कर्ज है.

TABLE 232 : SELECT DEBT INDICATORS OF THE CENTRAL AND STATE GOVERNMENTS
(As percentage to GDP)
Year (end-March)Domestic liabilities of CentreExternal liabilities of CentreTotal liabilities of the Centre (2+3)Total liabilities of the StatesCombined domestic liabilities of Centre & StatesCombined total liabilities of Centre & States
1234567
1982-8336.2010.2846.4818.8043.0153.29
1983-8434.9910.4845.4718.8642.0652.55
1984-8537.7210.3848.1019.7745.5755.95
1985-8641.2211.1652.3821.1949.3560.51
1986-8745.1511.2956.4421.5753.5564.85
1987-8846.8012.7259.5222.0555.4368.15
1988-8946.7012.3859.0821.4655.3267.70
1989-9047.7913.1560.9421.8956.9170.06
1990-9148.2811.3159.5921.8657.5468.85
1991-9247.1516.2863.4221.8256.6172.89
1992-9346.4315.6262.0521.7456.3972.01
1993-9448.3114.3462.6521.0858.0572.39
1994-9546.6413.6360.2720.7056.4170.04
1995-9645.2412.1057.3420.3455.1867.28
1996-9743.7910.5454.3220.1453.8364.37
1997-9845.9810.2756.2421.0456.0266.29
1998-9946.289.8756.1422.1657.2467.11
1999-0047.589.2356.8125.1961.2470.47
2000-0150.648.7359.3627.2964.9473.67
2001-0254.968.4763.4429.3270.3278.79
2002-0359.127.7366.8531.0175.1382.86
2003-0459.506.4865.9831.7976.7583.23
2004-0559.645.9065.5331.2876.2482.13
2005-0658.645.2563.9031.0873.8279.07
2006-0756.724.6861.4028.9169.9874.66
2007-0854.654.2158.8626.6367.2371.44
2008-0953.934.6958.6226.1167.5272.21
2009-1052.423.8556.2725.4566.7670.60
2010-1148.583.5852.1623.5062.0265.60
2011-1249.763.7053.4622.8263.6667.36
2012-1349.213.3452.5522.2363.3166.65
2013-1448.833.3352.1622.0063.7367.06
2014-1548.482.9451.4221.6963.6466.58
2015-1648.592.9551.5423.3765.5868.53
2016-1746.892.6549.5424.7566.1268.77
2017-1846.872.8349.6925.1266.9769.80
2018-1947.142.7149.8525.3468.0770.78
2019-2048.572.8851.4526.2570.8473.72
2020-2148.242.6250.8726.6371.3373.95
Notes :1. Data for 2019-20 are Revised Estimates and data for 2020-21 are Budget Estimates.
2. External liabilities of the Centre is at current exchange rate.
3. Total liabilities of the States, Combined domestic liabilities of Centre & States and Combined total liabilities of the Centre & States have been revised to include ‘reserve funds’,‘deposits and advances’ and ‘contingency fund’ of State Governments.
4. Data in respect of Combined finances are exclusive of NCT Delhi from 2005-06 onwards.
5. Combined and Centre’s liabilities are inclusive of securities/treasury bills under market stabilisation scheme (MSS).
6. GDP data for 2020-21 is taken from Union Budget 2020-21.
Also see Notes on Tables.
Sources : 1. Budget documents of the Government of India.
2. Combined Finance and Revenue Accounts of the Union and the State Governments in India and Budget documents of the State Governments.

भारतीय और श्रीलंकाई कर्ज में अंतर

घरेलू या विदेशी कर्ज, दोनों का ही बोझ उनके ब्याज की दर (interest rate), विनिमय दर (exchange rate), कर्ज की अवधि तथा ग्रेस अवधि जैसे अनेकों कारकों से निर्धारित होता है. श्रीलंका के ऊपर कुल कर्ज का लगभग 50% हिस्सा विदेशी कर्ज है, जबकि भारत के लिए यह आंकड़ा अपेक्षाकृत काफी कम है. कर्ज चुका पाने के सामर्थ्य की बात करें तो भारत में पिछले कुछ वर्षों में केंद्र तथा राज्य सरकारों ने जनता को राहत तो दी है, लेकिन साथ ही साथ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष करों में वृद्धि के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया है कि जनकल्याण की इस प्रक्रिया में देश या राज्य को ज्यादा घाटा ना हो. जबकि श्रीलंका में पिछले कुछ वर्षों में ना सिर्फ कई टैक्स खत्म कर दिए गए बल्कि कई तरह की टैक्स दरों में भी भारी कटौती की गई.

बता दें कि वायरल तस्वीर पर NDTV इंडिया न्यूज़ लिखा हुआ है लेकिन हमें NDTV के किसी भी सोशल मीडिया चैनल पर ऐसी कोई तस्वीर प्राप्त नहीं हुई.

Conclusion

इस प्रकार हमारी पड़ताल में यह बात साफ हो जाती है कि श्रीलंका द्वारा अपनी GDP का 95% कर्ज तथा भारत द्वारा अपनी GDP का 83% कर्ज लेने के नाम पर शेयर किया जा रहा यह दावा आंशिक रूप से भ्रामक है.

Result: Misleading/Partly False

Our Sources

IMF
RBI

किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044  या ई-मेल करें: [email protected]

Saurabh Pandey
Saurabh Pandey
A self-taught social media maverick, Saurabh realised the power of social media early on and began following and analysing false narratives and ‘fake news’ even before he entered the field of fact-checking professionally. He is fascinated with the visual medium, technology and politics, and at Newschecker, where he leads social media strategy, he is a jack of all trades. With a burning desire to uncover the truth behind events that capture people's minds and make sense of the facts in the noisy world of social media, he fact checks misinformation in Hindi and English at Newschecker.
Saurabh Pandey
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