बुधवार, दिसम्बर 7, 2022
बुधवार, दिसम्बर 7, 2022

होमFact Checkअफवाह के चलते युवक की पिटाई के पुराने वीडियो को सोशल मीडिया...

अफवाह के चलते युवक की पिटाई के पुराने वीडियो को सोशल मीडिया में दिया जा रहा साम्प्रदायिक रंग

Claim
गुजरात में एक मुस्लिम युवक की रस्सी से बांधकर भगवाधारी लोगों ने की पिटाई।
Verification
सोशल मीडिया में वायरल हो रहे एक वीडियो ने एक बार फिर से मॉब लिंचिंग जैसी वारदातों को चर्चा का विषय बना दिया है। इस वीडियो को ट्विटर पर शेयर करते हुए एक यूजर सुनीता रावत ने लिखा है ” मोदी के गुजरात में भगवा आतंकवादियों का आतंक। बरोडा के आजवा चौकड़ी का मामला, कल दोपहर 3 बजे एक मुस्लिम युवक को भागवा-आतंकियों की भीड़ ने रस्सी से बाँध कर बुरी तरह पीटा।” इस वीडियो को सैकड़ों लोगों ने लाइक किया है तो वहीं सैकड़ों बार इसे शेयर भी किया गया है।
हमारी पड़ताल में इस वीडियो को फेसबुक पर भी इसी क्लेम के साथ शेयर किया गया है।
वीडियो की पड़ताल के दौरान कई लिंक्स मिलने शुरू हुए। हालांकि मिले लिंक्स से वायरल वीडियो की सच्चाई पता नहीं चल पाई।
पड़ताल के दौरान ट्विटर पर ही हमें इससे मिलती हुई एक तस्वीर नज़र आई। इस तस्वीर के कैप्शन में लिखा था कि चोटी काटने के शक में भीड़ ने कर दी पिटाई। हालांकि यह तस्वीर साल 2017 में पोस्ट की गई थी।
बारीकी से गूगल खंगालने पर लोकभारत में प्रकाशित एक खबर हाथ लगी। इस खबर में साफ़ किया गया है कि साल 2017 में चोटी कटवा की अफवाह पर राजस्थान के सीकरी में एक मंदबुद्धि मुस्लिम युवक की भीड़ ने जमकर पिटाई कर दी थी।
इसी दौरान आजतक डिजिटल में प्रकाशित एक खबर प्राप्त हुई। खबर के मुताबिक़ राजस्थान के भरतपुर में चोटी काटने के शक में एक मुस्लिम युवक की लोगों ने जमकर पिटाई कर दी। रिपोर्ट के मुताबिक भीड़ द्वारा पीटा जा रहा युवक मानसिक रूप से कमजोर था। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को भीड़ से छुड़ा लिया था।
इसी खबर को न्यूज़ 18 ने भी प्रमुखता से प्रकाशित कर पीड़ित को मंदबुद्धि बताया था।
साल 2017 के आसपास देश के कई हिस्सों में कथित चोटी कटवा के आतंक से कई लोगों को अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ा था। यह वीडियो उसी साल यानि 2017 की है। चोटी काटने के शक में भरतपुर के में भीड़ द्वारा एक युवक को रस्सी से बांधकर पीटा गया था। उसकी पिटाई में किसी भी तरह के भगवा या आरएसएस के लोगों के शामिल होने की बात सामने नहीं आई है। यह वीडियो गुजरात का नहीं है इसलिए किया जा रहा दावा पूरी तरह से गलत है।
Tools Used
  •  InVID
  • Google Reverse Image
  • Google Keywords
  • Twitter Advanced Search
Result
  • False
JP Tripathi
JP Tripathi
Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.
JP Tripathi
JP Tripathi
Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular