गुरूवार, दिसम्बर 1, 2022
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क्या टमाटर में पाया गया कोरोना से भी घातक वायरस? तिरंगा वायरस को लेकर वायरल हुआ भ्रामक दावा

Claim:

टमाटर में पाया जाने वाला तिरंगा वायरस कोरोना से ज्यादा घातक है। संक्रमित सब्जी खाने से व्यक्ति की मौत हो सकती है।

जानिए क्या है वायरल दावा:

हिंदी न्यूज चैनल TV9 भारतवर्ष ने टमाटर पर आए एक वायरस के बारे में बताया है। 3 मिनट 6 सेकंड की यह वीडियो तेजी से वायरल हो रही है। इसमें कहा गया है कि महाराष्ट्र में टमाटर पर तिरंगा नाम का वायरस पाया गया है। यह वायरस कोरोना का दूसरा संस्करण है। यह कोरोना की तुलना में अधिक घातक वायरस है। सब्जियों के माध्यम से यह वायरस आपकी आत्मा के साथ खेल रहा है। पहले से ही नुकसान झेल रहे किसानों को एक नए संकट का सामना करना पड़ रहा है।

Verification:


देश से कोरोना वायरस का कहर खत्म नहीं हो पाया कि एक दूसरे वायरस की एंट्री हो गई है। महाराष्ट्र में किसान इन दिनों एक नए रोग से परेशान हो रहे हैं। दरअसल एक वायरस के कारण टमाटर की हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो रही है।  

देखा जा सकता है कि वायरल वीडियो को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई यूजर्स द्वारा शेयर किया जा रहा है। 

https://www.facebook.com/100001199368646/videos/3019282011455081/?t=0

हमारे आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर पर भी एक यूज़र द्वारा TV9 भारतवर्ष की वायरल वीडियो की सत्यता जानने की अपील की गई। 

कुछ कीवर्ड्स की मदद से जब हमने जांच शुरू की तो हमें इस संबंध में बहुत सारी खबरें मिलीं।

पड़ताल के दौरान हमें ऐसी ही एक वीडियो और देखने को मिली। इस वीडियो में भी यही दावा किया गया है कि तिरंगा वायरस कोरोना की तुलना में अधिक घातक है।

https://archive.is/gIp8O

जब हमने इस संबंध में अधिक खोज की तो हमें दैनिक लोकमत और Zee News द्वारा प्रकाशित की गई मीडिया रिपोर्ट मिली। लेख में कहा गया कि राज्य के सोलापुर, पुणे, सतारा नगर और नासिक जिलों में टमाटर की फसल में एक नया वायरस पाया गया है। हजारों हेक्टेयर फसलें खराब हो गई हैं और किसान संकट का सामना कर रहे हैं। रासायनिक दवाओं के छिड़काव से भी कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। यह समस्या किसानों के लिए परेशानी का सबब बन रही है।

लोकमत की खबर में कहीं पर भी यह नहीं कहा गया है कि यह वायरस कोराना से ज्यादा खतरनाक है। हमने इस संदर्भ में अधिक जानकारी पाने के लिए खोज को आगे बढ़ाया तो कृषिरंग नामक वेबसाइट पर खबर मिली जिसमें लिखा है टोमैटो के वायरस को लेकर गलत खबर वायरल होने से किसानों का करोड़ों का नुकसान हुआ है।

जब हमने इस संबंध में श्रीहरि हसबनिस (एसोसिएट प्रोफेसर, वनस्पति विज्ञान, एग्री कॉलेज, पुणे,) से संपर्क किया, तो उन्होंने बताया कि टमाटर की फसल पर जो वायरस है उसको कोरोना वायरस से जोड़ना गलत है। वनस्पति के विषाणु और प्राणियों के विषाणु अलग-अलग होते हैं। तिरंगा वायरस मानव जीवन को खतरे में नहीं डालता है। क्योंकि हमारे पास टमाटर या सब्जियों में मौजूद वायरस से बीमार लोगों का कोई मामला आज तक सामने नहीं आया है। हालांकि, यह सच है कि इस वायरस के कारण किसान वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। इस वायरस के सैंपल प्रयोगशाला में भेजे गए हैं, इसलिए रिपोर्ट प्राप्त होने तक किसी भी वायरल दावे की पुष्टि नहीं की जा सकती।

हिंदी न्यूज़ चैनल TV9 भारतवर्ष द्वारा किए जा रहे दावे का बारीकी से अध्ययन करने पर हमने पाया कि तिरंगा वायरस और कोरोना वायरस का कोई लेना-देना नहीं है। पड़ताल में हमने पाया कि तिरंगा वायरस मानव जीवन पर कोई खतरा नहीं डालता है बल्कि टमाटर की फसल को बर्बाद करता है। 

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Result: Misleading

(किसी संदिग्ध ख़बर की पड़तालसंशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044  या ई-मेल करें: [email protected])

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