मंगलवार, सितम्बर 27, 2022
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मुसलमानों ने नहीं किया फरीदाबाद के किसी भी मंदिर पर पथराव, शेयर करने से पहले पढ़ें पूरी खबर

Claim

@narendramodi जी,आजकल ये डरे हुए सुवर के पिल्ले कहीं शिवलिंग पर पेशाब कर रहे हैं, कहीं मंदिर तोड़ रहे हैं अब देखिए फरीदाबाद में मंदिर में पूजा कर रहे लोगों पर पथराव कर रहे हैं…
जल्दी इनकी पहचान करवा कर इन्हें scholorship दिलवाइये और IAS बनवाइये
यही हैं डूबते भारत का भविष्य।

Verification
सोशल मीडिया में साम्प्रदायिक उन्माद बढ़ाने के लिए अक्सर कई सन्देश शेयर किए जाते हैं। देश के कुछ कोनों से मंदिर तोड़े जाने की ख़बरों के सामने आने के बाद इस तरह के सन्देश तेजी से वायरल होते देखे जा रहे हैं। एक वायरल सन्देश में कहा गया है कि फरीदाबाद में फिर से मुसलामानों ने मंदिर तोड़ दी है।
पीएम नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए एक ट्वीट द्वारा सवाल भी किया गया है। इस बाबत जब पड़ताल आरम्भ की तो एक और ट्वीट मिला जिसमें यही बात कही गई है।
गूगल खंगालने पर कहीं भी इस तरह की कोई ख़बर नज़र नहीं आई जिससे यह साबित हो पाता कि फरीदाबाद में मुसलमानों ने मंदिर पर पथराव किया है।
खबर की तह तक जाने के लिए हमने खोज जारी रखी। इसी बीच हमें यूट्यूब पर एक लिंक प्राप्त हुआ। इस लिंक में भी वायरल सन्देश वाला दावा किया गया था। वीडियो को ध्यान से देखने पर पता चला कि जिस मकान या घर पर कुछ लोग पत्थरबाजी कर रहे हैं असल में वह मंदिर हो ही नहीं सकता। मकान के आसपास बनी जालियां और गुम्बद देखने पर पता चला कि यह एक मस्जिद है।
हालांकि टोपी पहने लोग मस्जिद पर पथराव क्यों करेंगे यह बात अभी साफ नहीं थी। यूट्यूब पर कई वीडियो और उनपर किए गए कई कमेंट्स देखने पर पता चला कि यह शिया सुन्नी विवाद का वीडियो है। जहां एक गुट मस्जिद पर पथराव कर रहा है।
मामला चूंकि फरीदाबाद का था इसलिए वहां के एक पुलिस अधिकारी से दूरभाष पर संपर्क किया। उन्होंने बताया कि अटाली- बल्लभगढ़ में साल 2015 में एक साम्प्रदायिक घटना घटित हुई थी। लेकिन फिलहाल माहौल पूरी तरह से शांत है और यह वीडियो फिलहाल का नहीं है।
साल 2015 में फरीदाबाद के अटाली गाँव में एक जमीन पर मस्जिद बनाने को लेकर दो समुदायों के बीच टकराव हो गया था। इस टकराव में कई मुस्लिम परिवारों को कई सप्ताह तक घर भी छोड़ना पड़ा था। पूरी रिपोर्ट यहाँ देख सकते हैं।
काफी खंगालने पर भी यह साबित नहीं हो पाया कि यह वीडियो हाल के दिनों की है। यह वीडियो कई तरह के दावों के साथ यूट्यूब पर मौजूद है।
Tools Used
  • InVID
  • Google Reverse Image
  • Twitter Advanced Search
  • Google Keywords Search

Result- Misleading

JP Tripathi
JP Tripathi
Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.
JP Tripathi
JP Tripathi
Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

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