शुक्रवार, दिसम्बर 3, 2021
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क्या बांग्लादेश में हुई हालिया हिंसा में मारे गए इस्कॉन के पुजारियों की है यह वायरल तस्वीर?

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर यह दावा किया गया कि जिन ISKCON वालों ने ईद के दौरान मुस्लिमों के इफ्तार कार्यक्रम में हिस्सा लिया था मुस्लिमों ने उन्हें भी मार दिया.

वायरल दावे का आर्काइव वर्जन यहां देखा जा सकता है.

बीते दिनों भारत में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की खबरों की खूब चर्चा हुई. बांग्लादेश में हिन्दू समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्थाओं ने देश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा की कई तस्वीरें और वीडियो भी शेयर किया. भारत में हिन्दू समुदाय का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाली भाजपा के कई सदस्यों ने भी बांग्लादेश में हुई हिंसा का जमकर विरोध किया.

इस सन्दर्भ में हमने अपने फैक्ट चेक रिपोर्ट्स के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया कि कैसे सोशल मीडिया पर भावनात्मक अपील के साथ शेयर की जा रही हर जानकारी सही ही हो ऐसा जरुरी नहीं है. मसलन हमारी दो फैक्ट-चेक रिपोर्ट्स में हमने बांग्लादेश में हिंसा का दावा करने वाले एक फर्जी हैंडल का सच तथा हिन्दुओं के घरों में आगजनी का दावा करने वाले दो दावों का खंडन किया है. बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा की झूठी खबरों का सच, हमारी इन फैक्ट चेक रिपोर्ट्स में भी पढ़ा जा सकता है.

  1. Video of Accidental fire in Bangladesh House Shared With Communal Angle
  2. 2017 Image Of Woman In Tears Shared As Victim Of Recent Communal Attacks In Bangladesh
  3. Video From May 2021 Wrongly Linked To Bangladesh ISKCON Violence
  4. Viral Video Of ‘Hindu House’ Burning In Bangladesh’s Rangpur is Actually From Tripura
  5. Indian Media Cites Fake Twitter Page on B’desh Durga Puja Vandalism Coverage

इसी क्रम में सोशल मीडिया पर एक तस्वीर शेयर कर यह दावा किया गया कि जिन ISKCON वालों ने ईद के दौरान मुस्लिमों के इफ्तार कार्यक्रम में हिस्सा लिया था, मुस्लिमों ने उन्हें भी मार दिया.

Fact Check/Verification

‘जिन ISKCON वालों ने ईद के दौरान मुस्लिमों के इफ्तार कार्यक्रम में हिस्सा लिया, मुस्लिमों ने उन्हें भी मार दिया’ दावे के साथ शेयर की जा रही इस तस्वीर की पड़ताल के लिए हमने तस्वीर को गूगल पर ढूंढा. इस प्रक्रिया में हमें कई ऐसी रिपोर्ट्स प्राप्त हुईं, जिनसे यह बात साफ हो जाती है कि वायरल तस्वीर पिछले कई वर्षों से इंटरनेट पर मौजूद है.

जिन ISKCON वालों ने ईद के दौरान मुस्लिमों के इफ्तार कार्यक्रम में हिस्सा लिया मुस्लिमों ने उन्हें भी मार दिया.

ucanews.com नामक एक वेबसाइट द्वारा 4 जुलाई, 2016 को प्रकाशित एक लेख के अनुसार वायरल तस्वीर पश्चिम बंगाल के मायापुर के एक मंदिर की है जहां ISKCON से जुड़े लोगों ने ईद के दौरान एक इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन किया था.

‘जिन ISKCON वालों ने ईद के दौरान मुस्लिमों के इफ्तार कार्यक्रम में हिस्सा लिया, मुस्लिमों ने उन्हें भी मार दिया’ दावे के साथ शेयर की जा रही है पुरानी तस्वीर

‘iskcon iftar’ कीवर्ड्स को साल 2016 के परिणामों के बीच ढूंढने पर हमने पाया कि वायरल तस्वीर One India, ISKCON Truth, Anandabazar Patrika एवं Bangladesh Pratidin प्रकाशनों द्वारा भी 2016 में प्रकाशित की गई है. Bangladesh Pratidin द्वारा प्रकाशित लेख के रफ़ अंग्रेजी अनुवाद के अनुसार, “The Iftar party was also organized at the International Society for Krishna Consciousness (ISCON) in Mayapur, West Bengal. The Iftar was held at the Gita Bhavan premises in Iskcon on Wednesday evening. The ISKCON authorities organized this iftar on the occasion of the 50th anniversary of ISKCON established by Abhaycharan Bhaktivedanta Swami. At one time prayers were also performed there. The monks of Mayapur serve food to everyone present at Iftar.”

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा को लेकर @iskcon ने एक आधिकारिक बयान भी जारी किया है जिसमे बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं समेत ISKCON कार्यकर्ताओं पर हमले की भी बात कही गई है.

Conclusion

इस प्रकार हमारी पड़ताल में यह बात साफ हो जाती है कि ‘जिन ISKCON वालों ने ईद के दौरान मुस्लिमों के इफ्तार कार्यक्रम में हिस्सा लिया मुस्लिमों ने उन्हें भी मार दिया’ दावे के साथ शेयर की जा रही यह तस्वीर, बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा से संबंधित नहीं है बल्कि वायरल तस्वीर 2016 से ही इंटरनेट पर मौजूद है.

Result: Misleading

Our Sources

UCAnews

ISKCON Truth

Anandabazar Patrika

किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044 या ई-मेल करें: checkthis@newschecker.in

Saurabh Pandey
The reason why he chose to be a part of the Newschecker team lies somewhere between his passion and desire to surface the truth. The inception of social networking sites, misleading information, and tilted facts worry him. So, here he is ready to debunk any such fake story or rumor.
Saurabh Pandey
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