रविवार, अगस्त 1, 2021
रविवार, अगस्त 1, 2021
होमFact Checkक्या काशी की इस अनाथ बच्ची को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ...

क्या काशी की इस अनाथ बच्ची को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया सहारा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर जाने वाले हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस दौरे के दौरान, पीएम मोदी तीन दर्जन से ज्यादा विकास योजनाओं की शुरूआत कर सकते हैं। इसी के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तैयारियों का जायजा लेने के लिए हाल ही में काशी पहुंचे थे। जिसके बाद से ही उनकी एक तस्वीर, सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। तस्वीर में, सीएम योगी एक छोटी बच्ची के साथ खड़े हुए नजर आ रहे हैं।

इस तस्वीर को शेयर कर दावा किया जा रहा है, ‘कल काशी यात्रा में योगी ने एक बच्चे को रोते हुए देखा। वह बच्चे के पास गए और कारण पूछा। बच्चे ने कहा कि मेरे माता-पिता मर गए। मैं मामा के साथ रह रहा था, कल वह भी मर गए। योगी ने कहा “बेटा आज से मैं तुम्हारा मामा।” उन्होंने डीएम को आदेश दिया कि जब तक बड़े होकर उसे नौकरी नहीं मिलती, तब तक वे सीएम फंड से उसके भोजन और शिक्षा का ध्यान रखें।’

पोस्ट से जुड़े आर्काइव लिंक को यहां पर देखा जा सकता है।

पोस्ट से जुड़े आर्काइव लिंक को यहां पर देखा जा सकता है।

Fact Check/Verification

वायरल दावे का सच जानने के लिए, हमने तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज के जरिए सर्च किया। इस दौरान, हमें वायरल तस्वीर से जुड़ी एक मीडिया रिपोर्ट Live Hindustan की वेबसाइट पर मिली। जिसे 27 अक्टूबर 2019 को प्रकाशित किया गया थी। रिपोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक, वायरल तस्वीर काशी की नहीं, बल्कि गोरखपुर के वनटांगिया बस्ती की है। Dainik Bhaskar ने भी इस रिपोर्ट को प्रकाशित किया था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

प्राप्त जानकारी के आधार पर, हमने गूगल पर कुछ कीवर्ड्स के जरिए सर्च किया। इस दौरान, हमें वायरल तस्वीर से जुड़ी एक और मीडिया रिपोर्ट Punjab Kesari की वेबसाइट पर मिली। जिसे 28 अक्टूबर 2019 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, साल 2019 में सीएम योगी दिवाली मनाने के लिए, गोरखपुर की एक आदिवासी समुदाय की वनटांगिया बस्ती में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बच्चों को उपहार दिए थे, मिठाईयां बांटी थी और उनके साथ खूब मस्ती की थी। ये तस्वीर उसी दौरान की है।

पड़ताल के दौरान, हमें वायरल तस्वीर से जुड़ा एक वीडियो Times Of India के यूट्यूब चैनल पर भी मिला। जिसे 27 अक्टूबर 2019 को अपलोड किया गया था। वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बच्चों के साथ खेलते हुए और उन्हें उपहार देते हुए देखा जा सकता है। 

हमने कई कीवर्ड्स के जरिए, ये सर्च किया कि क्या काशी दौरे के दौरान सीएम योगी ने किसी बेसहारा बच्ची को सहारा दिया है। लेकिन हमें इससे जुड़ी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। हमने सीएम योगी और बीजेपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर जाकर भी इस बारे में खंगाला। लेकिन हमें वहां भी इससे जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली। अगर सचमुच में योगी आदित्यनाथ ने काशी दौरे के दौरान, किसी बच्ची को सहारा दिया होता, तो इससे जुड़ी कोई ना कोई मीडिया रिपोर्ट जरूर मौजूद होती और सोशल मीडिया पर बड़े-बड़े नेता भी उनके इस कदम की सराहना करते। लेकिन पड़ताल के दौरान हमें ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला।

Conclusion

हमारी पड़ताल में मिले तथ्यों के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वायरल तस्वीर को लेकर किया जा रहा दावा गलत है। वायरल तस्वीर का काशी से कोई संबंध नहीं है। वायरल तस्वीर गोरखपुर की वनटांगिया बस्ती की है। साथ ही तस्वीर हाल-फिलहाल की नहीं, बल्कि साल 2019 की है।

Read More : ड्राइवर द्वारा गाय पर ट्रैक्टर चढ़ाने का वीडियो साम्प्रदायिक दावे के साथ सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

Result: False

Claim Review: काशी दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्ची को दिया सहारा।
Claimed By: Viral social media post
Fact Check: False

Our Sources

UP Punjab Kesari –https://up.punjabkesari.in/uttar-pradesh/news/yogi-celebrates-diwali-among-vantangiya-laborers-distributes-1074271

Live Hindustan –https://www.livehindustan.com/uttar-pradesh/gorakhpur/story-cm-yogi-celebrates-diwali-with-vantangiya-children-2820016.html

Times Of India –https://www.youtube.com/watch?v=nR5v9cCaphw

Bhaskar –https://www.bhaskar.com/uttar-pradesh/gorakhpur/news/gorakhpur-cm-yogi-adityanath-celebrate-diwali-among-vantangia-children-01674195.html


किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044  या ई-मेल करें: checkthis@newschecker.in

Pragya Shukla
Pragya has completed her Masters in Mass Communication, and has been doing content writing for the last four years. Due to bias and incomplete facts in mainstream media, she decided to become a fact-checker.

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular