शनिवार, जुलाई 13, 2024
शनिवार, जुलाई 13, 2024

होमFact CheckFact Check: दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस पर हुए हमले का आठ साल...

Fact Check: दिल्ली में ट्रैफिक पुलिस पर हुए हमले का आठ साल पुराना वीडियो भ्रामक दावे के साथ वायरल

Authors

Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

Claim
हेलमेट ना पहनने पर पुलिस ने किया चालान, कट्टरपंथी ने पुलिस की पिटाई कर दी।
Fact
दिल्ली पुलिस-नमाज विवाद के बीच 8 साल पहले दिल्ली में हुई एक घटना का वीडियो वायरल किया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों की पिटाई का एक वीडियो वायरल है। वीडियो में जालीदार टोपी पहने कुछ लोग सड़क किनारे दो वर्दीधारी ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को पीटते दिख रहे हैं। फुटेज साझा करने वालों का दावा है कि बिना हेलमेट केवल जालीदार टोपी पहने वाहन चालक का चालान काटने पर कट्टरपंथी ने पुलिस की पिटाई कर दी। आगे कहा गया है कि देश को “अंदर से ज्यादा ख़तरा” है।

11 मार्च 2024 को ajaychauhan41 नामक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा कि “बिना हेलमेट केवल जालीदार टोपी का चालान काटने पर कट्टरपंथी ने पुलिस की पिटाई कर दी। जो कानून के लिए चुनौती है। कड़वी सच्चाई यह है कि देश को अंदर से ज्यादा खतरा है।”

ऐसे कई सोशल मीडिया पोस्ट्स को यहाँ, यहाँ और यहाँ देखा जा सकता है।

Courtesy: X/@ajaychauhan41

यह दावा हमें WhatsApp Tip Line (9999499044) पर भी प्राप्त हुआ है।

Whatsapp User

Fact Check/Verification

वायरल दावे की जांच के लिए सबसे पहले हमने यूट्यूब पर “भीड़,” “हमला,” और “2 ट्रैफिक पुलिस” कीवर्ड को सर्च किया। परिणाम में हमें 14 जुलाई 2015 को शेयर की गयी एनडीटीवी की एक वीडियो रिपोर्ट मिली। वायरल वीडियो के कुछ हिस्से के साथ प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया है कि यह मामला पूर्वोत्तर दिल्ली का है, जहां बाइक सवार दो युवकों द्वारा लाल बत्ती पार किये जाने पर जब ट्रैफिक पुलिस द्वारा उनका चालान काटा गया, तो चालान वापसी की मांग के साथ उन्होंने अपने परिजनों को मौके पर बुला लिया। इसके बाद भीड़ ने दो ट्रैफिक पुलिसवालों की पिटाई कर दी। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

अब हमने गूगल पर “पूर्वोत्तर दिल्ली” और “ट्रैफ़िक पुलिस हमला” जैसे कीवर्ड्स को गूगल सर्च किया। इसके परिणाम में हमें जुलाई 2015 को इस घटना पर प्रकाशित कई रिपोर्ट्स मिलीं, जिन्हें यहाँ, यहाँ और यहाँ देखा जा सकता है।

14 जुलाई 2015 को इस घटना पर इंडियन एक्सप्रेस द्वारा प्रकशित रिपोर्ट में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि “हमने शाहनवाज (22), उनके भाई और उनके पिता सगीर अहमद (65) को हमला करने और एक लोक सेवक को अपने कर्तव्य का निर्वहन करने से रोकने के आरोप में गिरफ्तार किया।”

Screengrab from Report by Indian Express

13 जुलाई 2015 को इस घटना पर एबीपी न्यूज़ द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया है कि यह वीडियो घटनास्थल पर मौजूद व्यक्ति द्वारा रिकॉर्ड किया गया था।

Screengrab from YouTube video by ABP News

क्या है दिल्ली पुलिस-नमाज विवाद?

पिछले हफ्ते दिल्ली पुलिस के जवान द्वारा सड़क पर नमाज पढ़ रहे लोगों को लात मारने का एक विवादास्पद फुटेज वायरल हुआ था। जिसके बाद 2015 का यह वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर मनोज कुमार तोमर को उत्तरी दिल्ली के इंद्रलोक इलाके की सड़क पर शुक्रवार की नमाज पढ़ रहे लोगों को लात मारते देखा गया था। घटना का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन हुआ और दिल्ली पुलिस की कड़ी आलोचना की गयी। इसके बाद तोमर को निलंबित कर दिया गया और डीसीपी नॉर्थ मनोज मीणा ने बयान दिया कि ”मामले की जांच शुरू कर दी गई है, इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।”

Conclusion

अपनी जांच से हम इस निष्कर्ष पर पहुँचते हैं कि 2015 में ट्रैफिक पुलिस पर हुए हमले के पुराने वीडियो को मार्च 2024 में हुए दिल्ली पुलिस-नमाज विवाद के बीच शेयर किया जा रहा है।

Result: Missing Context

Sources
YouTube Video By NDTV, Dated July 14, 2015.
YouTube Video By ABP News, dated July 13, 2015

किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044 या ई-मेल करें: checkthis@newschecker.in

फैक्ट-चेक और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमारा WhatsApp चैनल फॉलो करें: https://whatsapp.com/channel/0029Va23tYwLtOj7zEWzmC1Z

Authors

Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular