मंगलवार, दिसम्बर 6, 2022
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होमFact Checkपीएम मोदी ने अपनी रैली में नहीं किया गाली का इस्तेमाल

पीएम मोदी ने अपनी रैली में नहीं किया गाली का इस्तेमाल

Viral News

पीएम मोदी का एक वीडियो इनदिनों सोशल मीडिया सहित व्हॉट्सएप पर खूब शेयर किया जा रहा है इस दावे के साथ की देश के प्रधानमंत्री ने अपनी रैली में गाली का इस्तेमाल किया है।

Investigation

इस मैसेज को शेयर करने वाली एक प्रोफाइल हमें मिली जो कि गौरव पांधी नाम के शख्स की है। जिनकी ट्विटर को दी गई जानकारी के मुताबिक वो कांग्रेस के राजनीतिक सलाहकार और रणनीतिकार हैं।

हमने शेयर की जा रही वीडियो को यूट्यूब पर सर्च किया। बीजेपी के ऑफिशियल चैनल पर हमें पीएम मोदी की उस रैली का वो पूरा वीडियो मिला जिसका एक अंश शेयर किया जा रहा है।

वीडियो से पता चला कि रैली 21 अप्रैल को गुजरात के पाटन में हुई थी जहां पीएम मोदी ने गुजराती में ही भाषण दिया था। जिस अंश को वायरल किया जा रहा है उसे वीडियो में 49:00-49:12 तक सुना जा सकता है। हमने जब वीडियो को सुना तो ये तो पता चल गया कि मोदी किस संदर्भ में बात कर रहे हैं लेकिन उसका सटीक अनुवाद जानने के लिए हमने गुजराती की जानकार श्रुति अहूजा की मदद ली जो कि अभी एक्सेंचर कंपनी में कार्यरत हैं। उन्होंने हमें बताया कि मोदी ने ठेठ काठीयावाणी में भाषण दिया है। वायरल हो रहे वीडियो का अनुवाद नीचे पढ़ें:

लोको एम केह छे भविष्य मा लडाईयो पाणी नी थेवाईन छे, अल्या भाई बधा को छो पाणी नी लाड़ाई थेवाईन छे ते पछि अमे अत्यारे थी पाणी पेला पाण केम ना बांधिये

(अनुवाद: लोग कहते हैं कि भविष्य में लड़ाई पानी की होने वाली है, अरे भाई जब सब बोलते हैं कि लड़ाई पानी की होने वाली है तो फिर पहले ही पानी पर बांध क्यों नहीं बनाते)

जिन शब्दों को दोहरा कर ये कहा जा रहा है कि पीएम मोदी ने गाली दी है वो है थेवाईन छे  जिसका गुजराती में मतलब होता है होने वाला है

चुनाव के दौरान अक्सर इस तरह के वीडियो, संदेश वायरल किए जाते हैं, हमें बस कुछ भी शेयर करने से पहले उसकी सत्यता को जांच लेना चाहिए। आप भी अगर किसी ख़बर की पड़ताल करना चाहते हैं तो हमें [email protected] पर ईमेल भेजें। 

Result: Fake

Saurabh Pandey
Saurabh Pandey
A self-taught social media maverick, Saurabh realised the power of social media early on and began following and analysing false narratives and ‘fake news’ even before he entered the field of fact-checking professionally. He is fascinated with the visual medium, technology and politics, and at Newschecker, where he leads social media strategy, he is a jack of all trades. With a burning desire to uncover the truth behind events that capture people's minds and make sense of the facts in the noisy world of social media, he fact checks misinformation in Hindi and English at Newschecker.
Saurabh Pandey
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A self-taught social media maverick, Saurabh realised the power of social media early on and began following and analysing false narratives and ‘fake news’ even before he entered the field of fact-checking professionally. He is fascinated with the visual medium, technology and politics, and at Newschecker, where he leads social media strategy, he is a jack of all trades. With a burning desire to uncover the truth behind events that capture people's minds and make sense of the facts in the noisy world of social media, he fact checks misinformation in Hindi and English at Newschecker.

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