शनिवार, जुलाई 31, 2021
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क्या कोरोना वैक्सीन की जगह युवाओं को लगाया जायेगा एंटी-फर्टिलिटी का टीका?

सोशल मीडिया पर इन दिनों अखबार की एक कटिंग वायरल हो रही है। जिसमें लिखा हुआ है, ‘युवाओं को कोरोना वैक्सीन बताकर एंटी-फर्टिलिटी का टीका लगाया जायेगा। जिससे संतान नहीं होती है-डॉ बिस्वरूप।’ अखबार की इस कटिंग को शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि कोरोना जैसा कुछ नहीं है और न ही इससे कोई मर रहा है।

वैक्सीन कंपनियां मंत्री और मीडिया को खरीद कर झूठे आंकड़े पेश कर रही हैं। ये एक जनसंख्या कम करने और व्यापार करने का षड्यंत्र है। असलियत में ये कोरोना वैक्सीन नहीं बल्कि पुरुषों की फर्टिलिटी पर प्रभाव डालने वाली वैक्सीन है।

वैक्सीन को एंटी-फर्टिलिटी का टीका बताने वाली पोस्ट से जुड़े आर्काइव लिंक को यहां पर देखा जा सकता है।

Fact Check/Verification

वायरल दावे का सच जानने के लिए हम WHO की वेबसाइट पर गए। यहां पर जाकर हमने कोरोना वायरस के बारे में सर्च किया। वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक कोरोना वायरस एक जानलेवा वायरस है। जिसके कारण अभी तक दुनिया भर में लाखों लोगों की जान जा चुकी है। इसके बाद हमने स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर जाकर कोरोना वायरस के बारे में सर्च किया। 

सरकार की वेबसाइट पर भी कोरोना वायरस को जानलेवा महामारी बताया गया है। वेबसाइट पर दिए आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल देश में 2157538 एक्टिव कोरोना केस हैं। जबकि 182553 लोगों की कोरोना की वजह से जान जा चुकी है। कोरोना को रोकने के लिए वैक्सीनेशन प्रोग्राम जारी है। अभी तक कुल 130119310 लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।

एंटी-फर्टिलिटी का टीका

पड़ताल के दौरान हमें Danika Jagran की एक रिपोर्ट मिली। जिसके मुताबिक भारत में वैक्सीन प्रोग्राम की शुरुआत 16 जनवरी 2021 से हुई थी। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक तब से लेकर अब तक कुल 130119310 लोगों को वैक्सीन लगाई गई है। वैक्सीन को अभी तक कुल दो चरणों में लगाया गया है। पहले चरण में फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण किया गया था।

इसके बाद दूसरे चरण में 45 साल से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण किया गया था। इसके बाद सरकार ने 1 मई से तीसरे चरण के तहत सभी उम्र के लोगों का टीकाकरण करने का फैसला किया है। यानि कि युवाओं के टीकाकरण की अभी तक शुरुआत नहीं हुई है।

छानबीन को आगे बढ़ाते हुए हमने सर्च करना शुरू किया कि क्या कोरोना वैक्सीन के नाम पर एंटी-फर्टिलिटी का टीका इस्तेमाल किया जा रहा है। हमने कई कीवर्ड्स के जरिए सर्च किया। लेकिन हमें ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली, जो ये पुष्टि करती हो कि सरकार, युवाओं को एंटी-फर्टिलिटी का टीका दे रही है। हालांकि हमें ऐसी कई रिपोर्ट्स जरूर मिली, जिसमें डॉक्टरों द्वारा मरीजों को गलत इंजेक्शन लगाए गए थे। लेकिन वो इंजेक्शन एंटी-फर्टिलिटी के नहीं थे। 

छानबीन को आगे बढ़ाते हुए हमने ये पता करना शुरू किया कि क्या कोरोना वैक्सीन पुरुषों की फर्टिलिटी पर प्रभाव डालने वाली वैक्सीन है। हमने गूगल पर कुछ कीवर्ड्स के जरिए सर्च किया। इस दौरान हमें ANI का एक ट्वीट मिला। जिसमें ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया के निदेशक Dr. VG Somani ने इन सभी दावों का खंडन किया था। उन्होंने वैक्सीन को लेकर कहा था कि कोरोना वैक्सीन से हल्के बुखार, दर्द और एलर्जी जैसे छोटे-मोटे साइड इफेक्ट हो सकते हैं। मगर इससे प्रजनन की क्षमता प्रभावित नहीं होती है, ये दावा पूरी तरीके से गलत है।

जब हमने वैक्सीन के बारे में सर्च किया तो पाया कि वैक्सीन का फर्टिलिटी से कोई लेना देना नहीं है। वैक्सीन में इनेक्टिव वायरल होते हैं। जो कि हमारे शरीर में जाकर एंटी बॉडीज पैदा करते हैं। जो हमें बीमारी से लड़ने में मदद करते हैं। वैक्सीन शरीर में इम्यूनिटी को बढ़ाती है न कि फर्टिलिटी पर प्रभाव डालती है।

हमने वायरल कटिंग में दिख रहे आर्टिकल के ओरिजनल वर्जन को सर्च करने के लिए कई बार अलग-अलग कीवर्ड के जरिए सर्च किया। लेकिन हमें ये आर्टिकल किसी भी वेबसाइट पर नहीं मिला। आजकल कई ऐसे टूल्स मौजूद हैं, जिनके जरिए ऐसे अखबार की कटिंग बनाई जा सकती है।

अब यदि बात डॉ. विश्वरूप की जाए तो वो 2010 से ही लगातार लोगों को भ्रमित करने वाले दावे करते आए हैं। वो इससे पहले भी कई बार कोरोना वायरस और वैक्सीन को लेकर गलत दावे कर चुके हैं। हमने पहले भी डॉ. विश्वरूप द्वारा किए गए दावों का फैक्ट किया है। जिसे आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

Read More : Coronavirus Vaccine को लेकर पर्चे पर लिखे सभी दावे गलत, जानिए क्या है इन दावों का सच

Conclusion

हमारी पड़ताल में मिले तथ्यों के मुताबिक वायरल तस्वीर में किया जा रहा दावा गलत है। युवाओं को कोरोना वैक्सीन के नाम पर एंटी-फर्टिलिटी का टीका नहीं लगाई जा रही है। सोशल मीडिया पर भ्रामक दावा वायरल हो रहा है। वैक्सीन को एंटी-फर्टिलिटी का टीका बताने वाली न्यूज पेपर कटिंग भ्रामक है।

Result: False



Claim Review: कोरोना वैक्सीन की जगह युवाओं को लगाया जायेगा एंटी-फर्टिलिटी का टीका।
Claimed By: सोशल मीडिया पोस्ट
Fact Check: False

Our Sources

WHO- https://www.who.int/emergencies/diseases/novel-coronavirus-2019/coronavirus-disease-answers?query=What+is+COVID19%3F&referrerPageUrl=https%3A%2F%2Fwww.who.int%2Femergencies%2Fdiseases%2Fnovel-coronavirus-2019%2Fcoronavirus-disease-answers

BBC- https://www.bbc.com/hindi/science-55734137

Health Ministry –https://www.mohfw.gov.in/

Danika Jagran –https://www.jagran.com/news/national-pm-modi-likely-to-interact-with-healthcare-workers-on-first-day-of-covid-19-vaccination-drive-21270921.html


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Pragya Shukla
Pragya has completed her Masters in Mass Communication, and has been doing content writing for the last four years. Due to bias and incomplete facts in mainstream media, she decided to become a fact-checker.

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