मंगलवार, दिसम्बर 7, 2021
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क्या केंद्र सरकार ने बंद की स्वास्थ्य कर्मियों के लिए 50 लाख रुपए वाली बीमा योजना?

सोशल मीडिया पर इन दिनों द न्यू इंडियन एक्सप्रेस (The new indian express) का एक स्क्रीनशॉट काफी वायरल हो रहा है। स्क्रीनशॉट के मुताबिक केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य कर्मियों को मिलने वाली बीमा योजना को वापस ले लिया है। दावा किया जा रहा है कि कोरोना की ड्यूटी के दौरान मरने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिए 50 लाख रुपए वाली बीमा योजना को कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कैंसिल किया जा रहा है।

पोस्ट से जुड़े आर्काइव लिंक को यहां देखा जा सकता है।

स्वास्थ्य कर्मियों के लिए 50 लाख रुपए वाली बीमा योजना के इस दावे को कई पत्रकारोंं और नेताओं द्वारा इस दावे को सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया गया है। कांग्रेस नेता अलका लांबा, The Hindu की पोलिटिकल एडिटर Nistula Hebbar, छत्तीसगढ़ सरकार के एडवाइजर Gaurav Dwivedi, बंगाल के पत्रकार Agnivo Niyogi, और Economic Times की हेल्थ पत्रकार Teena Thacker, ने भी इसे शेयर किया है।

Fact Check/Verification

वायरल तस्वीर का सच जानने के लिए हमने गूगल पर कुछ कीवर्ड्स के जरिए सर्च किया। इस दौरान हमें वायरल तस्वीर से जुड़ी Asianet news सहित कई मीडिया संस्थानों द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट्स मिली। रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों के लिए चलाई जा रही स्कीम प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज को वापस नहीं लिया जा रहा है। बल्कि इस स्कीम की अवधि को सरकार द्वारा, 24 अप्रैल 2021 तक के लिए तीसरी बार बढ़ाया जा रहा है।

 केंद्र सरकार ने बंद की स्वास्थ्य कर्मियों के लिए 50 लाख रुपए वाली बीमा योजना।

पड़ताल के दौरान हमें वायरल स्क्रीनशॉट से जुड़े कुछ ट्वीट स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर भी मिले। इन ट्वीट के जरिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने वायरल स्क्रीनशॉट में किए जा रहे दावे को गलत बताया था। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा ट्वीट कर बताया गया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज की अवधि को 24 अप्रैल 2021 तक तीसरी बार बढ़ाया गया है।

मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत आए सभी दावों का 24 अप्रैल तक निपटान किया जाएगा। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों के लिए एक नई बीमा पॉलिसी को लाया जाएगा। इसके लिए मंत्रालय न्यू इंडिया अश्योरेंस से बातचीत कर रहा है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने आगे ट्वीट कर लिखा है कि बीमा कंपनी ने अभी तक कुल 287 दावों का भुगतान किया है। जिसके कारण कोरोना वायरस से लड़ने में स्वास्थ्य कर्मियों की काफी मदद हुई है। इस स्कीम ने स्वास्थ्य कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने और उन्हें धर्य देने में एक अहम भूमिका निभाई है।

सर्च के दौरान हमें वायरल स्क्रीनशॉट से जुड़ा पीआईबी का एक ट्वीट मिला। जिसमें इस वायरल स्क्रीनशॉट को गलत बताया गया था। पीआईबी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि वायरल स्क्रीनशॉट में किया जा रहा दावा गलत है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज की अवधि को 24 अप्रैल 2021 तक तीन बार बढ़ाया गया है। 24 अप्रैल को इस स्कीम की समय सीमा खत्म हो जाएगी। जिसके बाद सरकार स्वास्थ्य कर्मियों के लिए इस स्कीम की जगह एक नई स्कीम लेकर आएगी।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा ट्वीट करने के बाद द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने भी सफाई देते हुए एक ट्वीट किया है। साथ ही बताया है कि उसने अपनी रिपोर्ट में उचित बदलाव कर उसे अपडेट कर दिया है। न्यू इंडियन एक्सप्रेस की नई रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य कर्मियों के लिए 50 लाख रुपए वाली बीमा योजना को बंद नहीं किया गया है।

Conclusion

हमारी पड़ताल में मिले तथ्यों के मुताबिक वायरल स्क्रीनशॉट में किया जा रहा दावा बिल्कुल गलत है। सरकार द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज स्कीम को वापस नहीं लिया गया है। बल्कि स्वास्थ्य कर्मियों के लिए 50 लाख रुपए वाली बीमा योजना की अवधि को 24 अप्रैल तक के लिए बढ़ाया गया है। इसके बाद सरकार स्वास्थ्य कर्मियों के लिए इस स्कीम की जगह पर एक नई स्कीम लेकर आएगी।

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Result: Misleading


Claim Review: स्वास्थ्य कर्मियों के लिए 50 लाख रुपए वाली बीमा योजना को सरकार ने किया बंद।
Claimed By: सोशल मीडिया पोस्ट
Fact Check: Misleading

Our Sources

Asianet news – https://hindi.asianetnews.com/national-news/the-fight-against-corona-pradhan-mantri-garib-kalyan-yojana-extended-till-24-april-kpa-qrsmyb

Twitter – https://twitter.com/MoHFW_INDIA/status/1383697112412483591

Twitter –https://twitter.com/PIBFactCheck/status/1384001141797654530

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Pragya Shukla
Pragya has completed her Masters in Mass Communication, and has been doing content writing for the last four years. Due to bias and incomplete facts in mainstream media, she decided to become a fact-checker.
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