मंगलवार, सितम्बर 21, 2021
मंगलवार, सितम्बर 21, 2021
होमFact Checkराजस्थान के वीडियो को उत्तर प्रदेश का बताकर दिया जा रहा है...

राजस्थान के वीडियो को उत्तर प्रदेश का बताकर दिया जा रहा है सांप्रदायिक रंग, पढ़ें क्या है सच

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर यह दावा किया गया कि बरेली पुलिस द्वारा चालान काटने पर मुस्लिमों ने पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की.

शेयर किए जा रहे वीडियो में कुछ लोग बीच सड़क पर पुलिसकर्मियों को पीटते नज़र आ रहे हैं। यह वीडियो ट्विटर समेत फेसबुक पर भी ख़ासा शेयर किया जा रहा है।

बरेली पुलिस द्वारा चालान काटने पर मुस्लिमों ने पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की.

अगर आप सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं तो आपको भी तमाम ऐसे दावे देखने को मिले होंगे जिन्हें सांप्रदायिक रंग देकर शेयर किया जाता है. हमने अपनी कई फैक्ट-चेक रिपोर्ट्स में यह जानकारी दी है कि कैसे एक मारपीट या अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों को सांप्रदायिक रंग देकर नफरत फैलाई जाती है.

आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर उक्त वीडियो के साथ शेयर किया जा रहा यह मैसेज साल 2021 के जनवरी महीने में एक अन्य वीडियो के साथ वायरल हुआ था. तब न्यूज़चेकर की पड़ताल में यह वीडियो गाजियाबाद का पाया गया था. 2018 की इस घटना में पुलिस की पिटाई चालान काटने की वजह से नहीं बल्कि एक बैंककर्मी के साथ स्थानीय लोगों के विवाद के कारण हुई थी. इस वीडियो को भी सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक रंग देकर शेयर किया गया था.

Fact Check/Verification

बरेली में मुस्लिमों द्वारा पुलिस की पिटाई के नाम पर वायरल हो रहे अब इस नए वीडियो की पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले इसे की-फ्रेम्स में बांटा औ एक की-फ्रेम को गूगल पर ढूंढा. नतीजों में हमें कुछ अन्य दावों के अलावा कोई ठोस जानकारी प्राप्त नहीं हुई.

इसके बाद हमने ‘बीच सड़क पर भीड़ द्वारा पुलिस की पिटाई’ कीवर्ड्स को यूट्यूब पर ढूंढा, जहां हमें आज तक की इकाई राजस्थान तक के आधिकारिक चैनल द्वारा प्रकाशित एक वीडियो प्राप्त हुआ, जिसे करीब 3 महीने पहले अपलोड किया गया था.

इस वीडियो के विवरण में लिखा गया है कि भरतपुर जिले में हरियाणा पुलिस की पिटाई का वायरल वीडियो सामने आया। वीडियो करीब महीने भर ( फ़रवरी 2021) पुराना बताया जा रहा है। हरियाणा पुलिस, राजस्थान के भरतपुर जिले में एक मामले की जांच के लिए पहुंची थी, लेकिन लौटते वक्त पुलिस की जीप से एक युवक टकरा गया जिसके बाद स्थानीय लोगों ने हरियाणा पुलिस के जवानों को लाठी-डंडों से खूब पीटा।

उक्त यूट्यूब वीडियो में दी गई जानकारी के आधार पर हमने कुछ अन्य कीवर्ड्स को गूगल पर ढूंढा. जिसके बाद हमें दैनिक भास्कर, ETV Bharat तथा One India द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट्स प्राप्त हुईं. बता दें कि उक्त संस्थानों द्वारा वायरल वीडियो को लेकर प्रकाशित की गई जानकारी के अनुसार, हरियाणा पुलिस एक प्रेमी जोड़े की तलाश में जुरहरा थाने जा रही थी. इसी बीच उनकी गाड़ी एक व्यक्ति से जा टकराई. गाड़ी टकराने के बाद स्थानीय लोगों की हरियाणा पुलिस के साथ बहस हुई और ये बहस देखते ही देखते मारपीट में बदल गई.

यह वीडियो इससे पहले राजस्थान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय मुस्लिमों द्वारा पुलिस की पिटाई के नाम पर भी वायरल हो चुका है जिसको लेकर हमारी फैक्ट-चेक रिपोर्ट यहां पढ़ी जा सकती है.

वायरल वीडियो को लेकर इसी साल मार्च महीने में अपनी पड़ताल के दौरान हमने भरतपुर पुलिस से भी बात की थी. बातचीत में हमें यह जानकारी दी गई कि भरतपुर के ADG सुनील दत्त मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवाई कर रहे हैं. भरतपुर पुलिस ने यह भी बताया कि वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं है बल्कि एक महीने पुराना है और वीडियो के साथ किया जा रहा सांप्रदायिक दावा गलत है. राजस्थान के भरतपुर में पूछताछ करने आई हरियाणा पुलिस की कार से एक शख्स को ठोकर लग गई थी. जिसके बाद स्थानीय लोगों ने आक्रोशित होकर पुलिसकर्मियों को पीट दिया था.

इसके अलावा हमें राजस्थान पुलिस का एक ट्वीट भी प्राप्त हुआ जिसमें इस वीडियो के बारे में जानकारी दी गई थी. जिससे पुष्टि हो जाती है कि वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश के बरेली का नहीं बल्कि राजस्थान के भरतपुर का है.

Conclusion

इस प्रकार हमारी पड़ताल में यह बात साफ हो जाती है कि बरेली पुलिस द्वारा चालान काटने पर मुस्लिमों द्वारा उनके साथ मारपीट करने का दावा भ्रामक है. वायरल वीडियो राजस्थान के भरतपुर का है जहां हरियाणा पुलिस की गाड़ी से एक युवक की टक्कर हो जाने के बाद स्थानीय लोगो ने पुलिसकर्मियों की पिटाई कर दी थी.

Result: Misleading


Our Sources

YouTube video by AajTak

Bharatpur Police


किसी संदिग्ध ख़बर की पड़ताल, संशोधन या अन्य सुझावों के लिए हमें WhatsApp करें: 9999499044  या ई-मेल करें: checkthis@newschecker.in

Saurabh Pandey
The reason why he chose to be a part of the Newschecker team lies somewhere between his passion and desire to surface the truth. The inception of social networking sites, misleading information, and tilted facts worry him. So, here he is ready to debunk any such fake story or rumor.

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular