शुक्रवार, जुलाई 30, 2021
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महाराष्ट्र में बीजेपी नेता की पिटाई का वीडियो तेलंगाना के एम्बुलेंस ड्राइवर का बताकर सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है। वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी एक शख्स को पीटते हुए नजर आ रहे हैं। शख्स बार-बार प्लीज सर, प्लीज, कहते हुए ना मारने की गुहार लगा रहा है। इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है, “यह आदमी एक मुस्लिम एम्बुलेंस ड्राइवर है, जो तेलंगाना के निजामाबाद हॉस्पिटल में पेशेंट की ऑक्सीजन को बंद कर दिया करता था, ताकि इसकी एंबुलेंस का बिजनेस हो सके। यह व्यक्ति बहुत से मरीजों की मौत का कारण बना। पुलिस ने पकड़ा और इसका सही बिजनेस कर दिया।”

मुस्लिम एम्बुलेंस ड्राइवर
मुस्लिम एम्बुलेंस ड्राइवर का वीडियो

एम्बुलेंस ड्राइवर की पोस्ट से जुड़े आर्काइव लिंक को यहां पर देखा जा सकता है।

पोस्ट से जुड़े आर्काइव लिंक को यहां पर देखा जा सकता है।

Fact Check/Verification

वायरल हो रहे वीडियो का सच जानने के लिए हमने इसे InVID टूल की मदद से कीफ्रेम्स में बदला। फिर एक कीफ्रेम की सहायता से गूगल सर्च किया। इस दौरान हमें वायरल वीडियो से जुड़ी Hindustan Times की एक वीडियो रिपोर्ट मिली। जिसे 28 मई 2021 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक शेयर किया गया वीडियो महाराष्ट्र के जालना जिले में स्थित दीपक अस्पताल की एक घटना का है। 

वीडियो में नजर आ रहा शख्स, जालना बीजेपी युवा मोर्चा का महासचिव शिवराज नारियलवाले है। दरअसल दीपक अस्पताल में शिवराज के एक करीबी की मौत हो गई थी। परिजनों का कहना था कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण मौत हुई है। जिसके बाद गुस्से में शिवराज ने अस्पताल वालों से बदसलूकी की और वहां पर हंगामा करना शुरू कर दिया। मामले को शांत कराने के लिए वहां पर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने मामले को शांत कराने के लिए बल का प्रयोग किया। जिसके बाद शिवराज की पिटाई का वीडियो वायरल हो गया।

प्राप्त जानकारी के आधार पर हमने गूगल पर कुछ कीवर्ड्स के जरिए सर्च किया। इस दौरान हमें वायरल वीडियो से जुड़ा एक ट्वीट ANI के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर मिला। ANI ने शिवराज की कुछ तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा था, “10 अप्रैल को अस्पताल में एक मरीज की मौत हो गई थी। जिसके बाद बीजेपी युवा मोर्चा के महासचिव शिवराज नारियलवाले ने अपने परिजनों के साथ मिलकर अस्पताल में तोड़फोड़ की। जिसे रोकने के लिए इंस्पेक्टर प्रशांत महाजन ने बल का प्रयोग किया।

पड़ताल के दौरान हमें यह वीडियो कई बीजेपी नेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी मिला। जिसे 28 मई को अमानवीय घटना और पुलिस का दुर्व्यवहार बताते हुए शेयर किया था। साथ ही पूरी घटना पर महाराष्ट्र सरकार को जल्द से जल्द एक्शन लेने के लिए कहा था।

तेलंगाना के एम्बुलेंस ड्राइवर का नहीं है वायरल वीडियो –

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने भी इस पूरी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एक पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने मामले को संज्ञान में लेने के लिए और जल्द से जल्द कार्रवाई करने के लिए कहा था। जिसके बाद 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। प्राप्त तथ्यों से यह तो साफ होता है कि ये वीडियो तेलंगाना के एम्बुलेंस ड्राइवर का नहीं है।

एम्बुलेंस ड्राइवर

Conclusion

हमारी पड़ताल में मिले तथ्यों के मुताबिक वायरल वीडियो के लेकर किया जा रहा दावा गलत है। वीडियो तेलंगाना के मुस्लिम एम्बुलेंस ड्राइवर का नहीं है। वीडियो में नजर आ रहा शख्स महाराष्ट्र बीजेपी का नेता है। जिसका वीडियो अब गलत दावे के साथ शेयर किया जा रहा है।

Read More : क्या राजस्थान में हो रही है ऑक्सीजन की बर्बादी? करीब एक साल पुराना वीडियो गलत दावे के साथ हो रहा है वायरल

Result: False

Claim Review: मरीजों का ऑक्सीजन बंद करने पर मुस्लिम एम्बुलेंस ड्राइवर की हुई पिटाई।
Claimed By: Arun kumar
Fact Check: False

Our Sources

Twitter –https://twitter.com/ANI/status/1397967939819560960

Twiiter –https://twitter.com/ChitraKWagh/status/1397797794220445696

Twiiter –https://twitter.com/Sunil_Deodhar/status/1397885013924876297

 Indian Express –https://www.newindianexpress.com/nation/2021/may/28/five-cops-suspended-for-beating-up-bjp-worker-in-maharashtras-jalna-2308884.html

Youtube –https://www.youtube.com/watch?v=6dBJX4BjmJk


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Pragya Shukla
Pragya has completed her Masters in Mass Communication, and has been doing content writing for the last four years. Due to bias and incomplete facts in mainstream media, she decided to become a fact-checker.

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