सोशल मीडिया पर एक विचलित कर देने वाला वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें दो गुटों के बीच झड़प होती दिख रही है. वीडियो के साथ दावा किया गया है कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म देखने के बाद हिंदुवादी गुंडों ने मुस्लिमों पर हमला किया.
वीडियो एक सीसीटीवी फुटेज का है जिसकी शुरुआत में एक व्यक्ति, एक दुकान के अंदर बैठे कुछ लोगों पर तलवार चलाते देखा जा सकता है. इसके बाद एक दूसरा आदमी आता है जो लाठी से हमला करने लगता है. बचाव में दुकान के अंदर बैठे लोग भी हमलावरों पर कुछ सामान फेंकते नजर आते हैं. वीडियो के आखिर में मुस्लिम टोपी पहने कुछ लोग दुकान से बाहर आते हुए दिखाई देते हैं.
ट्वीट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है.
ट्वीट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है.
वीडियो के जरिए यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह न्यू इंडिया है जहां मुसलमानों को अपनी सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार रहना होगा. इसी जैसे अलग-अलग कैप्शन के साथ यह वीडियो फेसबुक और ट्विटर पर काफी शेयर किया जा रहा है.
कश्मीरी पंडितों के कत्लेआम और उनके पलायन पर आधारित फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ हिट हो चुकी है. फिल्म को जहां एक तरफ खूब तारीफ मिल रही है वहीं कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि इस फिल्म से सांप्रदायिक माहौल बिगड़ रहा है. इसी बीच सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल है और इसके साथ दावा किया गया है कि ‘द कश्मीर फाइल्स’ आने के बाद मुस्लिमों को हिंदूवादी लोगों के आतंक का सामना करना पड़ रहा है.
Fact Check/Verification
वीडियो को इन-विड टूल की मदद से रिवर्स सर्च करने पर हमें न्यूज 18 गुजराती की एक खबर मिली. 20 मार्च को प्रकाशित हुई इस खबर में वायरल वीडियो को सूरत का बताया गया है.
खबर के मुताबिक, घटना सूरत के भाठे इलाके की है, जहां पैसों के कुछ लेन-देन को लेकर कुछ लोगों ने एक दुकानदार पर तलवार से हमला कर दिया था. पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गया था. खबर में इस घटना को सूरत के सलाबतपुरा थाना क्षेत्र का बताया गया है.
वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने सलाबतपुरा पुलिस स्टेशन में संपर्क किया. वहां मौजूद पुलिस अधिकारी ने हमें बताया कि “वीडियो के साथ भ्रामक दावा किया जा रहा है. यह घटना सांप्रदायिक नहीं है क्योंकि इसमें पीड़ित व आरोपी दोनों ही पक्षों में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हैं. झड़प आपसी रंजिश के चलते हुई थी. इसका ‘द कश्मीर फाइल्स’ मूवी से कोई संबंध नहीं है. घटना 15 मार्च 2022 की है.” सीसीटीवी फुटेज में भी ये तारीख देखी जा सकती है.
मामले का सच जानने के लिए हमने सूरत पुलिस कमिश्नर अजय तोमर से भी बात की. उनका भी यही कहना था कि “वीडियो को गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है. इस मामले में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है.“
Conclusion
इस तरह हमारी जांच में यह स्पष्ट हो जाता है कि इस वीडियो को सांप्रदायिक रंग देकर शेयर किया जा रहा है. वीडियो के साथ यह कहना गलत होगा कि हिंदुओं ने मुस्लिमों पर हमला किया.
Result: Misleading/Partly False
Our Sources
News Report of News 18 Gujarati
Quote of Surat Police Commissioner Ajay Tomar and Salabatpur Police Station
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