गुरूवार, दिसम्बर 1, 2022
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प्रियंका गाँधी द्वारा हालिया बाढ़ के नाम पर शेयर की गईं पुरानी तस्वीरें

 Claim:

असम, बिहार और यूपी के कई क्षेत्रों में आई बाढ़ से जनजीवन अस्त व्यस्त है। लाखों लोगों पर संकट के बादल छाए हुए हैं।

 Verification:

बाढ़ आती तो जमीन पर है, लेकिन आम जनता से सीधा सरोकार रखने वाली इस प्राकृतिक आपदा की जानकारी मीडिया के माध्यम से ही पाती है. वर्तमान समय में असम और बिहार जैसे कई राज्य बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं. ऐसे में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने 2 तस्वीरें शेयर कर बाढ़ग्रस्त राज्यों के अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से बाढ़ पीड़ितों की पूरी सहायता का आश्वासन दिया. तस्वीरें शेयर करते हुए प्रियंका गांधी ने लिखा कि “असम, बिहार और यूपी के कई क्षेत्रों में आई बाढ़ से जनजीवन अस्त व्यस्त है। लाखों लोगों पर संकट के बादल छाए हुए हैं। बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए हम तत्पर हैं। मैं कांग्रेस कार्यकर्ताओं व नेताओं से अपील करती हूं कि प्रभावित लोगों की मदद करने का हर संभव प्रयास करें।” यहां तक तो सब कुछ ठीक था क्योंकि प्रियंका गांधी द्वारा किया गया बाढ़ का दावा सर्वविदित है। लेकिन प्रियंका गांधी ने बाढ़ग्रस्त राज्यों में बाढ़ की मार दिखाने के लिए जिन तस्वीरों का प्रयोग किया उनकी पड़ताल के लिए कुछ यूजर्स ने हमसे अनुरोध किया था.


प्रियंका गांधी द्वारा किये गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट

प्रियंका गांधी द्वारा शेयर की गई दोनों तस्वीरों की हमने चरणबद्ध पड़ताल शुरू की.

प्रियंका गांधी द्वारा शेयर की गई पहली तस्वीर की पड़ताल:

प्रियंका गांधी द्वारा शेयर की गई पहली तस्वीर को जब हमने गूगल पर ढूंढा तो ऑटो-जनरेटेड कीवर्ड्स के माध्यम से हमें यह पता चला कि वायरल तस्वीर हालिया दिनों में असम में आई बाढ़ से संबंधित नहीं है.



गूगल सर्च से प्राप्त परिणामों के अध्ययन से हमें पता चला कि वायरल तस्वीर पिछले साल असम में आई बाढ़ से संबंधित है. इस विषय पर प्राप्त अधिकतर मीडिया रिपोर्ट्स इस बात की तरफ इशारा करते हैं कि वायरल तस्वीर पुरानी है.



कुछ ऐसी ही मीडिया रिपोर्ट्स नीचे पढ़ी जा सकती है.

https://www.dnaindia.com/india/report-assam-floods-28-districts-over-50-lakh-people-affected-2773508


https://in.news.yahoo.com/death-toll-assam-bihar-floods-015800544.html


https://www.patrika.com/opinion/flood-and-govt-policy-4972680/


इस प्रकार हमारी पड़ताल में यह साबित होता है कि प्रियंका गांधी ने जिस तस्वीर को वर्तमान में असम, बिहार और यूपी राज्यों में आई बाढ़ के नाम पर शेयर किया वह दरअसल पुरानी है.


प्रियंका गांधी द्वारा शेयर की गई दूसरी तस्वीर की पड़ताल:

पहली तस्वीर की ही तर्ज पर जब हमने दूसरी तस्वीर को गूगल सर्च किया तो हमें यह पता चला कि वायरल तस्वीर काफी पहले से ही इंटरनेट पर मौजूद है.



गूगल सर्च से प्राप्त परिणामों का अध्ययन करने के बाद हमें यह भी पता चला कि वायरल तस्वीर पिछले करीब 3 वर्षों से इंटरनेट पर मौजूद है.



एक अन्य मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वायरल तस्वीर 2017 में बिहार में आई बाढ़ के वक्त की है जब अररिया में एक व्यक्ति ने केले की नाव बनाकर बाढ़ के प्रकोप से बचने का प्रयास किया था.



इस विषय पर मीडिया द्वारा प्रकाशित अन्य रिपोर्ट्स को नीचे पढ़ा जा सकता है. गौरतलब है कि सभी मीडिया रिपोर्ट्स इस बात की पुष्टि करती हैं कि वायरल तस्वीर 2017 में आई बाढ़ से संबंधित है.

https://scroll.in/latest/847240/in-photos-flood-situation-worsens-in-bihar-west-bengal-assam-rail-and-road-services-disrupted


https://www.thequint.com/news/india/flood-deaths-in-india


https://www.hindustantimes.com/india-news/floods-in-bihar-assam-bengal-train-services-hit/story-2ONGYWWBXp5ErnCwAvWnzO.html


https://english.newsnationtv.com/india/news/heavy-rains-claim-41-lives-in-bihar-10-in-assam-paralyses-west-bengal-179545.html


हमारी पड़ताल में यह साबित होता है कि प्रियंका गांधी द्वारा शेयर की गई दूसरी तस्वीर भी वर्तमान में आये बाढ़ के प्रकोप की नहीं है.

इस प्रकार हमारी पड़ताल में यह साबित होता है कि वर्तमान में यूपी, बिहार और असम बाढ़ के प्रकोप से जूझ रहे हैं। लेकिन प्रियंका गांधी द्वारा इस प्रकोप को दिखाने के लिए जो तस्वीरें इस्तेमाल की गई हैं वो वर्तमान में आयी आपदा से संबंधित नहीं हैं.

Sources

Media Reports

Result: Misleading

JP Tripathi
JP Tripathi
Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.
JP Tripathi
JP Tripathi
Since 2011, JP has been a media professional working as a reporter, editor, researcher and mass presenter. His mission to save society from the ill effects of disinformation led him to become a fact-checker. He has an MA in Political Science and Mass Communication.

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