गुरूवार, मई 19, 2022
गुरूवार, मई 19, 2022

होमFact Checkक्या टोल बूथ पर 12 घंटे की पर्ची मांगकर 12 घंटे तक...

क्या टोल बूथ पर 12 घंटे की पर्ची मांगकर 12 घंटे तक बिना टोल टैक्स दिए यात्रा की जा सकती है?

सोशल मीडिया पर अखबार की एक कटिंग शेयर कर यह दावा किया गया कि टोल बूथ पर 12 घंटे की पर्ची मांगकर 12 घंटे तक बिना टोल टैक्स दिए यात्रा की जा सकती है.

May be an image of text

टोल टैक्स भारत सरकार द्वारा लिया जाने वाला एक ऐसा टैक्स है जिसे आमदनी या निवास स्थान के इतर सड़क पर चलने वाले हर वाहन चालक को देना पड़ता है. Passenger Car Unit (PCU) की श्रेणी में आने वाले वाहनों के लिए टोल टैक्स नही देना पड़ता है. हालांकि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस संबंध मे समय-समय पर बदलाव करता रहता है.

आपने यात्रा के दौरान टोल बूथ पर कई लोगों को टोल कर्मियों से टैक्स ना देने या किसी दूसरी बात को लेकर बहस करते हुए सुना होगा. अधिकांश स्थानीय लोग कम दूरी की यात्रा के दौरान प्रस्थान तथा आगमन दोनों तरफ की यात्राओं के लिए सड़कों के रखरखाव के नाम पर लिए जाने वाले टोल टैक्स को लेकर नाखुश नजर आते हैं.

इसी क्रम में महत्वपूर्ण जानकारी बताकर शेयर की जा रही अखबार की एक कटिंग को शेयर कर यह दावा किया गया कि टोल बूथ पर 12 घंटे की पर्ची मांगकर 12 घंटे तक बिना टोल टैक्स दिए यात्रा की जा सकती है.

टोल बूथ पर 12 घंटे की पर्ची मांगकर 12 घंटे तक बिना टोल टैक्स दिए यात्रा की जा सकती है

इस संबंध में Newschecker के कई पाठकों ने हमारे आधिकारिक WhatsApp हेल्पलाइन नंबर (9999499044) पर भी वायरल दावे का सच जानने का अनुरोध किया था.

हमारे आधिकारिक WhatsApp हेल्पलाइन नंबर पर प्राप्त अनुरोध

Fact Check/Verification

टोल बूथ पर 12 घंटे की पर्ची मांगकर 12 घंटे तक बिना टोल टैक्स दिए यात्रा किये जा सकने के दावे के साथ शेयर की जा रही अखबार की इस कटिंग को हमने गूगल पर ढूंढा. हालांकि इस पूरी प्रक्रिया में हमें कोई ठोस जानकारी प्राप्त नहीं हुई.

इसके बाद हमने “टोल बूथ पर 12 घंटे की पर्ची मांगकर 12 घंटे तक बिना टोल टैक्स दिए यात्रा की जा सकती है” कीवर्ड्स को गूगल पर ढूंढा.

गूगल सर्च से प्राप्त परिणाम

इस प्रक्रिया में हमें दैनिक भास्कर, अमर उजाला समेत कई अन्य प्रकाशनों द्वारा इस विषय पर पूर्व में प्रकाशित लेखों के माध्यम से यह जानकारी मिली कि वायरल दावा गलत है, क्योकि जैसे ही कोई व्यक्ति टोल बूथ पार करता है वैसे ही टोल पर्ची की वैधता ख़त्म हो जाती है. इसके साथ ही हमें यह जानकारी भी मिली कि वायरल दावा पिछले कई सालों से शेयर किया जा रहा है.

अमर उजाला द्वारा प्रकाशित लेख का एक अंश
साल 2017 में वायरल दावे के साथ शेयर किया गया एक फेसबुक पोस्ट

अमर उजाला द्वारा प्रकाशित लेख में हमें Ministry of Road Transport and Highways द्वारा 28 दिसंबर, 2018 को शेयर किया गया एक ट्वीट प्राप्त हुआ. जिसमे वायरल दावे को गलत बताते हुए स्पष्टीकरण जारी किया गया है.

अपनी पड़ताल के दौरान हमने अखबार की इस कटिंग का विश्लेषण करने पर पाया कि यह कटिंग असल में फोटोशॉप की सहायता से बनाई गई एक तस्वीर है, क्योंकि कटिंग में एलाइनमेंट, फॉण्ट, वर्तनी तथा व्याकरण से संबंधित कुछ ऐसी खामियां हैं जो आमतौर पर अखबारों में देखने को नही मिलती हैं.

Newschecker द्वारा वायरल दावे का विश्लेषण

Conclusion

इस तरह हमारी पड़ताल में यह बात साफ हो जाती है कि टोल बूथ पर 12 घंटे की पर्ची मांगकर 12 घंटे तक बिना टोल टैक्स दिए यात्रा किए जा सकने के दावे के साथ शेयर की जा रही अखबार की यह कटिंग, फोटोशॉप की सहायता से बनाई गई है. इसके साथ ही हमारी पड़ताल में यह बात भी साफ हो जाती है कि वायरल दावा 2017 से ही सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है.

Result: False

Our Sources

Amar Ujala: https://www.amarujala.com/photo-gallery/automobiles/auto-news/fact-check-fake-news-alert-truth-behind-minister-nitin-gadkari-message-12-hrs-toll-slip-charges?pageId=1

Tweet by Ministry of Road Transport and Highways, Government of India: https://twitter.com/MORTHIndia/status/1078635155751821313

Self Analysis

किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044 या ई-मेल करें: [email protected]

Saurabh Pandey
Saurabh Pandey
A self-taught social media maverick, Saurabh realised the power of social media early on and began following and analysing false narratives and ‘fake news’ even before he entered the field of fact-checking professionally. He is fascinated with the visual medium, technology and politics, and at Newschecker, where he leads social media strategy, he is a jack of all trades. With a burning desire to uncover the truth behind events that capture people's minds and make sense of the facts in the noisy world of social media, he fact checks misinformation in Hindi and English at Newschecker.
Saurabh Pandey
Saurabh Pandey
A self-taught social media maverick, Saurabh realised the power of social media early on and began following and analysing false narratives and ‘fake news’ even before he entered the field of fact-checking professionally. He is fascinated with the visual medium, technology and politics, and at Newschecker, where he leads social media strategy, he is a jack of all trades. With a burning desire to uncover the truth behind events that capture people's minds and make sense of the facts in the noisy world of social media, he fact checks misinformation in Hindi and English at Newschecker.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular