शुक्रवार, सितम्बर 24, 2021
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गणतंत्र दिवस के मौके पर ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के आरोपियों को दिल्ली हाई कोर्ट ने नहीं दी जमानत, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ फेक दावा

26 जनवरी के मौके पर नए कृषि बिल के खिलाफ आंदोलनरत किसानों ने ट्रैक्टर परेड की थी। लेकिन रैली ने देखते ही देखते हिंसक रुप ले लिया था। जिसके बाद कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस ने इस हिंसा पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 44 FIR दर्ज की और 122 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। 

पुलिस की कार्रवाई के बाद कुछ किसानों ने इस गिरफ्तारी का विरोध किया और दिल्ली हाईकोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दायर की। याचिका में कहा गया है कि किसानों पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। इसी याचिका से जुड़ी एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि इस केस में किसानों को जीत हासिल हुई है। ट्रैक्टर रैली में दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े गए सभी किसानों को दिल्ली हाईकोर्ट ने छोड़ने का फैसला सुनाया है। 

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पोस्ट से जुड़ा आर्काइव लिंक यहां देखा जा सकता है।

Fact Check/Verification

वायरल दावे का सच जानने के लिए हमने गूगल पर कुछ कीवर्ड्स के जरिए सर्च किया। इस दौरान हमें NDTV और AAJ TAK जैसे कई मीडिया संस्थानों द्वारा प्रकाशित की गई रिपोर्ट्स मिली। इन रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिक पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि सरकार इस मामले पर गंभीर रुप से कार्रवाई कर रही है, इस केस में सुनवाई करने जैसा कुछ नहीं है। साथ ही दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता से याचिका वापस लेने के लिए भी कहा था।

पड़ताल के दौरान हमें The Indian Express और NEWS18 द्वारा प्रकाशित लेख प्राप्त हुए। रिपोर्ट्स के मुताबिक किसानों को छोड़ने की याचिका दिल्ली हाईकोर्ट से पहले सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस याचिका को खारिज कर दिया था। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे की अगुआई वाली पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि केंद्र सरकार ने इस पूरे मामले को काफी गंभीरता से लिया है और वह सही तरीके से इस पर काम कर रही है। 

छानबीन को आगे बढ़ाते हुए हमने इस पूरे मामले पर दिल्ली पुलिस के पीआरओ अनिल मित्तल से बात की। उन्होंने हमें बताया कि गणतंत्र दिवस के मौके पर हुई हिंसा पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई जारी है। ये दावा महज एक अफ़वाह है, इस मामले से जुड़े किसी भी आरोपी को नहीं छोड़ा गया है। दिल्ली पुलिस को कोर्ट की तरफ से ऐसा कोई नोटिस भी नहीं मिला है। 

सर्च के दौरान हमें ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली जहाँ गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के आरोपियों को कोर्ट द्वारा छोड़े जाने का जिक्र किया गया हो। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने 26 जनवरी को हुई हिंसा पर कड़ी कार्रवाई करते हुए दीप सिद्धू और इकबाल सिंह सहित कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही दिल्ली पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए 24 आरोपियों की तस्वीरें भी जारी की हैं। 

Conclusion

हमारी पड़ताल में मिले तथ्यों के मुताबिक दिल्ली हाईकोर्ट ने 26 जनवरी को हुई हिंसा में पकड़े गए किसी भी आरोपी को छोड़ने का आदेश नहीं दिया है। बल्कि दिल्ली हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले में सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। साथ ही याचिकाकर्ता से याचिका वापस लेने के लिए भी कहा है। 

Result: False

Our Sources

News18-https://hindi.news18.com/news/nation/supreme-court-dismissed-the-petitions-filed-for-judicial-investigation-into-the-violence-on-26-january-3445342.html

Aajtak-https://www.aajtak.in/india/delhi/story/pil-filed-for-investigation-of-delhi-violence-rejected-by-high-court-1202775-2021-02-04

NDTV- https://khabar.ndtv.com/news/india/delhi-high-court-decline-to-hear-plea-on-26-january-violence-2362839#:~:text=26%20January%20Violence%20%3A%2026%20%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%80,%E0%A4%B8%E0%A5%87%20%E0%A4%87%E0%A4%A8%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%20%E0%A4%95%E0%A4%B0%20%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%20%E0%A4%B9%E0%A5%88.

Indian Express- https://indianexpress.com/article/cities/delhi/delhi-hc-dismisses-petition-seeking-release-of-illegally-detained-protesters-7171202/


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Pragya Shukla
Pragya has completed her Masters in Mass Communication, and has been doing content writing for the last four years. Due to bias and incomplete facts in mainstream media, she decided to become a fact-checker.

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