गुरूवार, दिसम्बर 1, 2022
गुरूवार, दिसम्बर 1, 2022

होमFact Checkऔरैया में हुई साधुओं की हत्या से जुड़ी पुरानी खबर गलत दावे...

औरैया में हुई साधुओं की हत्या से जुड़ी पुरानी खबर गलत दावे के साथ सोशल मीडिया में वायरल

Claim
औरैया में साधुओं की हत्या करने वाले निकले गौहत्यारे। भारतीय मीडिया नहीं दिखा रहा खबर।
Verification
यूपी के औरैया जिले में साधुओं की निर्मम हत्या में गोहत्यारे शामिल हैं। ट्वीटर पर इसी आशय से किया गया एक ट्वीट तेजी से वायरल हो रहा है। ट्वीट में कहा गया है कि ‘औरैया में साधुओं की निर्मम हत्या करने वाले निकले ‘गोहत्यारे, शिकायत का बदला लेने के लिए जीभ भी काट दी। अब सेक्युलर मीडिया, तुष्टिकरण की राजनीति करने वालो के मुँह सिल जाएंगे। अब इतनी बड़ी लिंचिंग भी नही दिखेगी इन लोगों को। इस मामले 5 जिहादी गिरफ्तार, बाकी फरार #मीडिया मामले को दबा रही है।
ट्वीट की सत्यता जांचने के लिए पड़ताल आरम्भ की। क्या वाकई यूपी के औरैया जिले में साधुओं की हत्या जैसी खबर को मीडिया ने नहीं दिखाया? इन्हीं सवालों के जवाब पाने के लिए गूगल खंगालना आरम्भ किया। इस दौरान हमारा सामना कई ऐसी ख़बरों से हुआ जिनमें औरैया के साधुओं की हत्या का जिक्र किया गया था।
ट्वीट में जिन 2 अख़बारों की कटिंग को जोड़कर दावा किया जा रहा है असल में वह एक साल पुराना है। औरैया में साधुओं की हत्या हुई थी लेकिन यह घटना साल 2018 की है। पड़ताल के दौरान ETV UP का एक वीडियो प्राप्त हुआ। वीडियो में पूरी घटना के बारे में जिक्र हुआ है।
22 अगस्त साल 2018 को NDTV द्वारा अपलोड की गई एक वीडियो में बताया गया है कि गाँव के कुछ लोगों द्वारा पास के मंदिर के 3 पुजारियों को बेरहमी से मारा गया। हमले में 2 साधुओं की मौत और एक की हालत गंभीर बताई गई है।
खबर की तह तक जाने के लिए की गई पड़ताल के दौरान दैनिक जागरण की एक खबर प्राप्त हुई। जागरण ने अपने शीर्षक ‘औरैया में साधुओं की हत्या करने के आरोप में पांच गोकश गिरफ्तार‘ के माध्यम से पूरी घटना को विस्तार से लिखा है। इस पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कड़ी कार्रवाई के आदेश तो दिए ही थे साथ ही मुवावजे का भी ऐलान किया था। इस खबर को देश की मीडिया के साथ कई अंतर्राष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने भी कवर किया था।
हमारी पड़ताल में यह साफ़ हो गया कि ट्विटर पर औरैया में हुई साधुओं की हत्या के बारे में किया जा रहा दावा सही है। लेकिन एक साल पुराना है। इस घटना को हालिया घटना बताकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है।

Tools Used

  • Google Reverse Image
  • Google Keywords Search

Result

Misleading

JP Tripathi
JP Tripathi
Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.
JP Tripathi
JP Tripathi
Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular